UAPA Terrorists List के तहत केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए 23 व्यक्तियों को नामित (Designated) आतंकी घोषित किया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा 35 के तहत यह अधिसूचना जारी की। ये सभी व्यक्ति कथित तौर पर Jaish-e-Mohammed (JeM), Lashkar-e-Taiba (LeT), Jamaat-ud-Dawa (JuD) और The Resistance Front (TRF) जैसे प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से जुड़े बताए गए हैं।
सरकार के अनुसार इन व्यक्तियों पर भर्ती, प्रशिक्षण, घुसपैठ, हथियारों की आपूर्ति, आतंकी वित्तपोषण, ड्रोन के माध्यम से हथियार पहुंचाने तथा भारत में आतंकी हमलों की साजिश रचने या उन्हें अंजाम देने में भूमिका निभाने के आरोप हैं।
📢 Join 4thNation Channel: https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j
UAPA Terrorists List में किन मामलों का उल्लेख किया गया है?
गृह मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार सूची में शामिल कुछ व्यक्तियों का संबंध 22 अप्रैल 2022 को जम्मू के सुंजवान में सुरक्षा बलों पर हुए आतंकी हमले तथा 29 नवंबर 2016 को जम्मू के नगरोटा स्थित भारतीय सेना के कैंप पर हुए आतंकी हमले से भी जोड़ा गया है।
सरकार का कहना है कि इन मामलों की जांच और उपलब्ध खुफिया जानकारी के आधार पर संबंधित व्यक्तियों को नामित आतंकी घोषित किया गया है।
UAPA Terrorists List में शामिल करने का क्या अर्थ है?
UAPA Terrorists List में किसी व्यक्ति का नाम शामिल होने के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और अन्य जांच एजेंसियों को उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने में अतिरिक्त अधिकार मिलते हैं।
इस कार्रवाई के बाद एजेंसियां कर सकेंगी:
- आतंकियों की वित्तीय संपत्तियों को फ्रीज या जब्त करना।
- आतंक वित्तपोषण के नेटवर्क पर कार्रवाई।
- हथियारों की आपूर्ति और खरीद पर प्रतिबंध लागू करना।
- चल और अचल संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू करना।
- आतंकी नेटवर्क और सहयोगियों के खिलाफ जांच को मजबूत करना।
यह भी पढ़ें: Badrinath Temple Donations पर उठे सवाल, BKTC ने गठित की जांच समिति
2019 के संशोधन के बाद बढ़ी कार्रवाई की क्षमता
वर्ष 2019 में UAPA में संशोधन किया गया था। इससे पहले केवल संगठनों को ही आतंकी संगठन घोषित किया जा सकता था।
संशोधन के बाद केंद्र सरकार को यह अधिकार मिला कि यदि किसी व्यक्ति की आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्तता के पर्याप्त आधार हों, तो उसे सीधे नामित आतंकी घोषित किया जा सकता है। इसी प्रावधान के तहत अब तक कई व्यक्तियों को सूची में शामिल किया जा चुका है।
23 नामित आतंकियों में कितने भारतीय और कितने पाकिस्तानी?
सरकारी अधिसूचना के अनुसार इस बार घोषित 23 नामित आतंकियों में—
- 17 पाकिस्तानी नागरिक
- 6 भारतीय नागरिक
शामिल हैं। हालांकि सरकार का कहना है कि वर्तमान में ये सभी पाकिस्तान या पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) से अपनी आतंकी गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं।
इनमें Jaish-e-Mohammed (JeM) और Lashkar-e-Taiba (LeT) से जुड़े कई प्रमुख नाम शामिल हैं। सरकार के अनुसार कुछ व्यक्तियों पर आतंकी भर्ती, हथियारों की तस्करी, घुसपैठ, ड्रोन आधारित हथियार आपूर्ति और आतंक वित्तपोषण जैसे गंभीर आरोप हैं।
सरकार का उद्देश्य क्या है?
केंद्र सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य आतंकी नेटवर्क की आर्थिक और लॉजिस्टिक क्षमता को कमजोर करना है। किसी व्यक्ति को UAPA Terrorists List में शामिल किए जाने से उसके वित्तीय स्रोतों पर रोक लगाने, संपत्तियां जब्त करने और उसके सहयोगियों के खिलाफ प्रभावी कानूनी कार्रवाई करने का रास्ता आसान हो जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार यह कार्रवाई आतंकवाद के खिलाफ भारत की “ज़ीरो टॉलरेंस” नीति को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
UAPA Terrorists List के तहत 23 व्यक्तियों को नामित आतंकी घोषित करने का फैसला आतंकवाद के खिलाफ केंद्र सरकार की सख्त नीति को दर्शाता है। इस कार्रवाई से जांच एजेंसियों, विशेषकर NIA, को आतंकी वित्तपोषण, संपत्तियों की जब्ती और नेटवर्क को ध्वस्त करने में कानूनी मजबूती मिलेगी। आने वाले समय में UAPA Terrorists List के माध्यम से आतंकवादी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
