Arun Sao ने छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों की समीक्षा करते हुए सख्त रुख अपनाया है। Arun Sao, जो उप मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री हैं, ने रायपुर के सिविल लाइन स्थित सर्किट हाउस में दिनभर चली बैठक में कई अहम फैसले लिए।
इस बैठक में नगर निगमों और नगर पालिकाओं के कामकाज की गहन समीक्षा की गई, जिसमें पेयजल संकट, अवैध प्लॉटिंग और निर्माण जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया गया।
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Arun Sao की बड़ी समीक्षा बैठक
Arun Sao की इस बैठक में नगरीय प्रशासन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सचिव डॉ. बसवराजु एस., संचालक आर. एक्का और SUDA के सीईओ शशांक पाण्डेय सहित सभी नगर निगमों के आयुक्त शामिल हुए।
Arun Sao ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे शहरों की जरूरतों के अनुसार कार्ययोजना बनाकर काम करें।
Arun Sao का पेयजल संकट पर सख्त रुख
Arun Sao ने पेयजल आपूर्ति को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों पर नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिया कि अगले वर्ष तक सभी नगर निगमों में पेयजल समस्या का स्थाई समाधान सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि केवल बजट खर्च करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जनता की समस्याओं का स्थायी समाधान जरूरी है।
Arun Sao ने अवैध निर्माण पर क्या कहा
Arun Sao ने शहरों में अवैध प्लॉटिंग और अवैध निर्माण पर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि निकायों की छवि सुधारने के लिए पारदर्शिता और जिम्मेदारी जरूरी है। इस दिशा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
Arun Sao का अफसरों पर एक्शन और सस्पेंशन
Arun Sao ने धमतरी में पेयजल योजना में देरी पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित कार्यपालन अभियंता को निलंबित करने और ठेकेदार पर पेनाल्टी लगाने के निर्देश दिए।
यह स्पष्ट संकेत है कि अब काम में लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
Arun Sao की योजनाओं और विकास पर फोकस
Arun Sao ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत सभी अपूर्ण आवासों को सितंबर 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा पीएम स्वनिधि योजना के तहत अधिक से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स को लाभ दिलाने के लिए बैंकों से समन्वय बढ़ाने को कहा।
उन्होंने रेन वाटर हार्वेस्टिंग, स्वच्छता और ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करने पर भी जोर दिया, ताकि बरसात में जलभराव की समस्या न हो।
Arun Sao के निर्देशों का असर
Arun Sao के इन सख्त निर्देशों से नगरीय निकायों में कामकाज की गति तेज होने की उम्मीद है। अधिकारियों को समय-सीमा में काम पूरा करने और गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही जून के पहले सप्ताह में राज्य स्तरीय टीम द्वारा निरीक्षण भी किया जाएगा, जिससे जवाबदेही और बढ़ेगी।
Arun Sao की इस सख्त समीक्षा बैठक ने यह स्पष्ट कर दिया है कि छत्तीसगढ़ में नगरीय विकास को लेकर सरकार गंभीर है। पेयजल, अवैध निर्माण और विकास कार्यों पर सख्ती से अमल किया जाएगा।
आने वाले समय में Arun Sao के इन निर्देशों का असर शहरों की व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं में साफ तौर पर देखने को मिल सकता है।
