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टीएमसी ने भाजपा-एनपीपी के नेतृत्व वाली एमडीए सरकार को ‘भ्रष्ट’ करार दिया

शिलांग। मुख्य विपक्षी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने भाजपा-एनपीपी के नेतृत्व वाली एमडीए सरकार को ‘भ्रष्ट’ करार दिया है और पीएम मोदी पर केंद्रीय फंड के इस्तेमाल के बारे में ‘लोगों को गुमराह’ करने का आरोप लगाया है। टीएमसी के राष्ट्रीय प्रवक्ता साकेत गोखले ने नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के नेतृत्व वाली मेघालय डेमोक्रेटिक गंठबंधन (एमडीए) सरकार को भ्रष्ट बताते हुए, गठबंधन सरकार को झूठा करार दिया है। गोखले ने 18 दिसंबर को शिलांग में पीएम मोदी के हालिया भाषण और 2017 में उनके भाषण के बीच तुलना की, जिसमें उन्होंने मेघालय में किसी भी विकास को खारिज करते हुए कैग की रिपोर्ट के अनुसार 908 करोड़ रुपये के अप्रयुक्त फंड के लिए तत्कालीन सरकार पर हमला किया था।

कैग की एक ताजा रिपोर्ट का हवाला देते हुए गोखले ने कहा कि सितंबर में मेघालय विधानसभा में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की एक रिपोर्ट पेश की गई थी और उस रिपोर्ट के मुताबिक मेघालय में कम से कम 62 परियोजनाएं निर्धारित तिथि के बाद भी अधूरी हैं।

कैग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि इनमें से कुछ परियोजनाओं को पूरा करने की समय सीमा को 10 वर्ष तक के लिए बढ़ा दिया गया है। 2018 के बाद से 1638 करोड़ रुपये से अधिक की कुल 32 परियोजनाएं अधूरी हैं और अब तक 214.37 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।

जबकि पीएम मोदी 2017 में 908 करोड़ रुपये के अप्रयुक्त फंड के बारे में ‘चिंतित’ थे, वे अब 1,638 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के बारे में चुप हैं। कैग ने यह भी स्पष्ट रूप से कहा कि इस देरी के परिणामस्वरूप मेघालय के लोगों को बुनियादी सुविधाओं और लाभों से वंचित रखा गया है।