Durg जिले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा “सही दवा-शुद्ध आहार यही छत्तीसगढ़ का आधार” थीम के अंतर्गत 15 दिवसीय सघन जांच अभियान शुरू किया गया है। यह अभियान 27 अप्रैल 2026 से 11 मई 2026 तक संचालित किया जाएगा।
इस अभियान का उद्देश्य लोगों को सुरक्षित खाद्य पदार्थ और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराना है। प्रशासन ने जिले के खाद्य और औषधि अधिकारियों को सख्त निगरानी के निर्देश दिए हैं।
Durg में मेडिकल और कॉस्मेटिक फर्मों की जांच
अभियान के दूसरे दिन 28 अप्रैल 2026 को Durg जिले में कई थोक औषधि और कॉस्मेटिक विक्रेता फर्मों का निरीक्षण किया गया।
जांच के दौरान औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 और नियमावली 1945 के तहत कार्रवाई की गई।
किन फर्मों की हुई जांच?
जांच टीम ने निम्न प्रमुख प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया:
- श्रद्धा मेडिकल एजेंसी, शनिचरी बाजार
- वर्धमान एजेंसी, गंजपारा
- रिषभ डिस्ट्रीब्यूटर्स
- टी.सी. मेडिकोज
- जायडस हेल्थ केयर
- जायडस लाइफ साइंसेस
- भारत एजेंसी, भिलाई
- अशोक एजेंसी
अधिकारियों ने 10 कॉस्मेटिक विक्रय फर्मों के क्रय-विक्रय रिकॉर्ड की जांच की।
Durg में 2 कॉस्मेटिक सैंपल जब्त
निरीक्षण के दौरान दो प्रसाधन सामग्री के नमूने जांच के लिए एकत्र किए गए। अधिकारियों ने सभी दुकानदारों को निर्देश दिया कि केवल अधिकृत एजेंसियों से ही सामान खरीदा और बेचा जाए।
प्रशासन ने स्पष्ट कहा कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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जूस सेंटरों पर खाद्य विभाग की कार्रवाई
Durg जिले में खाद्य शाखा द्वारा गन्ना रस और जूस सेंटरों की भी जांच की गई। गर्मी के मौसम को देखते हुए प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरती है।
जांच के दौरान स्ट्रीट वेंडर्स को साफ-सफाई बनाए रखने और स्वच्छ पानी के उपयोग के निर्देश दिए गए।
संचालकों को दिए गए निर्देश
- साफ पीने योग्य पानी का उपयोग करें
- बर्फ स्वच्छ पानी से बनाई जाए
- कृत्रिम रंगों का उपयोग न करें
- ताजे फलों का इस्तेमाल करें
- परिसर में डस्टबीन रखें
- आसपास सफाई बनाए रखें
अधिकारियों ने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
Durg में मिलावटी रंग मिलने पर बड़ा एक्शन
जांच के दौरान पाण्डे जूस कार्नर और देवांगन जूस कार्नर में मैंगो जूस में रंग मिलाने का मामला सामने आया।
अधिकारियों ने मौके पर ही मिलावटी रंग को नष्ट कराया और संचालकों को सख्त चेतावनी दी।
खराब फलों के उपयोग पर चेतावनी
प्रशासन ने स्पष्ट कहा कि यदि भविष्य में खराब और सड़े फलों का उपयोग किया गया या नियमों का उल्लंघन पाया गया तो नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद Durg जिले में अन्य जूस और खाद्य विक्रेताओं में भी सतर्कता बढ़ गई है।
खाद्य सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त
Durg प्रशासन ने कहा है कि खाद्य सुरक्षा और दवाओं की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई दुकान, डेयरी उत्पाद विक्रेता, आइसक्रीम सेंटर और पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर प्रतिष्ठानों की लगातार जांच जारी रहेगी।
किन जगहों पर बढ़ी निगरानी?
- चाट और गुपचुप सेंटर
- जूस और गन्ना रस दुकानें
- होटल और रेस्टोरेंट
- मिठाई दुकानें
- अस्पताल कैंटीन
- मिड-डे मील सेंटर
- फल और सब्जी विक्रेता
आम लोगों के स्वास्थ्य को लेकर बढ़ी निगरानी
विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के मौसम में खाद्य पदार्थ जल्दी खराब होते हैं, इसलिए इस प्रकार के अभियान बेहद जरूरी हैं।
Durg जिले में चल रही यह कार्रवाई लोगों को सुरक्षित और स्वच्छ खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
लोगों से भी की गई अपील
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल स्वच्छ और अधिकृत दुकानों से ही खाद्य सामग्री और दवाइयां खरीदें।
यदि कहीं मिलावट या नियम उल्लंघन दिखाई दे तो तुरंत संबंधित विभाग को सूचना दें।
Durg में आगे भी जारी रहेगा अभियान
खाद्य एवं औषधि विभाग ने साफ किया है कि Durg जिले में यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
आने वाले दिनों में और अधिक दुकानों, मेडिकल एजेंसियों, होटल और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं की जांच की जाएगी।
Durg जिले में चलाया जा रहा 15 दिवसीय जांच अभियान खाद्य सुरक्षा और दवा गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम है।
प्रशासन द्वारा मिलावटी जूस और नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों पर की गई कार्रवाई से साफ संदेश गया है कि लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। Durg में यह अभियान आगे भी जारी रहकर आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
