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Bilaspur Electric Shock: खेत में फैले करंट ने ली मां और दो बेटों की जान, गांव में पसरा मातम

Bilaspur Electric Shock की दर्दनाक घटना ने पूरे छत्तीसगढ़ को झकझोर दिया है। बिलासपुर जिले के कोटा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम भाड़म में फसल की सुरक्षा के लिए लगाए गए जीआई (GI) तार में करंट फैलने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में मां दसन बाई, उनके बड़े बेटे विवेक सिंगरौल (23 वर्ष) और छोटे बेटे सत्यव्रत सिंगरौल (14 वर्ष) की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

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Bilaspur Electric Shock हादसा कैसे हुआ?

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ग्राम भाड़म में फसल को जंगली जानवरों से बचाने के उद्देश्य से खेत के चारों ओर जीआई तार लगाया गया था। इसी तार में किसी कारणवश करंट प्रवाहित हो गया।

बताया जा रहा है कि मां और दोनों बेटे खेत पहुंचे, जहां वे अनजाने में करंट की चपेट में आ गए। तेज करंट लगने से तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना इतनी अचानक हुई कि उन्हें संभलने का भी मौका नहीं मिला।


Bilaspur Electric Shock में एक परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

हादसे के समय परिवार के मुखिया घर से बाहर काम पर गए हुए थे। शाम को जब वे खेत पहुंचे तो वहां पत्नी और दोनों बेटों के शव पड़े मिले। यह दृश्य देखकर वे स्तब्ध रह गए और परिवार में चीख-पुकार मच गई।

घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। पूरे गांव में शोक और मातम का माहौल है। एक साथ तीन लोगों की मौत से ग्रामीण भी गहरे सदमे में हैं।


पुलिस ने शुरू की Bilaspur Electric Shock मामले की जांच

सूचना मिलने पर कोटा पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि खेत में लगे जीआई तार में करंट कैसे प्रवाहित हुआ और क्या इस घटना में किसी की लापरवाही सामने आती है।

जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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खेतों में करंट छोड़ना कितना खतरनाक?

विशेषज्ञों के अनुसार फसल को जंगली जानवरों से बचाने के लिए खेतों के आसपास बिजली का करंट छोड़ना बेहद खतरनाक और कई मामलों में गैरकानूनी भी हो सकता है। ऐसी व्यवस्था से न केवल वन्यजीव बल्कि इंसानों की जान भी खतरे में पड़ सकती है।

ग्रामीण क्षेत्रों में समय-समय पर ऐसे हादसे सामने आते रहे हैं। इसलिए किसानों को सुरक्षित और वैधानिक उपाय अपनाने की सलाह दी जाती है, ताकि किसी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके।


प्रशासन से सुरक्षित उपाय अपनाने की अपील

इस दर्दनाक घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने लोगों से अपील की है कि खेतों की सुरक्षा के लिए बिजली का अवैध उपयोग न करें। यदि फसल सुरक्षा के उपाय करने हों तो विभागीय दिशा-निर्देशों और सुरक्षित तकनीकों का ही उपयोग करें।

विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी सी लापरवाही पूरे परिवार के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।


Bilaspur Electric Shock हादसा यह याद दिलाता है कि खेतों की सुरक्षा के लिए अपनाए गए असुरक्षित उपाय कितने घातक हो सकते हैं। ग्राम भाड़म में मां और दो बेटों की एक साथ हुई मौत ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। उम्मीद है कि जांच के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई होगी और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।

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