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दुर्ग में ई-ऑफिस प्रणाली पर दो पालियों में प्रशिक्षण संपन्न, कलेक्टर ने पारदर्शिता और समयबचत को बताया बड़ी उपलब्धि

दुर्ग, 24 जून 2025 — जिला कार्यालयों में ई-ऑफिस प्रणाली के सफल क्रियान्वयन को लेकर आज बी.आई.टी. ऑडिटोरियम दुर्ग में दो पालियों में विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में जिले के विभिन्न विभागों के विभाग प्रमुखों, लिपिकों और कंप्यूटर ऑपरेटरों ने भाग लिया।

गौरतलब है कि सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार 1 अप्रैल 2025 से सभी विभागों को ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से कार्य करना अनिवार्य कर दिया गया है।


पेपरलेस ऑफिस की दिशा में बड़ा कदम

प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर्स ने प्रतिभागियों को ई-ऑफिस के लॉगिन, नोटशीट निर्माण, अनुमोदन प्रक्रिया, पत्र जारी करने जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं के बारे में विस्तारपूर्वक बताया। यह प्रणाली पूरी तरह पेपरलेस होगी और ऑफिस कार्य ऑनलाइन माध्यम से संचालित होंगे।

ट्रेनर्स ने ई-ऑफिस को सरल, दक्ष और समयबचत वाली प्रणाली बताया और अधिकारियों की तकनीकी शंकाओं का समाधान भी मौके पर किया गया।


कलेक्टर अभिजीत सिंह का मार्गदर्शन

प्रशिक्षण के दौरान कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा:

“शुरुआत में थोड़ी कठिनाइयाँ आएँगी, लेकिन जब प्रक्रिया समझ में आ जाएगी तो कार्य करना आसान और पारदर्शी हो जाएगा।”

उन्होंने मसूरी प्रशिक्षण के अनुभव साझा करते हुए बताया कि कैसे अन्य राज्यों के अधिकारी पहले से ई-ऑफिस का सफलतापूर्वक उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोर्ट से संबंधित तत्काल मामलों में ई-ऑफिस अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा, जिससे जरूरी फाइलों पर त्वरित कार्यवाही संभव होगी।


ई-ऑफिस से आएगा बदलाव

कलेक्टर ने बताया कि ई-ऑफिस से:

  • कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी
  • समय की बचत होगी
  • लंबित फाइलों की संख्या में कमी आएगी
  • अधिकारी-कर्मचारी अनावश्यक दौड़भाग से बचेंगे

उन्होंने टाइपराइटर से कंप्यूटर तक के बदलाव का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे सबने कंप्यूटर को अपनाया, वैसे ही अब सभी को ई-ऑफिस प्रणाली को अपनाना होगा।


सभी विभागों को की गई आवश्यक निर्देशित पहल

यदि किसी विभाग को हार्डवेयर (कंप्यूटर, प्रिंटर, स्कैनर) या बजट की आवश्यकता है, तो संबंधित प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी को साधारण नस्ती (फाइलिंग) से शुरुआत कर धीरे-धीरे पूरा विभाग ई-ऑफिस में बदलने की अपील की गई।

उन्होंने कहा कि यदि किसी कर्मचारी को तकनीकी दिक्कत आती है, तो वे संबंधित प्रशिक्षित अधिकारी या तकनीकी टीम से संपर्क कर सकते हैं।


प्रशिक्षण में अधिकारीगण रहे मौजूद

इस अवसर पर जिला प्रशासन के समस्त वरिष्ठ अधिकारी, तकनीकी टीम, मास्टर ट्रेनर्स तथा विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। कार्यक्रम का उद्देश्य डिजिटल प्रशासन को मजबूती देना और कागजरहित, पारदर्शी तथा कुशल कार्यप्रणाली को सुनिश्चित करना था।