Durg Triple Murder केस में कोर्ट का बड़ा फैसला

Durg Triple Murder मामले में आखिरकार 6 साल बाद बड़ा फैसला सामने आया है। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में चर्चित ट्रिपल मर्डर केस में अदालत ने आरोपी रवि शर्मा को मौत की सजा सुनाई है। इस फैसले के बाद पूरे प्रदेश में इस सनसनीखेज हत्याकांड की फिर चर्चा शुरू हो गई है।

दुर्ग कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश यशवंत कुमार सारथी ने आरोपी को पत्नी, डेढ़ माह की बच्ची और एक मानसिक रूप से बीमार युवक की हत्या का दोषी मानते हुए फांसी की सजा सुनाई। अदालत ने इसे “रेयरेस्ट ऑफ रेयर” श्रेणी का अपराध माना।

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कैसे सामने आया खौफनाक ट्रिपल मर्डर

यह पूरा मामला 21 जनवरी 2020 का है। भिलाई के तालपुरी स्थित पारिजात कॉलोनी में सुबह-सुबह एक फोन कॉल ने परिवार को हिला दिया। मंजू शर्मा की मां कला सूर्यवंशी को कॉल कर बताया गया कि उनकी बेटी और दामाद घर में जल रहे हैं।

परिवार तुरंत मौके पर पहुंचा। घर बाहर से बंद था और अंदर से धुआं निकल रहा था। दरवाजा तोड़कर जब लोग अंदर पहुंचे तो दृश्य बेहद भयावह था।

कमरे में मंजू शर्मा की अधजली लाश मिली। उसके हाथ-पैर और मुंह टेप से बंधे हुए थे। पास में डेढ़ माह की मासूम बच्ची मृत अवस्था में पड़ी थी। वहीं बिस्तर के नीचे एक अन्य युवक का शव भी मिला।

शुरुआत में पुलिस को लगा कि तीसरा शव रवि शर्मा का है, लेकिन बाद में खुलासा हुआ कि वह कोई और व्यक्ति था। यहीं से Durg Triple Murder केस ने नया मोड़ लिया।


Durg Triple Murder में आरोपी की साजिश

जांच में पता चला कि आरोपी रवि शर्मा पहले से शादीशुदा था। उसकी पहली पत्नी और बच्चे ओडिशा के राउरकेला में रहते थे। इसके बावजूद उसने भिलाई में मंजू शर्मा से दूसरी शादी की थी।

बताया गया कि मंजू ने डेढ़ माह पहले बच्ची को जन्म दिया था, लेकिन रवि यह बच्चा नहीं चाहता था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच लगातार विवाद होता था।

आखिरकार आरोपी ने पत्नी और बच्ची की हत्या की साजिश रच डाली। उसने खुद को मृत साबित करने के लिए एक मानसिक रूप से कमजोर युवक को अपने घर बुलाया।

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शराब में मिलाई नींद की गोलियां

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी युवक को शराब पिलाने के बहाने घर लाया। शराब में उसने नींद की गोलियां मिला दीं। युवक के बेहोश होते ही आरोपी ने हथौड़े से हमला कर उसकी हत्या कर दी।

इसके बाद उसने शव को अपने जैसा दिखाने की कोशिश की। हाथ-पैर बांधकर शव को जलाने की योजना बनाई गई ताकि लोग उसे रवि शर्मा समझें।


पत्नी और मासूम बच्ची की भी हत्या

आरोपी ने मंजू शर्मा को भी नींद की दवा देकर सुला दिया। इसके बाद गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इतना ही नहीं, उसने अपनी डेढ़ माह की बच्ची को भी नहीं छोड़ा।

इस खौफनाक वारदात ने पूरे दुर्ग जिले को हिला दिया था। Durg Triple Murder केस उस समय प्रदेश का सबसे चर्चित मामला बन गया था।


पुलिस जांच में कैसे खुला राज

घटनास्थल पर पुलिस को कई संदिग्ध बातें मिलीं। बेडरूम के दरवाजे पर चाक से लिखा गया था कि “मंजू बेवफा थी, इसलिए उसे और उसके पति को मार दिया गया।”

नीचे “संजय देवांगन आर्मी” लिखा हुआ था। पुलिस को शुरुआत से ही यह लिखावट भटकाने वाली लगी।

पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। उसमें आरोपी रवि शर्मा घटना से पहले एक युवक को स्कूटी पर घर लाते हुए दिखाई दिया। वहीं घटना के बाद वह अकेले घर से निकलता भी नजर आया।

यहीं से पुलिस का शक रवि पर गहराता चला गया।


राउरकेला से पकड़ा गया आरोपी

मोबाइल कॉल डिटेल्स की जांच में पता चला कि मंजू की मां को फोन रायपुर रेलवे स्टेशन से किया गया था। पुलिस को आशंका हुई कि आरोपी ओडिशा भाग सकता है।

इसके बाद रेलवे पुलिस की मदद से रवि शर्मा को राउरकेला स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया गया।

भिलाई लाकर पूछताछ की गई तो उसने पूरा जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि वह नई जिंदगी शुरू करना चाहता था और इसी कारण उसने पूरी साजिश रची।

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कोर्ट में पेश हुए अहम सबूत

Durg Triple Murder केस में पुलिस ने कई मजबूत सबूत जुटाए। आरोपी की निशानदेही पर हथौड़ा, टेप, मोबाइल फोन, स्कूटी और दवाइयों के रैपर बरामद किए गए।

हस्तलेख विशेषज्ञों ने भी पुष्टि की कि दीवार पर लिखे गए शब्द आरोपी ने ही लिखे थे। इसके अलावा मोबाइल लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज भी अदालत में पेश किए गए।

शासकीय वकील भावेश कटरे ने कोर्ट में पक्ष रखते हुए इसे बेहद निर्मम और सुनियोजित हत्या बताया।


रेयरेस्ट ऑफ रेयर मानकर सुनाई फांसी

दुर्ग कोर्ट ने सभी तथ्यों और सबूतों को देखते हुए आरोपी रवि शर्मा को दोषी करार दिया। अदालत ने कहा कि आरोपी ने बेहद क्रूर तरीके से तीन लोगों की हत्या की।

कोर्ट ने माना कि आरोपी ने पहले से पूरी योजना बनाई थी और सबूत मिटाने की कोशिश भी की। ऐसे में यह मामला “रेयरेस्ट ऑफ रेयर” श्रेणी में आता है।

इसी आधार पर अदालत ने आरोपी को मौत की सजा सुनाई।


Durg Triple Murder केस से जुड़े अहम तथ्य

हत्या में कुल कितने लोग मारे गए?

इस मामले में पत्नी मंजू शर्मा, डेढ़ माह की बच्ची और एक मानसिक रूप से बीमार युवक की हत्या हुई थी।

आरोपी कौन था?

आरोपी रवि शर्मा था, जो पहले से शादीशुदा था।

पुलिस ने आरोपी को कहां से पकड़ा?

पुलिस ने आरोपी को ओडिशा के राउरकेला रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया।

कोर्ट ने क्या फैसला सुनाया?

दुर्ग कोर्ट ने आरोपी को फांसी की सजा सुनाई है।


निष्कर्ष

Durg Triple Murder केस ने पूरे छत्तीसगढ़ को झकझोर कर रख दिया था। पत्नी, मासूम बच्ची और एक निर्दोष युवक की निर्मम हत्या ने समाज को अंदर तक हिला दिया था। अब 6 साल बाद अदालत के फैसले ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।

यह मामला एक बार फिर बताता है कि अपराध कितना भी शातिर तरीके से किया जाए, कानून के हाथों से बचना आसान नहीं होता। Durg Triple Murder में कोर्ट का यह फैसला न्याय व्यवस्था पर लोगों का भरोसा मजबूत करता है।

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