Babu Khemani: 3 Stumps सट्टा के मास्टरमाइंड के 7 चौंकाने वाले राज

रायपुर, छत्तीसगढ़ | 17 अप्रैल 2026

Babu Khemani — यह नाम इन दिनों रायपुर से लेकर मुंबई तक चर्चा में है। सूत्रों के मुताबिक, ‘3 STUMPS’ नामक ऑनलाइन सट्टा बुक के कथित संचालक और सट्टा गिरोह के सरगना माने जा रहे बाबू खेमानी को मुंबई से गिरफ्तार किया गया है। हालांकि, इस गिरफ्तारी को लेकर अभी तक पुलिस की ओर से औपचारिक पुष्टि नहीं आई है।

Babu Khemani छत्तीसगढ़ के रायपुर का रहने वाला है और सोशल मीडिया पर खुद को एक इन्फ्लुएंसर के रूप में पेश करता रहा है। जांच एजेंसियों का दावा है कि IPL मैचों के दौरान बड़े पैमाने पर ऑनलाइन सट्टा खिलाने के लिए उसने एक संगठित डिजिटल नेटवर्क खड़ा किया था।


यह भी पढ़ें: Vedanta Blast में 20 मौतें, 5 बड़े खुलासे जो हिला देंगे आपको

📲 Raipur, Bhilai, Bilaspur, Durg सहित पूरे Chhattisgarh की ब्रेकिंग न्यूज़ सबसे पहले पाएं: 👉 https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j


Babu Khemani Arrest – मामला क्या है?

Babu Khemani पर आरोप है कि उसने IPL सीजन के दौरान ‘3 STUMPS’ नाम की ऑनलाइन सट्टा बुक के जरिए करोड़ों रुपये का अवैध कारोबार चलाया। जांच एजेंसियों के अनुसार, यह नेटवर्क पूरी तरह सुनियोजित और डिजिटल तरीके से संचालित था।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस मामले में जल्द ही पूरे नेटवर्क को लेकर बड़ा खुलासा किया जा सकता है। कई शहरों में एक साथ छापेमारी और गिरफ्तारियों ने इस सट्टा साम्राज्य की परतें खोलना शुरू कर दिया है।


मुंबई और उड़ीसा से चल रहा था ‘3 Stumps’ नेटवर्क

Babu Khemani पर मुंबई और उड़ीसा में किराए के मकानों से ऑनलाइन सट्टा संचालन कराने का गंभीर आरोप है। क्राइम ब्रांच ने पहले ही मुंबई और भुवनेश्वर में IPL मैचों पर ऑनलाइन सट्टेबाजी के एक बड़े रैकेट का खुलासा किया था।

इस कार्रवाई के दौरान कई ऑपरेटर्स को हिरासत में लिया गया था। पूछताछ में उन्होंने बाबू खेमानी का नाम सामने रखा, जिसके बाद जांच एजेंसियों की नजर उस पर केंद्रित हो गई।

पुणे, मुंबई और गोवा जैसे शहरों में रायपुर के रिश्तेदारों और परिचितों की मदद से पैनल ऑपरेट किए जा रहे थे। यह पूरा तंत्र एक ही कमांड सेंटर से नियंत्रित होता था।


📲 हमारे WhatsApp Channel को Join करें और पाएं हर अपडेट: 👉 https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j


20 से अधिक गिरफ्तार सटोरियों ने लिया Babu Khemani का नाम

जांच एजेंसियों का कहना है कि अब तक गिरफ्तार किए गए 20 से अधिक सट्टा ऑपरेटर्स की पूछताछ में बाबू खेमानी को इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया गया है।

आरोप है कि यह नेटवर्क पूरी तरह सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था और अलग-अलग शहरों में बैठे लोग इसकी विभिन्न जिम्मेदारियां संभाल रहे थे। कोई यूजर्स को जोड़ने का काम करता था, तो कोई दांव लगवाने और भुगतान संभालने की जिम्मेदारी निभाता था।

पूरा नेटवर्क देश के अलग-अलग शहरों से संचालित किया जा रहा था, जबकि नियंत्रण एक ही कमांड से होता था।


विदेश से सिंडिकेट को कंट्रोल करने की आशंका

जांच में यह भी आशंका जताई गई है कि Babu Khemani Arrest से पहले वह भारत से बाहर बैठकर ‘3 STUMPS’ सट्टा सिंडिकेट को मॉनिटर कर रहा था।

रायपुर में उसके रिश्तेदारों और परिचितों की मदद से पुणे, मुंबई और गोवा जैसे शहरों में पैनल ऑपरेट किए जा रहे थे। रायपुर पुलिस इस नेटवर्क के कई सक्रिय सदस्यों को पहले ही पकड़ चुकी है।

यदि विदेश से संचालन की बात साबित होती है, तो यह मामला अंतरराष्ट्रीय साइबर क्राइम की श्रेणी में भी आ सकता है।


Babu Khemani Arrest: म्यूल खातों से होते थे लाखों के ट्रांजैक्शन – 7 बड़े खुलासे

1. म्यूल बैंक खातों का जाल

सट्टा लेन-देन को छिपाने के लिए म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल किया जाता था। पैसे का ट्रेल पकड़ना मुश्किल बनाने के लिए कई खातों और डिजिटल वॉलेट्स का सहारा लिया जाता था।

2. डिजिटल वॉलेट्स से मनी ट्रेल छिपाना

जांच एजेंसियों को वित्तीय लेन-देन का पूरा ब्यौरा जुटाने में इसीलिए समय लग रहा है क्योंकि लेयर्ड ट्रांजैक्शन्स के जरिए रकम को कई जगहों पर बांटा जाता था।

3. IPL सीजन में सबसे ज्यादा सक्रियता

जांच एजेंसियों के मुताबिक, IPL मैचों के दौरान इस नेटवर्क की गतिविधियां चरम पर होती थीं। मैच के दौरान रियल-टाइम बेटिंग के लिए अलग पैनल तैयार रखे जाते थे।

4. रायपुर से पुणे, मुंबई, गोवा तक फैला नेटवर्क

रायपुर मुख्यालय की तरह काम करता था, जबकि ऑपरेशनल टीमें देशभर में फैली हुई थीं। हर शहर की टीम के पास अलग-अलग जिम्मेदारियां थीं।

5. सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर की आड़

Babu Khemani सोशल मीडिया पर खुद को इन्फ्लुएंसर के तौर पर पेश करता था, जिससे युवाओं में उसकी पहुंच आसान हो जाती थी। यह पहचान उसके अवैध कारोबार के लिए एक मास्क का काम करती थी।

6. इंस्टाग्राम से युवाओं को जोड़ना

इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए युवाओं को आसान कमाई का लालच देकर ऑनलाइन सट्टेबाजी से जोड़ा जाता था। यह तरीका बेहद खतरनाक और व्यापक साबित हुआ।

7. रिश्तेदारों की भूमिका

पुलिस सूत्रों के अनुसार, सिंडिकेट में कई रिश्तेदारों और जान-पहचान वालों की भी अहम भूमिकाएं थीं, जो दिन-प्रतिदिन के ऑपरेशन को संभाल रहे थे।


📲 Chhattisgarh Crime News की हर अपडेट के लिए Join करें: 👉 https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j


रायपुर में पहले भी दर्ज हो चुकी है FIR

गौरतलब है कि रायपुर पुलिस पहले भी बाबू खेमानी पर कार्रवाई कर चुकी है। करीब तीन साल पहले उसके खिलाफ प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत केस दर्ज कर जुर्माना लगाया गया था।

हाल ही में, 13 अप्रैल को रायपुर के गंज थाने में उसके खिलाफ एक नई FIR दर्ज की गई, जिसके बाद से वह फरार बताया जा रहा था। अब Babu Khemani Arrest की खबर सामने आने के बाद जांच एजेंसियों को बड़ी सफलता मिलती दिख रही है।


सोशल मीडिया से युवाओं को फंसाने की खतरनाक रणनीति

यह गिरोह सोशल मीडिया, खासतौर पर इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं को आकर्षित करता था। आसान कमाई का लालच देकर उन्हें ऑनलाइन सट्टेबाजी से जोड़ा जाता था, जिससे यह अवैध कारोबार लगातार फैलता चला गया।

यह तरीका इस गिरोह को खास तौर पर खतरनाक बनाता है — क्योंकि इसका शिकार वे युवा होते हैं जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और जल्दी पैसे कमाने की चाहत रखते हैं।


जांच जारी – Babu Khemani Arrest के बाद और बड़े खुलासों की संभावना

फिलहाल पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। नेटवर्क से जुड़े सभी आरोपियों की भूमिका खंगाली जा रही है और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।

अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस हाई-प्रोफाइल सट्टा मामले में और भी बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं। पुलिस की नजर अब उन सभी लोगों पर है जिनके नाम पूछताछ में सामने आए हैं।


Babu Khemani Arrest एक ऐसे हाई-प्रोफाइल ऑपरेशन की कड़ी है जो छत्तीसगढ़ के रायपुर से शुरू होकर मुंबई, पुणे, गोवा और यहां तक कि विदेश तक फैले एक अवैध सट्टा साम्राज्य को उजागर करती है। ‘3 STUMPS’ सट्टा नेटवर्क केवल IPL बेटिंग तक सीमित नहीं था — यह सोशल मीडिया, म्यूल खातों और संगठित डिजिटल नेटवर्क के जरिए लाखों युवाओं को अपने जाल में फंसाने का एक सुनियोजित षड्यंत्र था।

रायपुर पुलिस और क्राइम ब्रांच की यह कार्रवाई एक कड़ा संदेश है कि डिजिटल अपराध चाहे जितना भी परतदार हो — कानून की पहुंच से बाहर नहीं है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *