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Nakti Demolition Row: बृजमोहन अग्रवाल बोले- बातचीत चल रही थी, फिर भी प्रशासन ने की कार्रवाई

Nakti Demolition Row को लेकर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने जिला प्रशासन की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि नकटी गांव के लोगों के साथ उनके माध्यम से लगातार बातचीत चल रही थी और उन्होंने प्रशासन से बरसात के मौसम में कोई कार्रवाई नहीं करने तथा बीच का रास्ता निकालने का आग्रह भी किया था। इसके बावजूद कथित तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई, जिससे सरकार और भारतीय जनता पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने यह भी कहा कि मामले को उचित मंच पर उठाया जाएगा और प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए वे हरसंभव सहयोग करेंगे।

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Nakti Demolition Row में बृजमोहन अग्रवाल ने क्या कहा?

रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि नकटी गांव के लोग पिछले लगभग तीन वर्षों से उनसे संपर्क में थे। जब गांव में नोटिस जारी हुए और मकानों को हटाने की बात सामने आई, तभी से वे इस विषय पर प्रशासन और ग्रामीणों के बीच समाधान निकालने का प्रयास कर रहे थे।

उन्होंने बताया कि विधायक आवास निर्माण की योजना पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल में शुरू हुई थी और वर्तमान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कार्यकाल में भी उन्होंने लगातार यह प्रयास किया कि गांव के लोगों को विस्थापित किए बिना वैकल्पिक स्थान पर विधायक आवास बनाए जाएं।


Nakti Demolition Row पर प्रशासन की कार्रवाई को बताया अनुचित

बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि कार्रवाई से दो दिन पहले भी जिला प्रशासन के अधिकारी और गांव के लोग उनसे मिले थे।

उनके अनुसार, उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट कहा था कि बरसात के मौसम में किसी प्रकार की तोड़फोड़ उचित नहीं होगी और बातचीत के माध्यम से समाधान निकाला जाना चाहिए।

उन्होंने दावा किया कि जिस समय वे दिल्ली गए हुए थे, उसी दौरान तड़के कार्रवाई की गई। उनके मुताबिक, यदि संवाद जारी था तो प्रशासन को धैर्य रखते हुए वैकल्पिक समाधान तलाशना चाहिए था।

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अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप

Nakti Demolition Row पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद ने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी स्वयं को “अधिक सक्रिय” और “अधिक नजदीकी” दिखाने के उद्देश्य से इस प्रकार की कार्रवाई कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों की कार्रवाई से लोगों की संपत्ति का नुकसान हुआ और गरीब परिवार प्रभावित हुए, उनके खिलाफ शासन को जांच कर उचित कार्रवाई करनी चाहिए।

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास ऐसा कोई प्रमाण नहीं है कि किसी बड़े राजनीतिक व्यक्ति के निर्देश पर कार्रवाई हुई हो। उनके अनुसार, यह कुछ अधिकारियों की कार्यशैली का परिणाम हो सकता है।


प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की वकालत

बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि जो कुछ हुआ वह बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि अब प्राथमिकता प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और उचित सेटलमेंट की होनी चाहिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि पुनर्वास की प्रक्रिया में जहां भी उनकी भूमिका होगी, वे पूरा सहयोग देंगे।


राजनीतिक प्रतिक्रिया और पार्टी फोरम में उठेगा मुद्दा

सांसद ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से सरकार और भारतीय जनता पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा है।

उनका कहना था कि ऐसे मामलों में विपक्ष को राजनीतिक मुद्दा मिलना स्वाभाविक है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें जिस भी पार्टी फोरम में अवसर मिलेगा, वहां वे इस पूरे मामले को उठाएंगे।

सांसद ने यह भी कहा कि आवश्यकता पड़ने पर वे नकटी गांव जाकर प्रभावित लोगों से मुलाकात करेंगे और उनकी समस्याओं को समझेंगे।


मामले की वर्तमान स्थिति

फिलहाल Nakti Demolition Row को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। प्रशासन की ओर से इस विषय पर अलग से आधिकारिक प्रतिक्रिया या विस्तृत स्पष्टीकरण का इंतजार है।

आगे की स्थिति प्रशासनिक निर्णयों, पुनर्वास प्रक्रिया और संभावित जांच पर निर्भर करेगी।


Nakti Demolition Row अब केवल प्रशासनिक कार्रवाई का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय भी बन चुका है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने संवाद और पुनर्वास की आवश्यकता पर जोर देते हुए प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, मामले के सभी पहलुओं पर अंतिम निष्कर्ष प्रशासनिक जांच, आधिकारिक तथ्यों और आगे होने वाली कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगा।

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