Durg जिले के किसानों के लिए एक बड़ी और उम्मीद भरी खबर सामने आई है। जिला पंचायत दुर्ग के सभागृह में साथी परियोजना की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसने किसानों की आर्थिक समृद्धि की दिशा में कई अहम फैसले लिए।
इस बैठक की अध्यक्षता मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) जिला पंचायत दुर्ग — श्री बजरंग कुमार दुबे ने की। बैठक में नाफेड (NAFED) के वरिष्ठ अधिकारी और किसान प्रोड्यूसर कंपनियों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
रायपुर, भिलाई और पूरे छत्तीसगढ़ में Durg की यह साथी परियोजना अब एक मॉडल के रूप में उभर रही है।
Durg जिला पंचायत सभागृह में आयोजित इस बैठक में नाफेड की ओर से कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें शामिल थे:
- सीनियर मैनेजर पूजा टामटे
- सीनियर मैनेजर लिसा भट्टाचार्य
- स्टेट हेड अनुराग लल्ल
- नेशनल कोऑर्डिनेटर मनीष शाहा
बैठक के दौरान तुलसी किसान प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के पदाधिकारियों ने साथी बाजार दुर्ग में अब तक की गई प्रगति और कार्यवाही की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
दुर्गश्री किसान प्रोड्यूसर कंपनी के प्रतिनिधि भी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में दुर्गश्री किसान प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के प्रमुख पदाधिकारी भी शामिल हुए:
- अध्यक्ष — योगेश सोनकर
- उपाध्यक्ष — निधि चंद्राकर
- सचिव — महेंद्र सिन्हा
बैठक में परियोजना की प्रगति, संचालन व्यवस्था और किसानों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।

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दुर्गश्री फेडरेशन — निर्माण कार्य और 150 उद्यम स्थलों की योजना
Durg जिले के किसानों के लिए सबसे बड़ी और उत्साहजनक खबर यह है कि दुर्गश्री फेडरेशन के निर्माण कार्य की शुरुआत हो चुकी है।
नई दिल्ली में NAFED और संबंधित अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में दुर्गश्री फेडरेशन के अध्यक्ष डॉ. योगेश सोनकर ने फेडरेशन की निर्माण प्रगति की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
उन्होंने बताया कि:
- सिविल कार्य के लिए निविदा जारी की जा चुकी है
- निर्माण कार्य प्रगति पर है
- प्री-फेब्रिकेशन स्ट्रक्चर के माध्यम से लगभग 150 उद्यम स्थलों का निर्माण प्रस्तावित है
- इन उद्यम स्थलों का व्यय निविदा प्रक्रिया के माध्यम से चयनित उद्यमियों द्वारा किया जाएगा
यह 150 उद्यम स्थल न केवल किसानों को रोजगार देंगे बल्कि Durg जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा और ऊर्जा देंगे।
Durg में साथी बाजार — 20 फरवरी को हुआ था भूमि पूजन
Durg में साथी बाजार परियोजना की नींव 20 फरवरी 2026 को एक भव्य भूमि पूजन समारोह के साथ रखी गई थी।
यह भूमि पूजन तीन वरिष्ठ मंत्रियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ:
- कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम
- शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव
- बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष श्री चन्द्रहास चन्द्राकर
तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई सहित 4 संस्थानों से MoU
भूमि पूजन के अवसर पर एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई सहित चार अन्य संस्थानों के साथ एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
यह MoU Durg की साथी परियोजना को शिक्षा और तकनीक से जोड़ने का एक सराहनीय प्रयास है, जो किसानों को आधुनिक कृषि और व्यापार के नए तरीके सीखने का अवसर देगा।
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10-12 FPO जुड़े फेडरेशन से — किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
Durg जिले में साथी परियोजना की एक और बड़ी उपलब्धि सामने आई है। फेडरेशन के सचिव श्री महेंद्र सिन्हा ने बताया कि अब तक 10 से 12 FPO (Farmer Producer Organizations) को दुर्गश्री फेडरेशन से जोड़ा जा चुका है।
FPO यानी किसान उत्पादक संगठन — ये वे संस्थाएं हैं जो छोटे और सीमांत किसानों को एकजुट करके उन्हें बाजार से सीधे जोड़ती हैं।
जितने अधिक FPO फेडरेशन से जुड़ेंगे, उतना अधिक Durg के किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिलेगा और बिचौलियों की भूमिका कम होगी।
CSR योजनाओं से भी जुड़ेगी परियोजना
फेडरेशन की उपाध्यक्ष निधि चंद्राकर ने बताया कि Durg जिले की CSR (Corporate Social Responsibility) योजनाओं से समन्वय स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
यदि CSR फंड साथी परियोजना से जुड़ता है, तो किसानों और उद्यमियों को बिना किसी अतिरिक्त बोझ के कई सुविधाएं मिल सकती हैं।
Durg में बीमा योजनाओं पर भी हो रहा है काम
साथी परियोजना केवल खेती और बाजार तक सीमित नहीं है। Durg जिले में किसानों और छोटे उद्यमियों की सामाजिक सुरक्षा के लिए बीमा योजनाओं पर भी सक्रिय काम हो रहा है।
बैठक में वंदना मैडम ने बताया कि विभिन्न बीमा कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित करके निम्नलिखित बीमा योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है:
- हेल्थ इंश्योरेंस — स्वास्थ्य सुरक्षा
- लाइफ इंश्योरेंस — जीवन बीमा
- शॉप इंश्योरेंस — दुकान और व्यवसाय की सुरक्षा
यह बीमा कवरेज Durg के छोटे किसानों और उद्यमियों को किसी भी अप्रत्याशित संकट से बचाने में सहायक होगा।
NAFED की भूमिका — किसानों को आर्थिक मजबूती देने की कोशिश
Durg की साथी परियोजना में NAFED (राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ) की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
NAFED की सीनियर मैनेजर पूजा टामटे ने बैठक में जानकारी दी कि NAFED द्वारा:
- बीमा योजनाओं को गति दी जा रही है
- फेडरेशन को विभिन्न राष्ट्रीय योजनाओं से जोड़ा जा रहा है
- सदस्यों को अधिकतम आर्थिक लाभ दिलाने के प्रयास हो रहे हैं
पूजा टामटे ने फेडरेशन के सभी प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि Durg की यह परियोजना राज्य के अन्य जिलों के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल बन सकती है।
डॉ. योगेश सोनकर ने यह भी कहा कि साथी परियोजना के सफल संचालन में जिला प्रशासन और मुख्य कार्यपालन अधिकारियों का महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हो रहा है, जिससे फेडरेशन अपने निर्धारित लक्ष्यों की ओर निरंतर आगे बढ़ रहा है।
Durg जिले में साथी परियोजना की यह समीक्षा बैठक किसानों के भविष्य के लिए एक नई उम्मीद की किरण लेकर आई है। 150 उद्यम स्थलों का निर्माण, 10-12 FPO का फेडरेशन से जुड़ाव, NAFED का सक्रिय सहयोग, भिलाई तकनीकी विश्वविद्यालय सहित चार संस्थानों से MoU और बीमा योजनाओं पर काम — ये सभी मिलकर Durg को छत्तीसगढ़ के कृषि विकास का एक चमकता हुआ उदाहरण बना रहे हैं।
जिला प्रशासन, NAFED और दुर्गश्री फेडरेशन के इस त्रिकोणीय सहयोग से Durg के किसान और छोटे उद्यमी न केवल आर्थिक रूप से मजबूत होंगे, बल्कि वे अपनी पहचान राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर भी स्थापित कर सकेंगे।
