किन्नरों ने कलेक्टोरेट पहुंच मांगी आर्थिक सहायता, लॉक डाउन बना मुसीबत,नहीं मिल रही बख़्शीश

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दुर्ग (छत्तीसगढ़)। लॉक डाउन के कारण शादी-ब्याह व दूसरे उत्सव नहीं हो रहे हैं। इससे किन्नरों के सामने मुसीबत खड़ी हो गई है। सामान्यत: ऐसे अवसरों में बख़्शीश मांगकर जीवनयापन करने वाले किन्नरों के सामने घर चलाने की चुनौती खड़ी हो गई है। इससे परेशान किन्नरों ने गुरूवार को कलेक्टोरेट पहुंचकर आर्थिक सहायता की मांग की।
कलेक्टोरेट पहुंचे किन्नरों ने बताया कि लॉक डाउन में उपजे हालातों से किन्नरों को राहत दिलाने के लिए केंद्र सरकार ने आर्थिक सहायता के रूप में 1500 रुपए प्रति व्यक्ति देने की घोषणा की है। यह राशि रायपुर, बिलासपुर, महासमुंद, रायगढ़ व धमतरी में किन्नरों को वितरित किया जा रहा है, लेकिन यहां इसका वितरण अब भी शुरू नहीं हो पाया है। किन्नरों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर तत्काल राशि वितरण कराने की मांग की।
राज्य शासन भी करे मदद
किन्नरों ने राज्य शासन द्वारा कोई भी मदद नहीं किए जाने पर भी नाराजगी जताई। किन्नरों को कहना है कि वे रोजी-मजदूरी करके भी जीवनयापन को तैयार हैं, लेकिन लॉक डाउन के कारण काम नहीं मिल रहा है। ऐसे में राज्य शासन को भी तत्काल पहल करते हुए किन्नरों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा करनी चाहिए।