शासकीय व्यय में मितव्ययिता और वित्तीय अनुशासन के लिए वित्त विभाग ने जारी किए नए निर्देश

Chhattisgarh सरकार ने सरकारी खर्चों पर कड़ी लगाम लगाने का बड़ा फैसला लिया है। राज्य के वित्त विभाग ने शासकीय व्यय में मितव्ययिता और वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक व्यापक वित्त निर्देश जारी किया है।

वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव द्वारा जारी ये निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं और 30 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेंगे।

रायपुर, भिलाई, दुर्ग और बिलासपुर सहित Chhattisgarh के सभी जिलों के कलेक्टरों, संभागीय आयुक्तों, विभागाध्यक्षों और सभी सरकारी विभागों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के आदेश दिए गए हैं।


Chhattisgarh शासन के वित्त विभाग द्वारा जारी ये निर्देश कोई साधारण आदेश नहीं हैं — यह राज्य के सार्वजनिक संसाधनों के कुशल प्रबंधन की दिशा में एक ठोस और समयबद्ध कदम है।

निर्देशों का मुख्य उद्देश्य है:

  • राज्य के वित्तीय संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग
  • अनावश्यक सरकारी खर्चों पर नियंत्रण
  • प्रशासनिक दक्षता और जवाबदेही में सुधार

ये निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू हैं और 30 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेंगे।



यह भी पढ़ें: Chhattisgarh में “जन भागीदारी” अभियान — क्या है उद्देश्य?

📢 Chhattisgarh की हर बड़ी सरकारी खबर सबसे पहले पाने के लिए हमारा WhatsApp Channel Join करें: 👉 https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j



काफिले में केवल जरूरी वाहन — कारकेड पर नियंत्रण

Chhattisgarh के वित्त निर्देशों में सबसे पहला और सबसे स्पष्ट आदेश है — कारकेड वाहनों के उपयोग पर सख्त नियंत्रण।

निर्देश के अनुसार:

  • मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद, निगम-मंडल और आयोगों के पदाधिकारियों के काफिले में केवल अत्यावश्यक वाहनों का ही उपयोग होगा
  • अन्य शासकीय संसाधनों का भी संयमित उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा

यह आदेश मुख्यमंत्री विष्णु देव साई के उस फैसले के अनुरूप है, जिसमें उन्होंने खुद अपने काफिले की गाड़ियां कम कीं और प्रधानमंत्री मोदी की ईंधन बचाओ मुहिम में सक्रिय भागीदारी दिखाई।


Chhattisgarh में इलेक्ट्रिक वाहनों को मिलेगा बढ़ावा

Chhattisgarh सरकार पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत के लिए एक दूरदर्शी कदम उठाने जा रही है।

वित्त निर्देशों के अनुसार राज्य के सभी शासकीय वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) में परिवर्तित किया जाएगा।

इसके दो बड़े फायदे होंगे:

1. ईंधन व्यय में भारी कमी — पेट्रोल-डीजल पर होने वाला करोड़ों का खर्च बचेगा।

2. पर्यावरण संरक्षण — कार्बन उत्सर्जन में कमी से Chhattisgarh हरित और स्वच्छ राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।

वाहन पूलिंग — एक साथ जाएंगे अधिकारी

Chhattisgarh में पेट्रोल और डीजल पर होने वाले सरकारी खर्च को न्यूनतम स्तर पर रखने के लिए वाहन पूलिंग व्यवस्था अनिवार्य की जाएगी।

जो अधिकारी एक ही दिशा में जाते हैं, वे अब एक ही वाहन में यात्रा करेंगे। यह व्यवस्था न केवल ईंधन बचाएगी, बल्कि सड़क पर सरकारी वाहनों की संख्या भी कम करेगी।


विदेश यात्राओं पर पूर्ण प्रतिबंध

Chhattisgarh वित्त विभाग का यह निर्देश सरकारी खर्च में मितव्ययिता का सबसे सख्त उदाहरण है।

निर्देश के अनुसार अत्यंत अपरिहार्य परिस्थितियों को छोड़कर:

  • राज्य शासन के व्यय पर शासकीय सेवकों की विदेश यात्राओं पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा
  • यदि किसी विशेष परिस्थिति में विदेश यात्रा आवश्यक हो, तो मुख्यमंत्री की पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा

यह कदम Chhattisgarh की उस नीति के अनुरूप है जिसमें प्रधानमंत्री मोदी ने भी देशवासियों से एक साल तक विदेश यात्रा से बचने की अपील की थी।



📢 सरकारी नीतियों और वित्त निर्देशों की ताज़ा खबरों के लिए Join करें: 👉 https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j



Chhattisgarh में वर्चुअल बैठकों को मिलेगी प्राथमिकता

Chhattisgarh के वित्त निर्देशों में एक बड़ा और आधुनिक बदलाव यह है कि अब भौतिक बैठकों की जगह वर्चुअल और ऑनलाइन बैठकें लेंगी।

निर्देशों के प्रमुख बिंदु:

  • भौतिक बैठकें यथासंभव माह में केवल एक बार ही आयोजित की जाएंगी
  • विभागीय समीक्षा बैठकें अनिवार्य रूप से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होंगी
  • इससे अधिकारियों के यात्रा खर्च, समय और ईंधन — तीनों की बचत होगी

Chhattisgarh के रायपुर मुख्यालय से लेकर सुदूर जिलों के अधिकारी अब डिजिटल माध्यम से जुड़ेंगे और नीतियों का क्रियान्वयन करेंगे।


ऊर्जा संरक्षण और ई-ऑफिस — डिजिटल होगा प्रशासन

Chhattisgarh सरकार का यह वित्त निर्देश केवल पैसे बचाने तक सीमित नहीं है — यह ऊर्जा संरक्षण और डिजिटल प्रशासन की दिशा में भी एक ठोस कदम है।

कार्यालयीन समय के बाद बंद होंगे सभी उपकरण

Chhattisgarh के सभी सरकारी कार्यालयों में कार्यालयीन समय समाप्त होने के बाद निम्नलिखित उपकरण अनिवार्य रूप से बंद किए जाएंगे:

  • लाइट और पंखे
  • एयर कंडीशनर (AC)
  • कंप्यूटर और अन्य विद्युत उपकरण

शासकीय भवनों में ऊर्जा की बर्बादी रोकने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जाएंगे।

ई-ऑफिस और पेपरलेस कार्यप्रणाली

Chhattisgarh में कागजी कार्यवाही को समाप्त करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है:

  • बैठकों में मुद्रित दस्तावेजों की जगह अब PDF, PPT जैसी इलेक्ट्रॉनिक फाइलों का उपयोग होगा
  • सभी कार्यालयीन पत्राचार और नोटशीट अनिवार्य रूप से e-Office के माध्यम से होंगे
  • इससे कागज और स्टेशनरी पर होने वाले खर्च में भारी कमी आएगी

iGOT कर्मयोगी पोर्टल से होगा प्रशिक्षण

Chhattisgarh में सरकारी कर्मचारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भी बड़ा बदलाव होने जा रहा है।

वित्त निर्देशों के अनुसार:

  • भौतिक प्रशिक्षण की जगह iGOT कर्मयोगी पोर्टल का उपयोग बढ़ाया जाएगा
  • सभी विभागों को अपने प्रशिक्षण पाठ्यक्रम इस पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं
  • इससे प्रशिक्षण स्थलों पर यात्रा, आवास और भोजन जैसे खर्चों में भारी कमी आएगी

iGOT कर्मयोगी भारत सरकार का एक राष्ट्रीय डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म है, जिसका उपयोग Chhattisgarh अब अपने सरकारी कर्मचारियों की क्षमता निर्माण के लिए सक्रिय रूप से करेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *