Durg Child Rape Case ने पूरे छत्तीसगढ़ को हिलाकर रख दिया है। दुर्ग जिले में 5 साल की मासूम बच्ची के साथ रेप और हत्या की कोशिश के इस जघन्य मामले में रविवार को कांग्रेस ने उतई थाने के सामने मिनी माता चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान जब कार्यकर्ताओं ने गृहमंत्री का पुतला जलाने की कोशिश की, तो हालात बेकाबू हो गए। पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच जमकर खींचतान हुई और इस दौरान एक पुलिस आरक्षक आग की चपेट में आ गया।
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Durg Child Rape Case – मामला क्या है? पूरी जानकारी
Durg Child Rape Case में आरोपी धनेश्वर साहू पर 5 साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म करने और उसकी हत्या की कोशिश करने का संगीन आरोप है।
आरोपी ने बच्ची के साथ घिनौनी हरकत के बाद उसे बोरे में बंद करके फेंक दिया था। यह घटना उतई थाना क्षेत्र, दुर्ग जिले की है।
इस जघन्य अपराध के बाद पूरे इलाके में आक्रोश की लहर दौड़ गई और कांग्रेस समेत कई संगठन सड़क पर उतर आए।
उतई थाने के सामने कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन
मिनी माता चौक पर उबला जनाक्रोश
Durg Child Rape Case के विरोध में रविवार को कांग्रेस कार्यकर्ता उतई थाने के सामने मिनी माता चौक पर बड़ी संख्या में जमा हुए।
कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का गुस्सा उस वक्त और भड़क गया जब उन्होंने गृहमंत्री का पुतला जलाने की कोशिश की।
पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हुई जमकर खींचतान ने माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया। पूरी घटना का लाइव वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है।
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Durg Child Rape Case: पुतला दहन में आरक्षक गिरधर मंडावी 10% झुलसा
सिविल ड्रेस में थे आरक्षक, अचानक लपेट में आई आग
Durg Child Rape Case के विरोध प्रदर्शन के दौरान सबसे दुखद घटना तब हुई जब आरक्षक गिरधर मंडावी आग की चपेट में आ गए।
गिरधर मंडावी इस प्रदर्शन के दौरान सिविल ड्रेस में तैनात थे। जैसे ही कार्यकर्ताओं ने पुतले पर पेट्रोल डालकर आग लगाई, वे पुतले को जलने से रोकने के लिए आगे बढ़े।
इसी दौरान उनके कपड़ों में आग लग गई। उन्होंने तुरंत अपनी शर्ट उतारी, लेकिन तब तक उनके हाथ में आग लग चुकी थी और उनका हाथ करीब 10 प्रतिशत तक झुलस गया।
आरक्षक का उपचार:
- पहले उतई स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार
- वहां से भिलाई सेक्टर-9 अस्पताल रेफर
- अभी बर्न यूनिट में इलाज जारी
- हालत स्थिर बताई जा रही है
इसके अलावा एक अन्य पुलिसकर्मी को भी हल्की चोटें आई हैं और उसके कपड़े भी फट गए।
छिपाकर रखा तीसरा पुतला – कांग्रेस की पूर्व-नियोजित रणनीति
तीन पुतले लाए थे कार्यकर्ता, पुलिस ने दो छीने
Durg Child Rape Case के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता अपने साथ गृहमंत्री के 3 पुतले लेकर पहुंचे थे।
पुलिस पहले से सतर्क थी और उसने शुरुआत में ही 2 पुतले छीनकर नष्ट कर दिए ताकि पुतला दहन न हो सके।
लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पहले से ही योजना बनाकर एक पुतला अलग गाड़ी में छिपाकर रखा था। जैसे ही मौका मिला, कार्यकर्ताओं ने अचानक उस पुतले पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी।
पुतला जलकर नाली में गिर गया। मौके पर मौजूद पुलिस ने पुतले पर पानी और रेत डालकर आग बुझाई।
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कांग्रेस का बड़ा आरोप – आरोपी की पहले भी हुई थी शिकायत
राकेश ठाकुर ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
Durg Child Rape Case में कांग्रेस के दुर्ग ग्रामीण जिला अध्यक्ष राकेश ठाकुर मौके पर पहुंचे और उन्होंने पुलिस प्रशासन पर कड़े सवाल उठाए।
राकेश ठाकुर ने कहा:
“आरोपी के खिलाफ पहले भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन पुलिस ने समय पर कोई कार्रवाई नहीं की।”
उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी शराब का आदी था और इलाके में अवैध शराब बेचने का काम भी करता था। इसके बावजूद उस पर कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया, जिसके कारण यह जघन्य अपराध हुआ।
Durg Child Rape Case: बोरे में बंद बच्ची को बच्चों ने बचाया – दिल दहलाने वाला सच
मोहल्ले के बच्चों की सूझबूझ ने बचाई मासूम की जान
Durg Child Rape Case में एक ऐसा पहलू भी है जो दिल को हिला देता है। आरोपी ने 5 साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसे बोरे में बंद करके फेंक दिया था।
लेकिन मोहल्ले के कुछ बच्चों की नजर बोरे से बाहर निकले बच्ची के पैर पर पड़ी। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना बड़ों को दी और बच्ची को समय रहते अस्पताल पहुंचाया।
बच्चों की इसी सतर्कता और साहस की वजह से उस मासूम की जान बच सकी। यह घटना यह भी बताती है कि अगर थोड़ी भी देरी होती, तो परिणाम कितना भयावह हो सकता था।
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महार-माहरा समाज ने मांगी बुलडोजर कार्रवाई
समाज ने की आरोपी के घर पर बुलडोजर चलाने की मांग
Durg Child Rape Case का आरोपी धनेश्वर साहू छत्तीसगढ़ महार-माहरा समाज से संबंध रखता है। समाज के लोग इस घटना से बेहद शर्मिंदा और आक्रोशित हैं।
समाज के प्रतिनिधियों ने पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि:
- आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई हो
- आरोपी के घर पर बुलडोजर चलाया जाए
ज्ञापन में समाज के जिला अध्यक्ष शुभम सिंह और महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष विमला कामड़े (उतई) ने कहा कि इस तरह के अपराधी को समाज में कोई जगह नहीं है और उसे कड़ी सजा मिलनी ही चाहिए।
पुलिस की प्रतिक्रिया – SDOP अनुप लकड़ा का बयान
पुलिस बोली – नियमानुसार होगी आगे की कार्रवाई
Durg Child Rape Case और प्रदर्शन के दौरान आरक्षक के झुलसने के मामले में पाटन के एसडीओपी अनुप लकड़ा ने मीडिया को बताया कि उतई थाना क्षेत्र में पुतला दहन कार्यक्रम था।
उन्होंने कहा कि इस दौरान अचानक पुतला गिरने से आरक्षक गिरधर मंडावी के हाथ में आग लग गई। उन्हें तुरंत अस्पताल भेजा गया जहां उनका इलाज जारी है।
एसडीओपी ने आगे कहा कि मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और स्थिति पर पूरी नजर रखी जा रही है।
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दुर्ग में कानून व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
एक के बाद एक घटनाएं – कांग्रेस का बड़ा आरोप
Durg Child Rape Case के संदर्भ में कांग्रेस नेता राकेश ठाकुर ने दुर्ग जिले में कानून व्यवस्था की विफलता पर गंभीर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले भी दुर्ग में 6 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। और अब फिर एक 5 साल की मासूम के साथ यही हुआ।
इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति यह साफ संकेत देती है कि:
- आरोपियों में कानून का कोई डर नहीं है
- पुलिस पूर्व शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई नहीं करती
- जिले में कानून व्यवस्था पूरी तरह कमजोर पड़ चुकी है
यह Durg Child Rape Case केवल एक घटना नहीं है, यह एक व्यवस्थागत विफलता का प्रतीक है।
Durg Child Rape Case ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि बच्चियों की सुरक्षा के मामले में हमारा समाज और प्रशासन दोनों कहीं न कहीं विफल हो रहे हैं। 5 साल की मासूम को बोरे में बंद कर फेंकने जैसी इस जघन्य घटना ने हर संवेदनशील नागरिक को झकझोर दिया है।
कांग्रेस का प्रदर्शन, आरक्षक गिरधर मंडावी का झुलसना, महार-माहरा समाज की बुलडोजर कार्रवाई की मांग और कांग्रेस के पूर्व शिकायतों को नजरअंदाज करने के आरोप – ये सभी पहलू मिलकर एक बड़ी और गंभीर तस्वीर पेश करते हैं।
इस Durg Child Rape Case में आरोपी धनेश्वर साहू को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। साथ ही दुर्ग पुलिस को यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में ऐसी शिकायतों को नजरअंदाज न किया जाए ताकि एक भी मासूम की जिंदगी इस तरह तबाह न हो।
यदि आप या आपके आसपास कोई बच्चा असुरक्षित है, तो तुरंत चाइल्डलाइन नंबर 1098 पर कॉल करें।
