Raipur सहित छत्तीसगढ़ के दूरस्थ वनांचलों और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए मोबाइल मेडिकल यूनिट (MMU) किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रही है। शासन की इस अनूठी पहल ने पिछले साढ़े तीन महीनों में 2000 से अधिक ग्रामीणों को उनके गांव में ही निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई हैं।प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत संचालित यह सेवा अब उन इलाकों तक पहुंच रही है, जहां पहले इलाज के लिए लोगों को कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था।
Raipur में मोबाइल मेडिकल यूनिट बनी वरदानRaipur से संचालित स्वास्थ्य विभाग की यह पहल अब वनांचलों के लोगों की जिंदगी बदल रही है। विशेष पिछड़ी जनजाति ‘कमार’ बाहुल्य ग्राम बल्दाकछार, औराई और कसडोल क्षेत्र के कई गांवों में मोबाइल मेडिकल यूनिट लगातार स्वास्थ्य शिविर लगा रही है।इस सेवा का सबसे बड़ा फायदा यह हुआ है कि अब ग्रामीणों को छोटे इलाज के लिए शहर जाने की जरूरत नहीं पड़ रही है। गांव में ही डॉक्टर, जांच और दवा की सुविधा उपलब्ध हो रही है।
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पीएम जनमन योजना से बदली तस्वीरप्रधानमंत्री Narendra Modi की पीएम जनमन योजना के तहत 15 जनवरी 2026 से मोबाइल मेडिकल यूनिट की शुरुआत की गई थी।इस योजना का उद्देश्य विशेष पिछड़ी जनजातियों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है। योजना शुरू होने के बाद से दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है।ग्रामीणों का कहना है कि पहले इलाज के लिए पूरा दिन खराब हो जाता था, लेकिन अब गांव में ही उपचार मिलने से समय और पैसे दोनों की बचत हो रही है।
ग्रामीणों को घर के पास मिल रहा इलाजपैदल चलने की मजबूरी हुई खत्मपहले वनांचल क्षेत्रों के लोगों को सामान्य बुखार या जांच के लिए भी कई मील पैदल चलना पड़ता था। परिवहन की सुविधा सीमित होने के कारण मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था।अब मोबाइल मेडिकल यूनिट सीधे गांवों तक पहुंच रही है। इससे बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चों को विशेष राहत मिली है।मुनादी कर दी जाती है जानकारीप्रशासन द्वारा कैंप की तिथि और स्थान पहले से तय कर गांवों में मुनादी करवाई जाती है। ढोल बजाकर ग्रामीणों को स्वास्थ्य शिविर की जानकारी दी जाती है।इस व्यवस्था के कारण गांवों में भारी संख्या में लोग स्वास्थ्य जांच के लिए पहुंच रहे हैं।
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Raipur क्षेत्र में मुफ्त जांच और दवाइयों की सुविधाएक ही जगह पर सभी सुविधाएंRaipur क्षेत्र में संचालित इस मोबाइल अस्पताल में सभी जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हैं। प्रत्येक यूनिट में मेडिकल ऑफिसर, नर्स, लैब टेक्निशियन और ड्राइवर की टीम तैनात रहती है।मुफ्त जांच की सुविधामोबाइल मेडिकल यूनिट में ग्रामीणों की कई जरूरी जांच मौके पर ही की जा रही हैं, जिनमें शामिल हैं:बीपी जांचशुगर टेस्टमलेरिया जांचहीमोग्लोबिन टेस्टइसके साथ ही डॉक्टरों द्वारा निःशुल्क परामर्श और मुफ्त दवाइयां भी दी जा रही हैं।आधुनिक चिकित्सा की ओर बढ़ते आदिवासी क्षेत्रइस योजना का सबसे सकारात्मक असर ग्रामीणों की सोच में बदलाव के रूप में सामने आया है।विशेष पिछड़ी जनजातियों के कई लोग पहले केवल पारंपरिक जड़ी-बूटियों और बैगा-गुनिया पर निर्भर रहते थे। अब उनमें आधुनिक चिकित्सा पद्धति के प्रति भरोसा बढ़ा है।ग्रामीण अब बीमारियों को छिपाने के बजाय समय पर जांच और इलाज करवाने को प्राथमिकता दे रहे हैं। इससे स्वास्थ्य जागरूकता में भी वृद्धि हुई है।ग्रामीणों में बढ़ा स्वास्थ्य के प्रति विश्वासस्वास्थ्य विभाग की यह पहल अब केवल इलाज तक सीमित नहीं रह गई है। यह ग्रामीणों में विश्वास और जागरूकता बढ़ाने का माध्यम भी बन चुकी है।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी तरह स्वास्थ्य सेवाएं वनांचलों तक पहुंचती रहीं तो आने वाले समय में आदिवासी क्षेत्रों में कई गंभीर बीमारियों पर नियंत्रण पाया जा सकेगा।निष्कर्षRaipur सहित छत्तीसगढ़ के वनांचलों में मोबाइल मेडिकल यूनिट ने स्वास्थ्य सेवाओं की नई मिसाल पेश की है। पीएम जनमन योजना के तहत शुरू हुई इस पहल ने हजारों ग्रामीणों को राहत पहुंचाई है। अब दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को इलाज के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ रही है। Raipur की यह स्वास्थ्य पहल आने वाले समय में ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए प्रेरणादायक मॉडल बन सकती है
