Paddy Procurement Chhattisgarh: 32 विधायक निलंबित, बड़ा हंगामा

Paddy Procurement Chhattisgarh को लेकर गुरुवार को विधानसभा में जबरदस्त हंगामा हुआ। प्रश्नकाल और शून्यकाल के दौरान कांग्रेस विधायकों ने धान खरीदी में बड़े पैमाने पर अव्यवस्था का आरोप लगाया। विपक्ष का दावा है कि दो लाख से अधिक किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अपना धान नहीं बेच पाए। जैसे ही चर्चा की मांग ठुकराई गई, कांग्रेस विधायक सदन के वेल में पहुंच गए। नियमों के तहत 32 विधायकों को स्वतः निलंबित कर दिया गया। हालांकि बाद में अध्यक्ष ने निलंबन वापस ले लिया।


Paddy Procurement Chhattisgarh पर सरकार-विपक्ष आमने-सामने

Paddy Procurement Chhattisgarh मुद्दे को विपक्ष के नेता Charan Das Mahant ने शून्यकाल में उठाया। उन्होंने स्थगन प्रस्ताव लाकर विस्तृत चर्चा की मांग की। महंत ने आरोप लगाया कि सरकार की प्रशासनिक विफलता के कारण 2,11,832 किसान एमएसपी पर धान नहीं बेच पाए।

उन्होंने कहा कि 2025-26 के खरीफ विपणन वर्ष में 25,24,339 किसानों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया। यह मौजूदा सरकार के कार्यकाल में सबसे कम खरीद है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पंजीकृत 27,36,171 किसानों में से बड़ी संख्या प्रक्रिया की जटिलता के कारण वंचित रही।

पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने सरकार पर चर्चा से बचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राजस्व अधिकारी उनके खेत तक सत्यापन के लिए पहुंचे।

वहीं संसदीय कार्य मंत्री Kedar Kashyap ने कहा कि बजट चर्चा में पर्याप्त समय मिलेगा।

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धान खरीदी और एमएसपी विवाद

Paddy Procurement Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख धान उत्पादक राज्यों में शामिल है। राज्य सरकार हर वर्ष न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान खरीदी करती है। यह योजना किसानों की आय सुरक्षा का आधार मानी जाती है।

विपक्ष का आरोप है कि इस बार पंजीकरण सत्यापन, भूमि दस्तावेज जांच, टोकन प्रणाली और भौतिक निरीक्षण जैसी शर्तें सख्त रहीं। इससे किसानों को परेशानी हुई। महंत ने दावा किया कि 1,30,369 प्रभावित किसान अनुसूचित क्षेत्रों से हैं।

मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के गृह जिले जशपुर में भी 50,050 पंजीकृत किसानों में से 41,092 ही धान बेच सके।

एमएसपी की जानकारी के लिए केंद्र सरकार की वेबसाइट देखी जा सकती है:
https://agricoop.nic.in


Paddy Procurement Chhattisgarh

  • 32 कांग्रेस विधायक स्वतः निलंबित हुए, बाद में निलंबन रद्द।
  • 2,11,832 किसानों के धान न बेच पाने का दावा।
  • 141.04 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी।
  • जशपुर में 50,050 में से 41,092 किसानों ने धान बेचा।
  • बजट चर्चा में मुद्दा उठाने की बात सरकार ने कही।

प्रभाव और राजनीतिक प्रतिक्रिया

Paddy Procurement Chhattisgarh विवाद ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया। कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी की और वेल में पहुंच गए। नियमों के तहत उन्हें निलंबित किया गया।

हालांकि सदन की कार्यवाही के दौरान अध्यक्ष धर्मलाल कौशिक ने बताया कि स्थगन प्रस्ताव पहले ही खारिज हो चुका है। बाद में 32 विधायकों का निलंबन वापस ले लिया गया।

विपक्ष ने इसे किसानों के हितों का सवाल बताया। वहीं सरकार ने दावा किया कि धान खरीदी पारदर्शी तरीके से हुई।

इस पूरे घटनाक्रम ने किसान मुद्दे को राज्य की राजनीति के केंद्र में ला दिया है।


छत्तीसगढ़ विधानसभा में उठा Paddy Procurement Chhattisgarh का मुद्दा अभी थमने वाला नहीं है। दो लाख से अधिक किसानों के दावे और 32 विधायकों के निलंबन ने बहस को और तीखा कर दिया है। अब सबकी नजर बजट चर्चा और सरकार के विस्तृत जवाब पर है। स्पष्ट है कि Paddy Procurement Chhattisgarh आने वाले दिनों में भी राजनीतिक विमर्श का मुख्य विषय रहेगा।

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