CMDC JNARDDC MoU के साथ छत्तीसगढ़ ने देश के खनिज क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “क्रिटिकल मिनरल मिशन” और “आत्मनिर्भर भारत” के विजन को आगे बढ़ाते हुए छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CMDC) और जवाहरलाल नेहरू एल्युमिनियम अनुसंधान, विकास एवं डिजाइन केंद्र (JNARDDC), नागपुर के बीच महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह साझेदारी राज्य में क्रिटिकल मिनरल्स के अनुसंधान, वैज्ञानिक खनन और मूल्य संवर्धन को नई दिशा देगी।
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CMDC JNARDDC MoU क्यों है महत्वपूर्ण?
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हुए इस समझौते को राज्य के खनिज क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। यह एमओयू CMDC के अध्यक्ष सौरभ सिंह, खनिज साधन विभाग के सचिव पी. दयानंद तथा प्रबंध संचालक रजत बंसल के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
इस साझेदारी का उद्देश्य खनिज संसाधनों का वैज्ञानिक, सतत और मूल्यवर्धित उपयोग सुनिश्चित करना है, ताकि आधुनिक तकनीकों के माध्यम से राज्य की खनिज संपदा का अधिकतम लाभ मिल सके।
CMDC JNARDDC MoU से क्रिटिकल मिनरल्स अनुसंधान को मिलेगी नई दिशा
इस एमओयू के तहत दोनों संस्थान मिलकर वैज्ञानिक अनुसंधान, खनन तकनीक, खनिज संसाधनों के मूल्य संवर्धन और क्रिटिकल मिनरल्स के विकास पर कार्य करेंगे।
यह पहल विशेष रूप से उन खनिजों पर केंद्रित होगी, जिनका उपयोग रक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक वाहन, नवीकरणीय ऊर्जा और उच्च तकनीकी उद्योगों में तेजी से बढ़ रहा है।
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अनुसंधान में आधुनिक तकनीक का होगा उपयोग
कार्यक्रम में जेएनएआरडीडीसी के वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक एवं विभागाध्यक्ष डॉ. उपेंद्र सिंह ने बताया कि संस्थान रेड मड से गैलियम और वैनेडियम तथा बॉक्साइट के उप-उत्पादों से स्कैंडियम की रिकवरी पर महत्वपूर्ण अनुसंधान कर रहा है।
उन्होंने कहा कि ऐसे अनुसंधान भारत को क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।
अधिकारियों ने बताई CMDC JNARDDC MoU की अहमियत
एमओयू एक्सचेंज कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं भारतीय खान ब्यूरो (IBM) के कंट्रोलर जनरल तथा जेएनएआरडीडीसी के निदेशक पंकज कुलश्रेष्ठ ने कहा कि अनुसंधान आधारित खनिज विकास, तकनीकी नवाचार और संस्थागत सहयोग भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
भारतीय खान ब्यूरो के कंट्रोलर ऑफ माइंस डॉ. बी.एल. गुर्जर ने भी CMDC और खनिज साधन विभाग के बीच बेहतर समन्वय की सराहना करते हुए इसे राज्य के खनिज क्षेत्र के विकास के लिए सकारात्मक कदम बताया।
CMDC ने प्रस्तुत की 25 वर्षों की विकास यात्रा
कार्यक्रम में CMDC के महाप्रबंधक यू.के. कुरैशी ने निगम की 25 वर्षों की उपलब्धियों, प्रमुख खनिज परियोजनाओं और भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में उपलब्ध खनिज संसाधनों के वैज्ञानिक और समावेशी उपयोग के लिए निगम लगातार कार्य कर रहा है। वहीं रीजनल कंट्रोलर ऑफ माइंस प्रेम प्रकाश ने CMDC की टिन एवं कोरंडम परियोजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि इनसे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़े हैं तथा खनिज क्षेत्र में पारदर्शिता मजबूत हुई है।
राज्य के औद्योगिक विकास को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि CMDC JNARDDC MoU से राज्य में खनिज आधारित उद्योगों को नई गति मिलेगी। वैज्ञानिक अनुसंधान के माध्यम से खनिजों का बेहतर उपयोग होगा, जिससे मूल्य संवर्धन, निवेश, रोजगार और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
यह समझौता प्रधानमंत्री के क्रिटिकल मिनरल मिशन और आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूत करने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी खनिज अनुसंधान राज्यों में शामिल करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
CMDC JNARDDC MoU केवल एक औपचारिक समझौता नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ के खनिज क्षेत्र के भविष्य की मजबूत नींव है। इस साझेदारी से क्रिटिकल मिनरल्स पर अनुसंधान, आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक खनन और संसाधनों के मूल्य संवर्धन को नई दिशा मिलेगी। आने वाले वर्षों में यह पहल राज्य के औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और आर्थिक प्रगति को गति देने के साथ भारत को क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
