SC Development Budget को लेकर छत्तीसगढ़ विधानसभा में सोमवार का दिन काफी अहम रहा। सदन में अनुसूचित जाति विकास विभाग के लिए 12,970 करोड़ रुपये की अनुदान मांगें पारित कर दी गईं।
चर्चा के दौरान माहौल गंभीर भी रहा और उम्मीदों से भरा भी। सरकार ने दावा किया कि यह बजट समाज के अंतिम छोर पर खड़े लोगों के जीवन में बदलाव लाने वाला है।
मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार अनुसूचित जाति वर्ग के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है।
SC Development Budget में शिक्षा, रोजगार और अधोसंरचना पर जोर
SC Development Budget पर विधानसभा में विस्तृत चर्चा हुई। दरअसल यह बजट अनुसूचित जाति वर्ग के विकास के लिए कई योजनाओं को मजबूत करने वाला माना जा रहा है।
मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने सदन को बताया कि अनुसूचित जाति कल्याण के लिए 7 करोड़ 15 लाख 39 हजार रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं अनुसूचित जाति उपयोजना के तहत 565 करोड़ 89 लाख 8 हजार रुपये निर्धारित किए गए हैं।
हालांकि यह केवल विभागीय बजट का हिस्सा है। दूसरी ओर राज्य के मुख्य बजट में अनुसूचित जाति उपयोजना के अंतर्गत विभिन्न विभागों के माध्यम से 12,970 करोड़ 2 लाख 45 हजार रुपये का समेकित प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा सरकार ने कई नई योजनाओं की घोषणा भी की। इसलिए बजट में अनुसूचित जाति विकास संचालनालय की स्थापना के लिए 30 नए पदों के सृजन का प्रस्ताव रखा गया है।
इसी बीच पारंपरिक चर्म शिल्प व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए भी राहत दी गई है। उनके प्रशिक्षण और सामग्री उपलब्ध कराने के लिए 2 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
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सरकारी योजनाओं की आधिकारिक जानकारी
https://www.india.gov.in पर उपलब्ध रहती है।

सामाजिक समरसता और विकास की नीति
छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जाति वर्ग के उत्थान के लिए कई योजनाएं पहले से लागू हैं। दरअसल राज्य सरकार सामाजिक न्याय और समरसता को प्राथमिकता देने का दावा करती रही है।
मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने सदन में कहा कि सरकार बाबा गुरु घासीदास के “मनखे-मनखे एक समान” के संदेश पर चल रही है।
हालांकि पिछले कुछ वर्षों में शिक्षा और छात्रावास सुविधाओं की मांग तेजी से बढ़ी है। इसलिए सरकार ने नए छात्रावास, आवासीय विद्यालय और खेल परिसर बनाने की योजना बनाई है।
प्रदेश में वर्तमान में अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए 342 प्री-मैट्रिक छात्रावास, 92 पोस्ट-मैट्रिक छात्रावास और 51 आश्रम संचालित हैं।
सरकारी कार्यक्रमों और योजनाओं से जुड़ी जानकारी
https://pib.gov.in पर भी जारी की जाती है।
Key Facts: SC Development Budget
• SC Development Budget को लेकर विधानसभा में वर्ष 2026-27 के लिए 12,970 करोड़ रुपये की अनुदान मांगें पारित की गईं।
• अनुसूचित जाति उपयोजना के अंतर्गत विभिन्न विभागों के माध्यम से विकास और अधोसंरचना के लिए यह राशि खर्च की जाएगी।
• सरकार ने अनुसूचित जाति विकास संचालनालय की स्थापना के लिए 30 नए पदों के सृजन का प्रस्ताव रखा है।
• प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सीजी-अस्सिटेंस फॉर कम्पेटीटिव एग्जामिनेशन योजना शुरू की जाएगी।
• सरकार ने अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के बजट में 25 करोड़ रुपये की वृद्धि कर इसे 75 करोड़ करने का प्रस्ताव रखा है।
Impact & Reactions
इस बजट घोषणा के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। कई सामाजिक संगठनों ने इसे सकारात्मक कदम बताया है।
दरअसल शिक्षा और छात्रावास सुविधाओं का विस्तार अनुसूचित जाति विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वहीं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नई योजना भी युवाओं को बड़ा अवसर दे सकती है। इससे इंजीनियरिंग, मेडिकल और सरकारी नौकरियों की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को मदद मिलेगी।
हालांकि विपक्ष की ओर से भी सवाल उठ सकते हैं। कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि योजनाओं का असली प्रभाव तब दिखेगा जब उनका सही क्रियान्वयन होगा।
सोशल मीडिया पर भी कई लोगों ने इस बजट को सामाजिक न्याय की दिशा में कदम बताया।
छत्तीसगढ़ विधानसभा में पारित SC Development Budget राज्य की सामाजिक नीतियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शिक्षा, रोजगार और अधोसंरचना पर दिया गया जोर कई परिवारों के लिए नई उम्मीद ला सकता है।
अब सबकी नजर सरकार के अगले कदम पर है। आने वाले महीनों में यह साफ होगा कि SC Development Budget से घोषित योजनाएं जमीन पर कितना बदलाव ला पाती हैं।
