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Babita Yadav Prosthetic Leg: आधुनिक कृत्रिम पैर से बदली जिंदगी, अब आत्मविश्वास के साथ जी रहीं सामान्य जीवन

Babita Yadav Prosthetic Leg की प्रेरणादायक कहानी बताती है कि समय पर मिली सहायता किसी व्यक्ति के जीवन को नई दिशा दे सकती है। रायगढ़ जिले की 27 वर्षीय बबीता यादव, जिन्होंने वर्ष 2025 में एक गंभीर दुर्घटना के बाद अपना बायां पैर खो दिया था, अब आधुनिक कृत्रिम पैर की मदद से आत्मविश्वास के साथ सामान्य जीवन जी रही हैं। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के प्रयास और जिला प्रशासन की त्वरित पहल से उन्हें दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई, जिससे उनका कृत्रिम पैर लगवाया जा सका।

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Babita Yadav Prosthetic Leg: दुर्घटना के बाद आईं कठिन चुनौतियां

रायगढ़ जिले के ग्राम मुरालपाली निवासी बबीता यादव के साथ वर्ष 2025 में एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना हुई थी। दुर्घटना के बाद उनके बाएं पैर में गंभीर संक्रमण हो गया।

चिकित्सकों के अनुसार संक्रमण हड्डियों तक फैल चुका था। ऐसे में 27 जनवरी 2025 को उनका बायां पैर काटना पड़ा। इस घटना के बाद उनके सामने शारीरिक, मानसिक और सामाजिक स्तर पर कई चुनौतियां खड़ी हो गईं और उनका सामान्य जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया।


Babita Yadav Prosthetic Leg: वित्त मंत्री और जिला प्रशासन ने की मदद

विपरीत परिस्थितियों के बावजूद बबीता यादव ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी तथा जिला प्रशासन से कृत्रिम पैर लगवाने के लिए सहायता की मांग की।

उनकी स्थिति को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए ताकि बबीता को जल्द से जल्द कृत्रिम पैर उपलब्ध कराया जा सके।

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रायपुर में लगाया गया आधुनिक कृत्रिम पैर

जिला प्रशासन के समन्वय से रायपुर स्थित इंडो लाइट्स संस्थान में बबीता यादव को आधुनिक कृत्रिम पैर लगाया गया।

कृत्रिम पैर लगने के बाद उनके जीवन में उल्लेखनीय बदलाव आया। अब वे सहज रूप से चल-फिर रही हैं, अपने दैनिक कार्य स्वयं कर रही हैं और आत्मनिर्भर होकर सामान्य जीवन व्यतीत कर रही हैं।


Babita Yadav Prosthetic Leg से लौटा आत्मविश्वास

बबीता यादव ने कहा कि कृत्रिम पैर मिलने के बाद उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है जैसे उनका जीवन फिर से पटरी पर लौट आया हो।

उन्होंने बताया कि पहले जहां रोजमर्रा के छोटे-छोटे कार्य भी कठिन लगते थे, वहीं अब वे बिना किसी बड़ी परेशानी के सामान्य गतिविधियां कर पा रही हैं। इससे उनका आत्मविश्वास भी काफी बढ़ा है।


शासन-प्रशासन के प्रति जताया आभार

बबीता यादव ने इस मानवीय सहयोग के लिए वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, राज्य शासन और जिला प्रशासन का हृदय से आभार व्यक्त किया।

उन्होंने अपर कलेक्टर से मुलाकात कर धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि समय पर मिली सहायता ने उन्हें नया जीवन और नई उम्मीद दी है। उनके अनुसार यह सहयोग केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि जीवन को फिर से आगे बढ़ाने का अवसर साबित हुआ।

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समय पर सहायता का सकारात्मक उदाहरण

बबीता यादव का मामला यह दर्शाता है कि संवेदनशील प्रशासन और त्वरित निर्णय जरूरतमंद लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।

समय पर मिली आर्थिक सहायता और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की बदौलत आज बबीता फिर से आत्मनिर्भर जीवन जी रही हैं। यह पहल दिव्यांगजनों के पुनर्वास और सामाजिक समावेशन की दिशा में भी एक सकारात्मक उदाहरण मानी जा रही है।


Babita Yadav Prosthetic Leg की कहानी संघर्ष, साहस और समय पर मिली सहायता का प्रेरक उदाहरण है। दुर्घटना के बाद कठिन दौर से गुजरने वाली बबीता यादव आज आधुनिक कृत्रिम पैर की मदद से आत्मविश्वास के साथ सामान्य जीवन जी रही हैं। शासन और जिला प्रशासन की त्वरित पहल ने उनके जीवन में नई उम्मीद जगाई है। Babita Yadav Prosthetic Leg यह संदेश भी देती है कि संवेदनशील प्रशासन किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।


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