Javed Jaffrey Fraud Case में मुंबई क्राइम ब्रांच की प्रॉपर्टी सेल बड़ी कार्रवाई कर रही है। इस मामले में अभिनेता जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा जाफरी से कथित तौर पर ₹16.24 करोड़ की धोखाधड़ी की गई। पुलिस ने इस मामले में देवेंद्र पडवाल को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के सहायक आयुक्त महेश पाटिल अब भी फरार हैं। पुलिस ने उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी कर दिया है ताकि वह देश छोड़कर न जा सकें।
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Javed Jaffrey Fraud Case में क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, यह मामला एक कथित फर्जी री-डेवलपमेंट निवेश योजना से जुड़ा है। शिकायत के मुताबिक, हबीबा जाफरी की मुलाकात BMC अधिकारी महेश पाटिल से BMC कार्यालय में हुई थी।
आरोप है कि महेश पाटिल ने उन्हें बांद्रा के एक पुनर्विकास (Redevelopment) प्रोजेक्ट में निवेश का लाभदायक अवसर बताया और निवेश के लिए निशित पटेल के माध्यम से रकम लगाने की सलाह दी।
₹16.24 करोड़ की कथित ठगी कैसे हुई?
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर फर्जी सरकारी पंजीकरण दस्तावेज तैयार किए और उन्हें असली बताकर निवेशकों का विश्वास जीता।
शिकायत के मुताबिक, हबीबा जाफरी, उनके पति जावेद जाफरी, रिश्तेदार नवेद जाफरी और अन्य लोगों से चेक, नकद, विदेशी मुद्रा तथा लग्जरी घड़ियों के रूप में कुल करीब ₹16.24 करोड़ की राशि और अन्य मूल्यवान वस्तुएं ली गईं।
बाद में निवेशकों को कथित रूप से पता चला कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।
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Javed Jaffrey Fraud Case में कौन-कौन हैं आरोपी?
इस मामले में दर्ज एफआईआर में कई लोगों के नाम शामिल हैं।
अब तक पुलिस देवेंद्र पडवाल, निशित पटेल और रूपेश मोरे को गिरफ्तार कर चुकी है। रूपेश मोरे पर कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार करने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार, देवेंद्र पडवाल ने एक प्रमुख बिल्डर के नाम पर कथित तौर पर फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी तैयार की और स्वयं को उस डेवलपर की ओर से कानूनी दस्तावेजों पर निर्णय लेने का अधिकार प्राप्त व्यक्ति बताया।
महेश पाटिल अब भी फरार
मामले के प्रमुख आरोपियों में शामिल BMC के सहायक आयुक्त महेश पाटिल फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
मुंबई पुलिस ने उनके खिलाफ Look Out Circular (LOC) जारी किया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आरोपी देश छोड़कर विदेश न जा सके। पुलिस की टीमें लगातार उनकी तलाश में जुटी हैं।
पुलिस जांच में अब तक क्या सामने आया?
पुलिस के अनुसार, यह एफआईआर मई महीने में खार पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी। बाद में मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच मुंबई क्राइम ब्रांच की प्रॉपर्टी सेल को सौंप दी गई।
शुक्रवार को गिरफ्तार आरोपी देवेंद्र पडवाल को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे आगे की पूछताछ के लिए सोमवार तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
जांच एजेंसियां अब दस्तावेजों की वैधता, बैंक लेनदेन, निवेश के रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही हैं।
Javed Jaffrey Fraud Case मुंबई के चर्चित आर्थिक अपराधों में शामिल हो गया है। इस मामले में अब तक तीन आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि BMC अधिकारी महेश पाटिल की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल Javed Jaffrey Fraud Case की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर ही तय होगा।
