Chhattisgarh Grid Code 2026 के तहत छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (CSERC) ने राज्य की बिजली ग्रिड व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से नया ड्राफ्ट जारी किया है। यह ड्राफ्ट मौजूदा State Grid Code-2011 की जगह लेगा और इसे Indian Electricity Grid Code (IEGC) 2023 के अनुरूप तैयार किया गया है। इस प्रस्तावित नियमावली में ग्रिड संचालन, ट्रांसमिशन प्लानिंग, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण (Energy Storage), साइबर सुरक्षा और बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए गए हैं।
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Chhattisgarh Grid Code 2026 क्या है?
Chhattisgarh Grid Code 2026 एक कानूनी रूप से लागू होने वाला नियामक ढांचा होगा, जो राज्य की ट्रांसमिशन प्रणाली से जुड़े सभी संस्थानों पर लागू होगा। इसमें राज्य ट्रांसमिशन यूटिलिटी (STU), स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (SLDC), बिजली वितरण कंपनियां (Discoms), बिजली उत्पादन कंपनियां, ओपन एक्सेस उपभोक्ता और अन्य ग्रिड उपयोगकर्ता शामिल होंगे।
इसका मुख्य उद्देश्य बिजली ग्रिड के संचालन को सुरक्षित, समन्वित, किफायती और अधिक विश्वसनीय बनाना है।
Chhattisgarh Grid Code 2026 के प्रमुख प्रावधान
ड्राफ्ट में पहली बार Resource Adequacy Code को शामिल किया गया है। इसके तहत बिजली वितरण कंपनियों को अगले कई वर्षों की बिजली मांग का अनुमान लगाना होगा और उसी के अनुसार उत्पादन एवं ट्रांसमिशन की योजना बनानी होगी।
इसके अलावा राज्य ट्रांसमिशन यूटिलिटी को ट्रांसमिशन क्षमता का नियमित आकलन करना होगा ताकि भविष्य की मांग को बिना बाधा पूरा किया जा सके।
नवीकरणीय ऊर्जा को मिलेगा बढ़ावा
Chhattisgarh Grid Code 2026 में सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, हाइब्रिड परियोजनाओं और ऊर्जा भंडारण प्रणाली (Battery Energy Storage System) को ग्रिड से बेहतर तरीके से जोड़ने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।
नई व्यवस्था के तहत इन परियोजनाओं में आधुनिक संचार प्रणाली, सक्रिय पावर नियंत्रण और आवश्यक तकनीकी मानकों का पालन अनिवार्य होगा। इससे राज्य में ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
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Chhattisgarh Grid Code 2026 में साइबर सुरक्षा पर विशेष फोकस
बिजली क्षेत्र में बढ़ते डिजिटल नेटवर्क को देखते हुए ड्राफ्ट में साइबर सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया गया है।
प्रस्ताव के अनुसार SLDC, STU, ग्रिड उपयोगकर्ताओं और अन्य संबंधित एजेंसियों को CEA Cyber Security Guidelines 2021 के अनुरूप साइबर सुरक्षा प्रणाली विकसित करनी होगी। नियमित साइबर ऑडिट और साइबर घटनाओं की रिपोर्टिंग भी अनिवार्य की जाएगी।
ग्रिड संचालन के लिए नए तकनीकी मानक
ड्राफ्ट में 49.90 Hz से 50.05 Hz तक की ऑपरेटिंग फ्रीक्वेंसी निर्धारित की गई है। साथ ही 400 kV, 220 kV और 132 kV नेटवर्क के लिए नए वोल्टेज मानक भी प्रस्तावित किए गए हैं।
इसके अलावा ट्रांसमिशन नेटवर्क में N-1 सुरक्षा मानक अपनाने का प्रस्ताव है ताकि किसी एक लाइन या उपकरण में खराबी आने पर भी बिजली आपूर्ति प्रभावित न हो।
हितधारकों से मांगे गए सुझाव
Chhattisgarh Grid Code 2026 के मसौदे पर आयोग ने बिजली कंपनियों, उद्योगों, विशेषज्ञों और आम नागरिकों से सुझाव आमंत्रित किए हैं।
ड्राफ्ट पर 17 जुलाई 2026 तक सुझाव भेजे जा सकते हैं, जबकि 22 जुलाई 2026 को रायपुर स्थित आयोग कार्यालय में सार्वजनिक सुनवाई आयोजित की जाएगी। सुझावों के आधार पर अंतिम नियमावली अधिसूचित की जाएगी।
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बिजली उपभोक्ताओं और उद्योगों पर क्या होगा असर?
विशेषज्ञों का मानना है कि Chhattisgarh Grid Code 2026 लागू होने के बाद बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर और विश्वसनीय होगी।
इससे औद्योगिक इकाइयों को बेहतर ग्रिड प्रबंधन मिलेगा, जबकि नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को राज्य के बिजली नेटवर्क से जोड़ना आसान होगा। साथ ही भविष्य में बिजली बाधित होने की घटनाओं में कमी आने की संभावना है।
Chhattisgarh Grid Code 2026 राज्य के बिजली क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण सुधार माना जा रहा है। यह नया ड्राफ्ट राष्ट्रीय ग्रिड मानकों के अनुरूप बिजली प्रणाली को आधुनिक, सुरक्षित और अधिक सक्षम बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। यदि सभी सुझावों के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाता है, तो इससे बिजली वितरण, ट्रांसमिशन, नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण और साइबर सुरक्षा को नई मजबूती मिलेगी। आने वाले वर्षों में Chhattisgarh Grid Code 2026 राज्य के ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक मजबूत आधार साबित हो सकता है।
