Bhoramdev Eco Trail का शुभारंभ छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले स्थित भोरमदेव अभ्यारण्य में किया गया। उप मुख्यमंत्री एवं वन मंत्री विजय शर्मा ने वन महोत्सव के अवसर पर जंगल सफारी और Bhoramdev Eco Trail की शुरुआत करते हुए लगभग 6 किलोमीटर लंबी ट्रेल पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, वन विभाग के कर्मचारियों और ग्रामीणों के साथ पैदल भ्रमण किया।
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इस पहल का उद्देश्य प्रकृति संरक्षण, जैव विविधता का संवर्धन, इको-टूरिज्म को बढ़ावा देना और स्थानीय समुदायों को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना है। सरकार का मानना है कि पर्यावरण को बिना नुकसान पहुंचाए पर्यटन को बढ़ावा देना ही सतत विकास का आधार है।
Bhoramdev Eco Trail में मिलेगा जंगल के बीच रोमांचक अनुभव
वन विभाग द्वारा विकसित Bhoramdev Eco Trail लगभग 6 किलोमीटर लंबी है, जिसे पूरा करने में करीब 3 से 4 घंटे का समय लगता है।
इस ट्रेल के दौरान पर्यटक घने जंगलों, प्राकृतिक नजारों, विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों, तितलियों और औषधीय वनस्पतियों को करीब से देख सकेंगे। प्रशिक्षित नेचर गाइड पर्यटकों को सुरक्षित वन भ्रमण के साथ क्षेत्र की जैव विविधता और स्थानीय संस्कृति की जानकारी भी देंगे।
वन विभाग के अनुसार यह ट्रेल जिम्मेदार पर्यटन (Responsible Tourism) की अवधारणा पर आधारित है, जिसमें पर्यावरण संरक्षण के साथ स्थानीय लोगों को आर्थिक लाभ भी मिलेगा।
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Bhoramdev Eco Trail से स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार
इको-टूरिज्म बनेगा रोजगार का नया माध्यम
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि भोरमदेव क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है और पर्यटन दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में से एक है।
उन्होंने कहा कि जंगल सफारी शुरू होने के बाद अब Bhoramdev Eco Trail पर्यटकों को एक नया अनुभव देगी। इससे होटल, वाहन, हस्तशिल्प, खान-पान और अन्य स्थानीय व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने बताया कि कई युवा पहले से ही जंगल सफारी में नेचर गाइड के रूप में कार्य कर रहे हैं और भविष्य में ऐसे रोजगार के अवसर और बढ़ेंगे।
प्राकृतिक धरोहर की सुरक्षा पर दिया जोर
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि भोरमदेव का विकास तभी सफल होगा, जब स्थानीय लोग इसे अपनी धरोहर मानकर इसकी सुरक्षा करेंगे।
उन्होंने सभी नागरिकों और पर्यटकों से पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और जैव विविधता के संरक्षण में सहयोग करने की अपील की।
स्वदेश दर्शन योजना से बदलेगी भोरमदेव की तस्वीर
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना के तहत भोरमदेव क्षेत्र के समग्र पर्यटन विकास के लिए 146 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
इस राशि से प्रवेश द्वार, पर्यटक शेड, संग्रहालय, आधुनिक पार्क, पार्किंग, मेला स्थल, छेरकी महल, मड़वा महल, रामचूंआ और सरोदा बांध सहित कई पर्यटन स्थलों का विकास किया जा रहा है।
सरकार का लक्ष्य भोरमदेव को राष्ट्रीय स्तर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल करना है।
हर शनिवार और रविवार होगी Bhoramdev Eco Trail
₹1000 शुल्क में मिलेगा नेचर गाइड के साथ भ्रमण
वन मंडलाधिकारी निखिल अग्रवाल ने बताया कि Bhoramdev Eco Trail का संचालन करियाआमा गेट स्थित भोरमदेव ईको कैंप से प्रत्येक शनिवार और रविवार किया जाएगा।
इस दौरान प्रतिभागियों को प्रशिक्षित नेचर गाइड के साथ जंगल भ्रमण कराया जाएगा, जहां वे पेड़-पौधों, औषधीय वनस्पतियों, वन्यजीवों, स्थानीय भोजन और भोरमदेव मंदिर विरासत परिसर की जानकारी प्राप्त करेंगे।
इस ट्रेल में भाग लेने के लिए प्रति व्यक्ति ₹1000 शुल्क निर्धारित किया गया है।
वन महोत्सव में पौधारोपण और सोलर लालटेन वितरण
कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने करिया आमा ग्राम में 51 काला आम के पौधों का रोपण कर काला आम उपवन की स्थापना की।
इसके साथ ही जिले में 50 हजार सीड बॉल अभियान और एक लाख पौधों के वितरण अभियान की शुरुआत की गई। बैगा समुदाय के 100 हितग्राहियों को सोलर लालटेन और जैकेट भी वितरित किए गए।
Bhoramdev Eco Trail की शुरुआत कबीरधाम जिले को इको-टूरिज्म के नए मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। 6 किलोमीटर लंबी ट्रेल, प्रशिक्षित नेचर गाइड, प्राकृतिक जैव विविधता और स्वदेश दर्शन योजना के तहत हो रहे विकास कार्य इस क्षेत्र को पर्यटन का नया केंद्र बना सकते हैं। Bhoramdev Eco Trail से न केवल पर्यटकों को अनूठा अनुभव मिलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी।
