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दुर्ग कलेक्टर ने लिया शहर का जायजा, सड़कों के गड्ढे व जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के दिए निर्देश

दुर्ग (छत्तीसगढ़)। शहर की बदहाल सड़कों और बेतरतीब पानी निकासी व्यवस्था से लंबे समय से परेशान जनता को इन समस्याओं से निजात मिलने का आस जागी है। कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने सुध लेते हुए निगम आयुक्त हरेश मंडावी और पीडब्ल्यूडी ईई अशोक श्रीवास के साथ शहर की सड़कों पर निकले। इस दौरान उन्होंने शहर से गुजरने वाली सड़कों पर गड्ढों की भरमार देखी। वहीं पानी की निकासी की व्यवस्था सहीं नहीं होने से नागरिकों को होने वाली परेशानियों से रूबरू हुए।

कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे आज दुर्ग शहर के उन जगहों पर पहुँचे जहाँ सड़कों, पाइपलाइन और ड्रेनेज संबंधी निर्माण कार्य चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि इनकी वजह से नागरिक सुविधाओं में किसी तरह की बाधा न हो यह सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। जहाँ कहीं भी सड़कें खराब हुई हैं, उसकी मरम्मत करें। सड़कों पर गड्ढों की मरम्मत करें और यदि किसी स्थिति में फिर से गड्ढे हो जाएं तो पुनः उसे तत्काल रिपेयर करें। सड़कों की स्थिति की लगातार मानिटरिंग करें और किसी प्रकार की कमी होने पर तुरंत उसका निराकरण करें। उन्होंने कहा सड़कों और नालियों का निर्माण यदि लेवलिंग को ध्यान में रखकर किया जाएगा तो हमें इससे बेहतर परिणाम प्राप्त होंगे।
शहर में पॉलिटेक्निक कॉलेज के साइड में प्रस्तावित प्रयास आवासीय स्कूल का निरीक्षण भी कलेक्टर के द्वारा किया गया। कलेक्टर ने भवन का लेआउट देखा और इसके अनुरूप आवश्यक सुझाव अधिकारियों को दिये। इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर करने के लिए परिसर के अंदर की सड़कें लेवलिंग के आधार पर बने तथा आवासीय विद्यालय में सभी प्रकार की सुविधा हो इसका विशेष ध्यान रखने के लिए कहा गया। इंजीनियरों द्वारा उन्हें बताया गया कि दिसंबर तक निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
इसके बाद उन्होंने शासकीय जिला चिकित्सालय का परीक्षण किया। कलेक्टर ने अस्पताल के अंदर और अस्पताल परिसर के बाहर हाइजीन लेवल को उच्च गुणवत्ता युक्त रखने के लिए कहा। अस्पताल परिसर में लगने वाली लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट के स्थान का भी परीक्षण किया और वहां उसके लिए प्लेटफार्म बनाने के निर्देश दिए। जिला अस्पताल के सड़क की मरम्मत और नालियों की सफाई के लिए कहा गया। बरसात के मौसम होने के कारण दवाई के स्टॉक और पुख्ता व्यवस्था होने का जायजा भी लिया। इस दौरान सिविल सर्जन तथा अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।