Chhattisgarh Food Budget आज छत्तीसगढ़ विधानसभा में चर्चा का बड़ा विषय रहा। सरकार ने किसानों, गरीब परिवारों और उपभोक्ताओं की खाद्य सुरक्षा को केंद्र में रखते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 6216 करोड़ 73 लाख 82 हजार रुपये की अनुदान मांगें पारित कराईं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री दयाल दास बघेल ने विधानसभा में बजट पेश करते हुए कई अहम योजनाओं और उपलब्धियों का उल्लेख किया। सरकार का दावा है कि धान खरीदी से लेकर राशन वितरण तक हर प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है। साथ ही नई योजनाओं के जरिए पोषण सुरक्षा और खाद्यान्न भंडारण क्षमता को भी मजबूत किया जा रहा है।
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Chhattisgarh Food Budget: किसानों और गरीबों के लिए बड़े फैसले
Chhattisgarh Food Budget में किसानों और गरीब परिवारों को सीधे राहत देने वाले कई फैसले शामिल हैं। मंत्री दयाल दास बघेल ने बताया कि खरीफ वर्ष 2025-26 में राज्य के 25 लाख 24 हजार 339 किसानों से समर्थन मूल्य पर 141 लाख 04 हजार 365 टन धान खरीदा गया। इस धान खरीदी की कुल कीमत लगभग 33 हजार 431 करोड़ रुपये रही।
सरकार ने खरीदी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए इस बार तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया। किसानों का पंजीयन एग्रीस्टेक पोर्टल पर किया गया। इसके अलावा राज्य के 2,740 धान खरीदी केंद्रों में बायोमेट्रिक उपकरण लगाए गए। अब किसानों का बायोमेट्रिक सत्यापन होने के बाद ही धान खरीदी होती है।
मंत्री ने बताया कि भुगतान व्यवस्था भी तेज और सरल बनाई गई है। अधिकांश किसानों को धान बेचने के 72 घंटे के भीतर भुगतान सीधे उनके बैंक खाते में मिल गया। इससे लगभग 33 हजार करोड़ रुपये सीधे किसानों तक पहुंचे।
इसके अलावा टोकन व्यवस्था में सुधार किया गया। इस वर्ष 25 लाख से अधिक किसानों को 29 लाख से अधिक टोकन जारी किए गए। इससे किसानों को धान बेचने में सुविधा मिली और खरीदी प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित हुई।
धान का कस्टम मिलिंग भी तेजी से किया जा रहा है। 9 मार्च 2026 तक 141 लाख टन धान में से लगभग 66 प्रतिशत धान मिलिंग के लिए उठाया जा चुका है।
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छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख धान उत्पादक राज्यों में से एक है। इसलिए यहां की आर्थिक व्यवस्था में धान खरीदी और सार्वजनिक वितरण प्रणाली का बड़ा महत्व है। पिछले कई वर्षों से राज्य सरकार किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीद रही है। इसके साथ ही गरीब परिवारों को सस्ती या मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।
केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत राज्य के 73 लाख 97 हजार अंत्योदय और प्राथमिकता राशन कार्डधारियों को दिसंबर 2028 तक मुफ्त चावल मिलेगा। इसके लिए वर्ष 2025-26 में 11,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया।
इसी तरह राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के लिए वर्ष 2026-27 में 5000 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है।
सरकार का लक्ष्य केवल खाद्यान्न वितरण नहीं है। बल्कि पोषण स्तर सुधारना भी है। इसलिए नमक, चना और गुड़ जैसी योजनाएं भी चलाई जा रही हैं।
Key Facts – Chhattisgarh Food Budget
- 6216 करोड़ रुपये की अनुदान मांगें विधानसभा में पारित।
- 141 लाख टन धान खरीदी, 25 लाख से अधिक किसानों को लाभ।
- 73.97 लाख राशन कार्डधारियों को दिसंबर 2028 तक मुफ्त चावल।
- 31.32 लाख कार्डधारियों को 5 रुपये किलो की दर से चना।
- 7.75 लाख परिवारों को बस्तर में रियायती दर पर गुड़ वितरण।
प्रतिक्रियाएं
Chhattisgarh Food Budget का असर सीधे किसानों और गरीब परिवारों पर दिखेगा। धान खरीदी में पारदर्शिता और तेज भुगतान से किसानों का भरोसा बढ़ा है। ग्रामीण इलाकों में राशन योजनाओं के कारण खाद्य सुरक्षा मजबूत हुई है।
पोषण योजनाओं से भी सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद है। अनुसूचित क्षेत्रों में आयोडीन युक्त नमक वितरण से आयोडीन की कमी दूर करने का प्रयास हो रहा है। वहीं 85 विकासखंडों में चना वितरण से प्रोटीन की कमी को कम करने की कोशिश की जा रही है।
बस्तर संभाग में गुड़ वितरण योजना खास महत्व रखती है। इससे स्थानीय लोगों में आयरन की कमी दूर करने में मदद मिल सकती है।
इसके अलावा राज्य में 181 नई उचित मूल्य दुकानों की शुरुआत हुई है। साथ ही 3.32 लाख नए राशन कार्ड जारी किए गए हैं। इससे अधिक परिवार सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़ पाए हैं।
खाद्यान्न भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए भी सरकार काम कर रही है। राज्य भंडारगृह निगम के माध्यम से फरवरी 2026 तक 25.31 लाख मीट्रिक टन भंडारण क्षमता उपलब्ध हो चुकी है। साथ ही 1.17 लाख मीट्रिक टन क्षमता के नए गोदाम बनाए जा रहे हैं।
कुल मिलाकर Chhattisgarh Food Budget राज्य की खाद्य सुरक्षा नीति को मजबूत करने वाला बजट माना जा रहा है। धान खरीदी, मुफ्त चावल योजना और पोषण योजनाओं के जरिए सरकार ने किसानों और गरीब परिवारों को राहत देने की कोशिश की है। साथ ही तकनीक आधारित पारदर्शिता और भंडारण क्षमता बढ़ाने के फैसले भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हैं। आने वाले समय में Chhattisgarh Food Budget के इन कदमों का असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पोषण स्तर दोनों पर दिख सकता है।
