Census 2027 Chhattisgarh के तहत राज्य में जनगणना का पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। भारत और छत्तीसगढ़ के विकास की मजबूत नींव तैयार करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे इस राष्ट्रीय अभियान में राज्य के सभी जिलों, तहसीलों, गांवों और नगरीय क्षेत्रों में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य 1 मई 2026 से 30 मई 2026 तक संपन्न किया गया।
जनगणना निदेशालय छत्तीसगढ़ ने इस महत्वपूर्ण अभियान में सहयोग देने वाले नागरिकों, अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया है।
Census 2027 Chhattisgarh के पहले चरण की प्रमुख उपलब्धियां
जनगणना 2027 के प्रथम चरण में राज्यभर में व्यापक स्तर पर मकान सूचीकरण का कार्य किया गया। इस दौरान प्रगणकों ने घर-घर जाकर मकानों और परिवारों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी एकत्रित की।
यह चरण आगामी जनसंख्या गणना के लिए आधार तैयार करने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
प्रमुख आंकड़े
- 33 जिले कवर किए गए
- 252 तहसीलें शामिल रहीं
- 195 नगरीय निकायों में सर्वेक्षण हुआ
- 19,978 गांवों में गणना कार्य पूरा किया गया
- 48,754 मकान सूचीकरण गणना ब्लॉक बनाए गए
- 62,500 अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तैनाती की गई
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घर-घर पहुंचकर जुटाई गई जानकारी
Census 2027 Chhattisgarh के पहले चरण में प्रगणकों ने प्रत्येक मकान और परिवार से भारत सरकार द्वारा अधिसूचित 33 प्रश्नों के उत्तर एकत्र किए।
इन प्रश्नों में मुख्य रूप से शामिल थे:
- मकान की स्थिति
- आवासीय सुविधाएं
- परिवार को उपलब्ध मूलभूत सेवाएं
- परिसंपत्तियों की जानकारी
- जीवन स्तर से जुड़े आंकड़े
इन जानकारियों के आधार पर भविष्य की विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
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Census 2027 Chhattisgarh में डिजिटल तकनीक का उपयोग
इस बार जनगणना प्रक्रिया को पूरी तरह आधुनिक तकनीक से जोड़ा गया।
सभी जानकारियां मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से डिजिटल रूप से संकलित की गईं। एकत्रित डेटा सीधे भारत सरकार के सुरक्षित सर्वर पर अपलोड किया गया है।
डिजिटल व्यवस्था के कारण डेटा संग्रहण की गति बढ़ी है और त्रुटियों की संभावना भी कम हुई है।
नागरिकों की जानकारी रहेगी पूरी तरह गोपनीय
जनगणना निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों द्वारा दी गई व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह सुरक्षित और गोपनीय रहेगी।
जनगणना अधिनियम के तहत सुरक्षा
जानकारी को:
- जनगणना अधिनियम 1948
- जनगणना नियमावली 1990
के प्रावधानों के अनुसार संरक्षित रखा जाएगा।
प्रशासन ने कहा है कि किसी भी व्यक्ति की व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाएगी।
इन आंकड़ों का उपयोग केवल नीति निर्माण, विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के लिए किया जाएगा।
Census 2027 Chhattisgarh में प्रशासनिक तैयारियां
इतने बड़े अभियान को सफल बनाने के लिए राज्यभर में व्यापक प्रशासनिक व्यवस्था की गई थी।
प्रमुख अधिकारियों की भूमिका
इस अभियान में शामिल रहे:
- 47 प्रमुख जनगणना अधिकारी
- 250 जिला स्तरीय अधिकारी
- 472 चार्ज अधिकारी
- 60 मास्टर ट्रेनर
- 1,100 फील्ड ट्रेनर
- 52,705 प्रगणक
- 9,319 पर्यवेक्षक
इन अधिकारियों और कर्मचारियों ने राज्य के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी इलाकों तक पहुंचकर कार्य को सफल बनाया।
फरवरी 2027 में होगा दूसरा चरण
जनसंख्या गणना की तैयारी शुरू
Census 2027 Chhattisgarh का दूसरा चरण फरवरी 2027 में आयोजित किया जाएगा।
पहले चरण का मुख्य उद्देश्य सभी मकानों और परिवारों का सटीक रिकॉर्ड तैयार करना था, ताकि जनसंख्या गणना के दौरान कोई भी परिवार या मकान छूट न जाए।
दूसरे चरण में राज्य की वास्तविक जनसंख्या, सामाजिक और आर्थिक आंकड़ों का व्यापक संग्रह किया जाएगा।
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राज्य विकास में जनगणना की भूमिका
जनगणना किसी भी राज्य के विकास की आधारशिला मानी जाती है।
जनगणना से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर सरकार:
- शिक्षा योजनाएं तैयार करती है
- स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करती है
- आवास योजनाएं बनाती है
- सड़क और आधारभूत संरचना विकसित करती है
- सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों का संचालन करती है
इसलिए Census 2027 Chhattisgarh के आंकड़े भविष्य में राज्य के विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
Census 2027 Chhattisgarh का पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा होना राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। 33 जिलों, 19,978 गांवों और 195 नगरीय निकायों को कवर करते हुए प्रशासन ने व्यापक स्तर पर मकान सूचीकरण का कार्य संपन्न किया है। डिजिटल तकनीक, प्रशिक्षित मानव संसाधन और नागरिकों के सहयोग से यह अभियान सफल रहा। अब फरवरी 2027 में होने वाले दूसरे चरण पर सभी की नजरें टिकी हैं, जो राज्य और देश के भविष्य की विकास योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण आधार तैयार करेगा।
