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जागा खनिज विभाग, खेतों से अवैध मुरुम की खुदाई में लगे आठ वाहन किए जब्त

दुर्ग (छत्तीसगढ़)। गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू के विधानसभा क्षेत्र में अवैध मुरुम खनन का बड़ा मामला सामने आया है। दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के अंजोरा ढाबा में स्वीकृति व बिना लीज के नियमों को ताक पर रखकर खेतों में धड़ल्ले से अवैध खुदाई कर मुरुम निकाला जा रहा था। खनिज विभाग के अफसरों ने यहां दबिश देकर अवैध मुरुम खनन व परिवहन में लगे आठ वाहनों को पकड़ा। सभी के खिलाफ गौण खनिज अधिनियम 1957 की धारा 21 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। वाहनों को मुरुम सहित जब्त कर बोरी थाने के सुपुर्दगी में रखवाया गया है।
बता दें कि शासन ने उपयोगी जमीन और पर्यावरण को नुकसान को देखते हुए मुरुम खदानों पर रोक लगा रखी है। शासन की इस बंदिश का जिले में जमकर धज्जियां उड़ रही है। शासन के नियमों को ताक पर रखकर न सिर्फ मैदानों और निजी खेतों में खुलेआम अवैध मुरुम खनन किया जा रहा है, बल्कि इससे पर्यावरण के साथ रायल्टी के रूप में शासन को लाखों क्षति पहुंचाई जा रही है।
अंजोरा ढाबा में स्थानीय ग्रामीण के खेत में अवैध मुरुम खनन किया जा रहा था। खननकर्ता द्वारा ग्रामीण से इसके लिए सहमति ली गई थी, लेकिन खनिज विभाग से मंजूरी नहीं ली गई थी। जांच के दौरान खननकर्ता अनुमति के साथ रायल्टी पर्ची भी प्रस्तुत नहीं कर पाया। इस पर सभी वाहनों को जब्त कर थाने पहुंचवाया गया। खनिज निरीक्षण दीपक तिवारी ने बताया कि अवैध मुरुम खनन के खिलाफ कार्रवाई की गई। इसमें बिना अनुमति अवैध खनन व परिवहन का मामला पाया गया। वाहनों को जब्त कर पुलिस अभिरक्षा में रखवाया गया है। नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
सड़क में खपाया जा रहा था मुरूम
स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के मुताबिक मुरुम खननकर्ता द्वारा अवैध खनन के बाद वाहनों के माध्यम से बोरई-अंजोरा ढाबा मार्ग पर खपाया जा रहा था। इसके अलावा बड़ी मात्रा में मुरुम शहर में ले जाकर खपाए जाने की भी शिकायत है। खनिज विभाग के अफसरों के मुताबिक अवैध खनन के आंकलन कर खननकर्ता से वसूली भी की जाएगी।
बोरई-अंजोरा ढाबा सड़क के किनारे भी खाई
बोरई- अंजोरा ढाबा पहुंच मार्ग में भी इसी तरह अवैध मुरुम खनन की शिकायत है। यहां के ग्रामीणों ने पखवाड़ेभर पहले ही कलेक्टर के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी। यहां सड़क पर मुरुम डालने के लिए ठेकेदार ने उसी सड़क के किनारों को खोदकर खाई बना दिया है। हालात यह है कि ठेकेदार ने पुराने जलाशय और पौधरोपण के लिए छोड़ गए जगह को भी नहीं छोड़ा है। इस मामले में भी अब तक कार्रवाई नहीं हुई है।