PESA Act Chhattisgarh के प्रभावी क्रियान्वयन और अनुसूचित जनजाति वर्ग से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों के समाधान के लिए मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन, रायपुर में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज, रायपुर द्वारा प्रस्तुत विभिन्न मांगों और सुझावों पर विस्तार से चर्चा की गई तथा संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
बैठक में आदिवासी अधिकारों की सुरक्षा, पेसा कानून का प्रभावी पालन, फर्जी जाति प्रमाण-पत्र के मामलों में कार्रवाई और छात्रवृत्ति योजनाओं में सुधार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर निर्णय लिए गए।
👉 हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें: https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j
PESA Act Chhattisgarh के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर
बैठक में पेसा अधिनियम 1996 (PESA Act) तथा छत्तीसगढ़ पेसा नियम 2022 के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा हुई।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि अनुसूचित क्षेत्रों में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों को पेसा कानून के प्रावधानों की बेहतर समझ देने के लिए व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। उनका कहना था कि कानून का सही क्रियान्वयन तभी संभव है जब मैदानी स्तर पर कार्यरत अधिकारी इसके प्रावधानों से पूरी तरह परिचित हों।
PESA Act Chhattisgarh के तहत फर्जी जाति प्रमाण-पत्र मामलों पर होगी सख्त कार्रवाई
बैठक में फर्जी जाति प्रमाण-पत्र के आधार पर सरकारी नौकरी प्राप्त करने या पदोन्नति लेने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसे सभी मामलों की जांच पूरी पारदर्शिता और नियमानुसार की जाए। उन्होंने कहा कि जाति प्रमाण-पत्र सत्यापन प्रक्रिया को और मजबूत बनाया जाए ताकि भविष्य में किसी प्रकार की अनियमितता की संभावना न रहे।
साथ ही संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
यह भी पढ़ें: Jashpur Rural Tourism: प्राकृतिक सुंदरता, जलप्रपात और आध्यात्मिक धरोहरों से सजा जशपुर बना पर्यटकों की पहली पसंद
आदिवासी विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति योजना में होंगे बदलाव
बैठक में अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को मिलने वाली छात्रवृत्ति योजनाओं की भी समीक्षा की गई।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्तमान समय की आवश्यकताओं के अनुरूप छात्रवृत्ति योजना में संशोधन का प्रस्ताव तैयार किया जाए और इसे केंद्र सरकार को शीघ्र भेजा जाए।
इस पहल का उद्देश्य आदिवासी विद्यार्थियों को बेहतर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना और उच्च शिक्षा के अवसरों को बढ़ावा देना है।
PESA Act Chhattisgarh के लिए गठित होगी उच्च स्तरीय समिति
आदिवासी हितों से जुड़े विभिन्न विषयों के समन्वित अध्ययन और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मुख्य सचिव ने एक उच्च स्तरीय समिति गठित करने के निर्देश दिए।
इस समिति में निम्न विभागों के सचिव सदस्य होंगे—
- पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग
- वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग
- सामान्य प्रशासन विभाग
- आदिम जाति एवं अनुसूचित जनजाति विकास विभाग
- खनिज विभाग
यह समिति आदिवासी हितों से जुड़े मामलों की नियमित समीक्षा करेगी और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करेगी।
बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में आदिम जाति विकास विभाग एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, सामान्य प्रशासन एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
सभी अधिकारियों ने अनुसूचित जनजाति वर्ग के कल्याण और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक सुझाव प्रस्तुत किए।
👉 हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें: https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j
आदिवासी हितों को मिलेगा और अधिक संरक्षण
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि PESA Act Chhattisgarh का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होता है, तो अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को अधिक अधिकार मिलेंगे, विकास योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और आदिवासी समुदाय की भागीदारी मजबूत होगी।
इसके साथ ही छात्रवृत्ति सुधार और फर्जी जाति प्रमाण-पत्र मामलों पर सख्ती से आदिवासी समाज का विश्वास भी मजबूत होगा।
PESA Act Chhattisgarh को प्रभावी बनाने के लिए आयोजित यह उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक राज्य सरकार की आदिवासी हितों के प्रति गंभीर प्रतिबद्धता को दर्शाती है। पेसा कानून के बेहतर क्रियान्वयन, फर्जी जाति प्रमाण-पत्र मामलों में पारदर्शी कार्रवाई, छात्रवृत्ति योजनाओं में सुधार और उच्च स्तरीय समिति के गठन से अनुसूचित जनजाति वर्ग के सामाजिक, शैक्षणिक और प्रशासनिक अधिकारों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
