MK Khanduja Fraud Case में अब पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। शिशु रोग विशेषज्ञ Dr. M. K. Khanduja की संपत्तियों की जानकारी जुटाने के लिए पुलिस ने कोलकाता सरकार को पत्र भेजा है।
पुलिस को शक है कि ठगी की रकम से डॉ. खंडूजा ने कोलकाता में संपत्ति खरीदी हो सकती है। इसी वजह से अब वहां की संपत्तियों की जांच शुरू की जा रही है।
MK Khanduja Fraud Case में पुलिस की नई कार्रवाई
स्मृति नगर पुलिस ने डॉ. एमके खंडूजा के खिलाफ पहले ही धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था।
अब इस मामले में चिटफंड से जुड़ी धाराएं भी जोड़ दी गई हैं, जिसके बाद पुलिस को आरोपी की संपत्ति जब्त करने का अधिकार मिल गया है।
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पुलिस ने कोलकाता सरकार को लिखा पत्र
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कोलकाता प्रशासन से आरोपी की संपत्ति का रिकॉर्ड मांगा गया है।
जांच एजेंसियों का मानना है कि निवेशकों से ठगी कर जुटाई गई रकम से कई जगहों पर संपत्तियां खरीदी गई हो सकती हैं।
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निवेशकों से कैसे हुई ठगी
MK Khanduja Fraud Case में आरोप है कि डॉ. खंडूजा ने बीएसआर हेल्थ वेंचर प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी बनाकर लोगों को निवेश के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने निवेशकों को 15 प्रतिशत तक लाभ देने का झांसा दिया था।
200 से अधिक लोग बने शिकार
पुलिस जांच के अनुसार 200 से ज्यादा लोगों ने कंपनी में पैसा निवेश किया था।
बाद में रकम लेने के बाद आरोपी कोलकाता चला गया, जिसके बाद निवेशकों ने शिकायत दर्ज कराई।
कोलकाता में संपत्ति तलाशने की तैयारी
पुलिस अब राज्य के बाहर भी आरोपी की संपत्ति की जानकारी जुटा रही है।
जांच एजेंसियों को आशंका है कि आरोपी ने कोलकाता समेत दूसरे राज्यों में भी निवेश और संपत्ति खरीदी हो सकती है।
दूसरे जिलों में भी जांच जारी
सिर्फ कोलकाता ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में भी खंडूजा की संपत्तियों की तलाश की जा रही है।
पुलिस रिकॉर्ड और बैंक लेनदेन की जांच भी कर रही है।
पत्नी और बेटे को भी बनाया आरोपी
MK Khanduja Fraud Case में पुलिस ने आरोपी के बेटे और पत्नी को भी मामले में शामिल किया है।
जांच में सामने आया कि कंपनी के संचालन और लेनदेन में परिवार के अन्य सदस्य भी जुड़े हुए थे।
पत्नी अभी भी फरार
पुलिस के मुताबिक आरोपी की पत्नी फिलहाल फरार है और उसकी गिरफ्तारी अभी तक नहीं हो पाई है।
पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
चिटफंड एक्ट की धाराएं क्यों जोड़ी गईं
मामले में बड़ी संख्या में लोगों से निवेश के नाम पर पैसा लेने के कारण पुलिस ने चिटफंड कानून की धाराएं जोड़ी हैं।
इससे पुलिस को आरोपी की संपत्ति जब्त कर नीलामी करने की प्रक्रिया शुरू करने में मदद मिलेगी।
निवेशकों को लौटाई जाएगी रकम
कानूनी प्रक्रिया के तहत जब्त संपत्ति की नीलामी से मिलने वाली राशि निवेशकों को लौटाने का प्रावधान है।
इसी वजह से पुलिस तेजी से संपत्तियों की पहचान करने में जुटी है।
पहले भी दर्ज हुआ था मामला
डॉ. खंडूजा के खिलाफ सबसे पहले Chhawani थाना क्षेत्र में धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ था।
इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अब आर्थिक अपराध से जुड़े पहलुओं की विस्तृत जांच जारी है।
MK Khanduja Fraud Case में आगे क्या
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही संपत्तियों की विस्तृत सूची तैयार की जाएगी।
इसके बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई शुरू हो सकती है।
निवेशकों की उम्मीद बढ़ी
मामले में संपत्ति जब्ती की कार्रवाई शुरू होने से निवेशकों को पैसा वापस मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
हालांकि पूरी प्रक्रिया अदालत के निर्देशों और जांच रिपोर्ट पर निर्भर करेगी।
MK Khanduja Fraud Case अब सिर्फ धोखाधड़ी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह बड़े आर्थिक अपराध के रूप में सामने आ रहा है। पुलिस कोलकाता समेत कई जगहों पर आरोपी की संपत्तियों की जांच कर रही है ताकि निवेशकों की रकम वापस दिलाई जा सके।
आने वाले दिनों में संपत्ति कुर्की और नीलामी की कार्रवाई इस मामले में बड़ा मोड़ ला सकती है।
