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RBSK Chiranjeevi Team: जन्मजात बीमारी से जूझ रहे बच्चे को मिला नया जीवन, सरकार ने उठाया पूरा खर्च

RBSK Chiranjeevi Team के माध्यम से छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के एक 15 वर्षीय बच्चे की जिंदगी पूरी तरह बदल गई। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत संचालित ‘चिरायु’ दल ने दूरस्थ क्षेत्र में रहने वाले माड़कम हुंगा की पहचान कर उसका पूरी तरह निःशुल्क इलाज कराया। इस पहल ने न केवल बच्चे को नई मुस्कान दी बल्कि उसके परिवार को भी आर्थिक चिंता से राहत दिलाई।

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RBSK Chiranjeevi Team ने दूरस्थ गांव के बच्चे को दी नई उम्मीद

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत कार्यरत RBSK Chiranjeevi Team लगातार दूर-दराज के इलाकों में बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही है। इसी अभियान के दौरान बीजापुर जिले के उसूर विकासखंड के ग्राम मीनागट्टा (पामेड) निवासी 15 वर्षीय माड़कम हुंगा की गंभीर स्वास्थ्य समस्या सामने आई।

माड़कम हुंगा जन्म से ही कटे होंठ और तालु (Cleft Lip & Palate) की समस्या से पीड़ित था। इस वजह से उसे भोजन करने, स्पष्ट बोलने और सामान्य जीवन जीने में लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।


जन्म से गंभीर बीमारी, आर्थिक स्थिति बनी सबसे बड़ी बाधा

माड़कम हुंगा का परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर है। महंगे इलाज और प्लास्टिक सर्जरी का खर्च उठाना परिवार के लिए संभव नहीं था। वर्षों तक इलाज न मिलने के कारण उसकी परेशानी लगातार बढ़ती रही।

हालांकि, RBSK Chiranjeevi Team की सक्रियता ने इस बच्चे के जीवन में बदलाव लाने का काम किया।


स्कूल स्वास्थ्य परीक्षण में हुई पहचान

आरबीएसके के RBSK Chiranjeevi Team ने नियमित स्कूल स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान माड़कम हुंगा की जांच की। जांच के बाद उसकी बीमारी को गंभीर श्रेणी में रखते हुए आवश्यक दस्तावेज तैयार किए गए।

इसके बाद उसे बेहतर उपचार के लिए तत्काल रायपुर रेफर किया गया, ताकि विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में उसका इलाज हो सके।

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RBSK Chiranjeevi Team के तहत हुआ सफल निःशुल्क उपचार

25 जून 2026 को माड़कम हुंगा को रायपुर के एक विशेषज्ञ अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां प्लास्टिक सर्जरी विशेषज्ञों ने सफल ऑपरेशन किया।

इलाज के बाद उसकी स्वास्थ्य स्थिति में तेजी से सुधार हुआ। 30 जून 2026 को चिकित्सकों ने उसे पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी।

अब माड़कम हुंगा पहले की तुलना में अधिक सहजता से भोजन कर पा रहा है और उसकी बोलने की क्षमता में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है।


### इलाज का पूरा खर्च सरकार ने उठाया

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत RBSK Chiranjeevi Team ने केवल इलाज ही नहीं कराया बल्कि पूरी उपचार प्रक्रिया का खर्च भी शासन द्वारा वहन किया गया।

इसमें शामिल रहे—

  • विशेषज्ञ अस्पताल में सर्जरी
  • सभी आवश्यक जांच
  • दवाइयां
  • रायपुर तक आने-जाने की व्यवस्था
  • उपचार अवधि में भोजन एवं ठहरने की सुविधा

इस कारण परिवार पर किसी प्रकार का आर्थिक बोझ नहीं पड़ा।


नई मुस्कान और बढ़ा आत्मविश्वास

सफल ऑपरेशन के बाद माड़कम हुंगा के चेहरे पर मुस्कान लौट आई है। अब वह पहले की तुलना में सामान्य जीवन जी पा रहा है।

परिवार ने शासन और RBSK Chiranjeevi Team के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि यह योजना नहीं होती तो इतने महंगे इलाज की कल्पना भी संभव नहीं थी।


राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की बड़ी उपलब्धि

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में जन्मजात विकारों, बीमारियों, पोषण संबंधी समस्याओं और विकास संबंधी चुनौतियों की समय रहते पहचान कर निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना है।

छत्तीसगढ़ में RBSK Chiranjeevi Team लगातार दूरस्थ एवं आदिवासी क्षेत्रों तक पहुंचकर बच्चों की स्क्रीनिंग कर रही है। इससे अनेक जरूरतमंद परिवारों को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल रही है और बच्चों का भविष्य सुरक्षित बन रहा है।


RBSK Chiranjeevi Team ने यह साबित किया है कि सरकारी स्वास्थ्य योजनाएं सही तरीके से लागू होने पर जरूरतमंद परिवारों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती हैं। बीजापुर के माड़कम हुंगा की कहानी इसका जीवंत उदाहरण है। समय पर पहचान, विशेषज्ञ उपचार और पूरी तरह निःशुल्क चिकित्सा सुविधा ने एक बच्चे को नया जीवन, नई मुस्कान और नया आत्मविश्वास दिया है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम भविष्य में भी हजारों बच्चों के लिए उम्मीद की ऐसी ही नई किरण बन सकता है।

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