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भारत की जनसंख्या 1.46 अरब, लेकिन प्रजनन दर घटकर 1.9 पर पहुँची

नई दिल्ली, 11 जून 2025। भारत भले ही दुनिया का सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश बन चुका है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, देश की कुल प्रजनन दर (TFR) गिरकर 1.9 हो गई है, जो जनसंख्या प्रतिस्थापन स्तर (2.1) से नीचे है।

2025 की “स्टेट ऑफ वर्ल्ड पॉपुलेशन रिपोर्ट (SOWP)” में कहा गया है कि भारत की वर्तमान जनसंख्या 1.4639 अरब (146.39 करोड़) है, और यह संख्या 1.7 अरब तक पहुंचने के बाद घटने की संभावना है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत की प्रजनन दर 2020 से 2.0 बनी हुई थी, लेकिन अब इसमें गिरावट दर्ज की गई है, जो यह दर्शाता है कि महिलाएं औसतन दो से कम बच्चे पैदा कर रही हैं, जो कि जनसंख्या को स्थिर बनाए रखने के लिए आवश्यक संख्या से कम है।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है:

  • 0-14 आयु वर्ग की जनसंख्या: 24%
  • 10-19 आयु वर्ग: 17%
  • 10-24 आयु वर्ग: 26%
  • 15-64 आयु वर्ग (कामकाजी आयु): 68%
  • 65 वर्ष या उससे अधिक: 7%

2025 में जीवन प्रत्याशा पुरुषों के लिए 71 वर्ष और महिलाओं के लिए 74 वर्ष अनुमानित है।

UNFPA इंडिया की प्रतिनिधि एंड्रिया एम. वोजनार ने बताया कि,

“भारत ने 1970 में प्रति महिला लगभग 5 बच्चों से लेकर आज 2 बच्चों तक प्रजनन दर में उल्लेखनीय गिरावट हासिल की है, जो शिक्षा और प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर उपलब्धता के कारण संभव हो पाया है।”

उन्होंने आगे कहा कि इससे मातृ मृत्यु दर में भारी कमी आई है, जिससे लाखों माताएं आज जीवित हैं और अपने बच्चों की परवरिश के साथ समाज निर्माण में योगदान दे रही हैं।

यह रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि संख्या नहीं, बल्कि लोगों के प्रजनन से जुड़े अधिकारों को सुनिश्चित करना ही असली चुनौती है – जैसे कि वे स्वतंत्र रूप से निर्णय ले सकें कि उन्हें कब, कितने और कैसे बच्चे चाहिए।