CM Kanya Vivah Yojana इन दिनों छत्तीसगढ़ की राजनीति के केंद्र में आ गई है। इसकी वजह बेमेतरा से भाजपा विधायक दीपेश साहू की शादी है, जो 31 मई को आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के सामूहिक विवाह कार्यक्रम में होने जा रही है।
विधायक के इस फैसले को लेकर कांग्रेस ने सरकार और योजना की पात्रता पर सवाल खड़े किए हैं। वहीं भाजपा इसे सादगी और सामाजिक समरसता का संदेश बता रही है।
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CM Kanya Vivah Yojana में विधायक की शादी पर कांग्रेस के सवाल
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Deepak Baij ने इस मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधा है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बनाई गई है। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या एक विधायक इस योजना के तहत विवाह करने के पात्र हैं।
दीपक बैज ने आरोप लगाया कि गरीबों के हक पर डाका डाला जा रहा है और सरकार को इस मामले में स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
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जानिए पूरा मामला
बेमेतरा में आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह कार्यक्रम में कुल 24 जोड़े विवाह बंधन में बंधेंगे। इन्हीं जोड़ों में भाजपा विधायक दीपेश साहू और उनकी होने वाली जीवनसंगिनी भी शामिल हैं।
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai, विधानसभा अध्यक्ष Raman Singh, केंद्रीय राज्य मंत्री Tokhan Sahu, उपमुख्यमंत्री Vijay Sharma और Arun Sao समेत कई प्रमुख नेता शामिल होने वाले हैं।
पहली बार सामूहिक विवाह में शादी करेंगे विधायक
छत्तीसगढ़ में यह पहला मौका माना जा रहा है जब कोई मौजूदा विधायक मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में विवाह करने जा रहा है।
इसी कारण यह आयोजन केवल सामाजिक नहीं बल्कि राजनीतिक रूप से भी चर्चा का विषय बन गया है।
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CM Kanya Vivah Yojana पर विधायक दीपेश साहू का जवाब
कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा विधायक Dipesh Sahu ने अपना पक्ष रखा है।
उन्होंने कहा कि यह मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना है और इसकी पात्रता में मुख्य रूप से यह देखा जाता है कि वधु BPL परिवार से है या नहीं।
दीपेश साहू ने कहा कि जिनसे वे विवाह करने जा रहे हैं, वे BPL परिवार से संबंध रखती हैं। इसलिए योजना के नियमों के अनुसार पात्रता का निर्धारण किया गया है।
योजना की राशि मेधावी छात्राओं को देने की घोषणा
विधायक ने यह भी कहा कि सामूहिक विवाह योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता राशि वे स्वयं उपयोग नहीं करेंगे।
उन्होंने घोषणा की कि योजना के तहत मिलने वाली राशि मेधावी छात्राओं की शिक्षा और प्रोत्साहन के लिए दान कर दी जाएगी।
मुख्यमंत्री साय ने फैसले की सराहना की
मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने विधायक दीपेश साहू के निर्णय की सार्वजनिक रूप से सराहना की है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि यह निर्णय सादगी, सामाजिक समरसता और जनकल्याणकारी सोच का प्रेरक उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि विवाह को आडंबर से दूर रखकर सामाजिक सहभागिता और संस्कारों से जोड़ने का संदेश समाज के लिए सकारात्मक है।
मुख्यमंत्री ने दीपेश साहू और उनकी होने वाली जीवनसंगिनी को नवदांपत्य जीवन के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
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CM Kanya Vivah Yojana क्या है?
CM Kanya Vivah Yojana छत्तीसगढ़ सरकार की एक महत्वपूर्ण सामाजिक कल्याण योजना है।
इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर, निराश्रित और जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के विवाह में आर्थिक सहायता प्रदान करना है।
सामूहिक विवाह कार्यक्रमों के माध्यम से विवाह संपन्न कराकर सामाजिक समानता और अनावश्यक खर्चों को कम करने का प्रयास किया जाता है।
योजना के तहत क्या लाभ मिलता है?
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत प्रत्येक पात्र कन्या को 50 हजार रुपए तक की सहायता प्रदान की जाती है।
- 35 हजार रुपए वधु के नाम बैंक ड्राफ्ट के रूप में
- 7 हजार रुपए तक गृहस्थी का सामान एवं उपहार
- लगभग 8 हजार रुपए विवाह आयोजन पर खर्च
योजना की पात्रता क्या कहती है?
CM Kanya Vivah Yojana का लाभ उन्हीं परिवारों को मिलता है जो छत्तीसगढ़ के मूल निवासी हों।
इसके अलावा परिवार का BPL श्रेणी में होना या मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना का पात्र होना आवश्यक है।
योजना के अनुसार वधु की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए तथा एक परिवार की अधिकतम दो बेटियों को ही इसका लाभ दिया जा सकता है।
राजनीतिक बहस क्यों तेज हुई?
इस पूरे मामले में विवाद का केंद्र योजना की पात्रता नहीं बल्कि एक जनप्रतिनिधि का सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शामिल होना है।
कांग्रेस इसे गरीबों की योजना से जोड़कर सवाल उठा रही है, जबकि भाजपा इसे सामाजिक संदेश और सादगीपूर्ण विवाह की पहल बता रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक बयानबाजी का विषय बना रह सकता है।
CM Kanya Vivah Yojana के तहत भाजपा विधायक दीपेश साहू की होने वाली शादी ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। एक तरफ कांग्रेस पात्रता और योजना के उद्देश्य को लेकर सवाल उठा रही है, तो दूसरी ओर भाजपा इसे सादगी और सामाजिक समरसता का उदाहरण बता रही है। फिलहाल CM Kanya Vivah Yojana से जुड़ा यह मामला राजनीतिक और सामाजिक दोनों दृष्टिकोण से चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
