Bharat Bhushan Tiwari की कथित पुलिस मुठभेड़ में मौत के बाद बिहार के भोजपुर जिले में आक्रोश लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। बुधवार को उनके पैतृक गांव बिलौती में हजारों लोगों की मौजूदगी में श्रद्धांजलि सभा और महापंचायत का आयोजन किया गया, जहां न्यायिक जांच और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग उठी।
महापंचायत में बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड और दिल्ली सहित कई राज्यों से लोग पहुंचे। बड़ी संख्या में लोग तिरंगा लेकर पहुंचे और भारत भूषण तिवारी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
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कौन थे Bharat Bhushan Tiwari?
Bharat Bhushan Tiwari सामाजिक मुद्दों को उठाने वाले एक युवा सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में जाने जाते थे। वे बाढ़ प्रभावित लोगों के पुनर्वास और राहत कार्यों की मांग को लेकर लगातार प्रशासन और सरकार के समक्ष आवाज उठाते रहे थे।
स्थानीय लोगों के अनुसार, वे पिछले दो वर्षों से जवैनिया गांव के विस्थापित परिवारों की समस्याओं को प्रमुखता से उठा रहे थे। इसी कारण उनकी पहचान क्षेत्र में एक सक्रिय जनसरोकार वाले कार्यकर्ता के रूप में बनी।
Bharat Bhushan Tiwari मामले पर महापंचायत
हजारों लोगों ने लिया हिस्सा
बिलौती गांव में आयोजित महापंचायत में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। आयोजन का उद्देश्य भारत भूषण तिवारी को श्रद्धांजलि देना, कथित फर्जी एनकाउंटर की जांच की मांग करना और बाढ़ पीड़ितों से जुड़े मुद्दों को उठाना था।
महापंचायत में कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। लोगों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
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आंदोलन का रूप ले सकता है मामला
सभा में शामिल कई लोगों ने कहा कि Bharat Bhushan Tiwari की मौत केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं बल्कि जनहित की आवाज को दबाने का प्रयास है। वक्ताओं ने संकेत दिया कि यदि न्याय नहीं मिला तो आंदोलन और व्यापक हो सकता है।
परिवार और समर्थकों की क्या मांग है?
भारत भूषण तिवारी के पिता काशी नाथ तिवारी ने सभा में भावुक होकर अपने बेटे के लिए न्याय की मांग की।
वहीं उनके छोटे भाई चंदन तिवारी ने कहा कि उनके भाई गरीबों और बाढ़ प्रभावित लोगों की लड़ाई लड़ रहे थे। उन्होंने सरकार से मांग की कि बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं का समाधान किया जाए और मामले में शामिल अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो।
कई युवाओं ने भारत भूषण तिवारी को प्रेरणा बताते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष जारी रखने की बात कही।
प्रशांत किशोर ने क्या कहा?
न्यायिक जांच की मांग
जन सुराज के संस्थापक Prashant Kishor भी महापंचायत में पहुंचे और उन्होंने भारत भूषण तिवारी के परिवार से मुलाकात की।
उन्होंने कहा कि परिवार किसी प्रकार का मुआवजा या सरकारी नौकरी नहीं चाहता बल्कि केवल न्याय चाहता है। उन्होंने मांग की कि जांच किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश के बजाय उच्च न्यायालय के कार्यरत न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए।
जवाबदेही तय करने की मांग
प्रशांत किशोर ने कहा कि जांच केवल स्थानीय अधिकारियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए बल्कि पुलिस प्रशासन के उच्च स्तर तक जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
पुलिस अधिकारियों पर FIR दर्ज
मां की शिकायत पर मामला दर्ज
Bharat Bhushan Tiwari की मां आशा देवी की शिकायत पर पुलिस ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि भारत भूषण तिवारी ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद उन्हें गोली मारी गई।
परिवार का दावा है कि पूरी घटना सोशल मीडिया लाइव स्ट्रीम के दौरान हुई थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
परिवार और समर्थक अभी भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक किए जाने की मांग कर रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद मामले के कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर स्पष्टता आने की उम्मीद है।
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कथित एनकाउंटर का पूरा मामला
रिपोर्टों के अनुसार, भारत भूषण तिवारी बाढ़ पीड़ितों के पुनर्वास और क्षेत्र में बाढ़ सुरक्षा कार्यों की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे।
17 जून को पुलिस और भारत भूषण तिवारी के बीच टकराव की स्थिति बनी। बाद में उन्होंने कथित तौर पर अपना हथियार फेंककर आत्मसमर्पण किया।
परिवार और समर्थकों का आरोप है कि आत्मसमर्पण के बाद उन्हें गोली मारी गई। वहीं मामले की जांच अभी जारी है और आधिकारिक निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
सरकार ने क्या कदम उठाए?
न्यायिक जांच का आदेश
बिहार सरकार ने मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। इसके लिए पटना हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश विनोद कुमार सिन्हा को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसके अलावा संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी शुरू की गई है।
प्रशासनिक बदलाव
सरकार ने मामले में नामित एक पुलिस अधिकारी का तबादला भी किया है। हालांकि विरोध कर रहे लोग इसे पर्याप्त कार्रवाई नहीं मान रहे हैं और व्यापक जांच की मांग कर रहे हैं।
Bharat Bhushan Tiwari की मौत का मामला बिहार की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा मुद्दा बन गया है। हजारों लोगों की महापंचायत ने यह संकेत दिया है कि जनता निष्पक्ष जांच और जवाबदेही चाहती है। अब सबकी नजर न्यायिक जांच पर टिकी है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि Bharat Bhushan Tiwari की मौत किन परिस्थितियों में हुई और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।
