Rozgar Sah Awas Diwas के अवसर पर छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले की सभी ग्राम पंचायतों में सोमवार को उत्साहपूर्ण आयोजन किया गया। कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। इस दौरान ग्रामीणों को वीबीजी रामजी योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत मिलने वाले लाभों, रोजगार के अवसरों तथा आवास निर्माण की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई।
👉 Join 4thNation WhatsApp Channel: https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j
Rozgar Sah Awas Diwas में योजनाओं की दी गई विस्तृत जानकारी
जिले की सभी ग्राम पंचायतों में आयोजित कार्यक्रम के दौरान हितग्राहियों को केंद्र और राज्य सरकार की ग्रामीण विकास योजनाओं की जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत स्वीकृत आवासों की प्रगति की समीक्षा की गई। निर्माण कार्य, जियो टैगिंग, किश्त भुगतान, निर्माण सामग्री की उपलब्धता और समय पर आवास पूर्ण करने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
ग्रामीणों को गुणवत्तापूर्ण और निर्धारित समय सीमा में आवास निर्माण पूरा करने के लिए प्रेरित भी किया गया।
Rozgar Sah Awas Diwas: अपूर्ण आवासों को जल्द पूरा करने पर जोर
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत दुर्ग बजरंग कुमार दुबे ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान अपूर्ण आवासों को शीघ्र पूरा कराने पर विशेष ध्यान दिया गया।
उन्होंने बताया कि जिन हितग्राहियों की पहली किश्त लंबित है, उनके मामलों की जानकारी साझा कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही आवास निर्माण से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं में तेजी लाने पर बल दिया गया।
डीलर दीदी पहल से महिलाओं को मिलेगा आर्थिक सशक्तिकरण
कार्यक्रम के दौरान डीलर दीदी पहल को भी बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
नई डीलर दीदियों को निर्माण सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था से जोड़ने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाकर लखपति दीदी बनाने के लिए प्रेरित किया गया। प्रशासन का मानना है कि इससे ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
Rozgar Sah Awas Diwas: वीबीजी रामजी योजना के तहत रोजगार की गारंटी
कार्यक्रम के दौरान वीबीजी रामजी योजना के व्यापक जनजागरूकता अभियान का भी आयोजन किया गया।
ग्रामीणों को बताया गया कि योजना के तहत कार्य की मांग मिलने के 15 दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं, मजदूरी का भुगतान 7 दिनों के भीतर सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके अलावा योजना के प्रभावी संचालन के लिए प्रशासनिक व्यय की सीमा 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दी गई है।
जल संरक्षण, कौशल विकास और डिजिटल मॉनिटरिंग पर फोकस
अधिकारियों ने बताया कि योजना के तहत जल संरक्षण, ग्रामीण अधोसंरचना विकास, आजीविका संवर्धन और कौशल विकास से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जीआईएस आधारित मॉनिटरिंग, ई-केवाईसी और बायोमेट्रिक प्रणाली का उपयोग किया जाएगा। साथ ही राज्य सरकार द्वारा निर्धारित 60 दिनों का कृषि अवकाश पूर्व की तरह लागू रहेगा।
कार्यक्रम के दौरान शेष श्रमिकों का ई-केवाईसी, लंबित जियो टैगिंग और क्यूआर कोड के माध्यम से योजना संबंधी जानकारी प्राप्त करने पर भी विशेष जोर दिया गया।
👉 Join 4thNation WhatsApp Channel: https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j
ग्राम पंचायतों में दिखा उत्साह, समस्याओं का हुआ समाधान
रोजगार सह आवास दिवस के दौरान ग्राम पंचायत स्तर पर प्राप्त शिकायतों और समस्याओं का मौके पर ही निराकरण करने का प्रयास किया गया।
अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों ने ग्रामीणों से योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने और आगामी Rozgar Sah Awas Diwas कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
इन ग्राम पंचायतों में बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीण
कार्यक्रम में जनपद पंचायत धमधा की ग्राम पंचायत लिमतरा, नंदवाय, पेण्डरीतराई और नदनी-खुंदनी, जनपद पंचायत पाटन की ग्राम पंचायत भनसुली, फुंडा और देवादा, तथा जनपद पंचायत दुर्ग की ग्राम पंचायत धनोरा, कोलियापुरी, पुरई और सिरसाखुर्द में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि वीबीजी रामजी योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, आजीविका संवर्धन और समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने योजना के पारदर्शी और प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया।
Rozgar Sah Awas Diwas ने दुर्ग जिले के ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं से सीधे जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण और वीबीजी रामजी योजना के बारे में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ लंबित आवासों, ई-केवाईसी, जियो टैगिंग और रोजगार उपलब्ध कराने जैसे मुद्दों पर भी प्रभावी पहल की गई। आने वाले समय में Rozgar Sah Awas Diwas ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन को और मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है।
