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एक अक्टूबर से ई-कोर्ट के माध्यम से ही निराकृत होंगे  राजस्व के मामले, शहरी इलाकों में चलेगा पट्टा वितरण अभियान

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रायपुर (छत्तीसगढ़)। राज्य में राजस्व के मामलों के पंजीयन से लेकर उनके निराकरण तक की स्थिति में तत्तपरता एवं पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से आगामी एक अक्टूबर से राजस्व ई-कोर्ट प्रणाली अनिवार्य रूप से लागू की जाएगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस संबंध में सभी कलेक्टरों को आज वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। राज्य में एक अक्टूबर से राज्य में ई कोर्ट के दस्तावेज ही मान्य होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 7500 वर्ग फीट तक की नजूल भूमि के आबंटन तथा 5000 वर्ग फीट तक के डायवर्सन के मामलों को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के दायरे में शामिल किया जा रहा है। उन्होंने राजीव गांधी आश्रय योजना के तहत शहरी इलाकों में पट्टा वितरण की स्थिति की समीक्षा करते हुए कलेक्टरों को पात्र हितग्राहियों को अभियान संचालित कर भू-स्वामी अधिकार दिए जाने की कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि राजीव गांधी आश्रय योजना के तहत अब तक एक लाख 19 हजार आवेदन मिले हैं जिसमें से 26 हजार आवेदन स्वीकृत किए है। 1984 में वितरित पट्टों का नवीनीकरण तथा भूमि स्वामी अधिकार प्रदान करने के संबंध में कलेक्टरों को तत्परता से कार्रवाई के निर्देश दिए गए।