CGPSC में 32वीं रैंक लाने वाले योगेंद्र निर्मल का भनसुली में भव्य स्वागत, जनप्रतिनिधियों ने दी शुभकामनाएं

पाटन विधानसभा क्षेत्र के भनसुली निवासी योगेंद्र निर्मल ने CGPSC परीक्षा में 32वीं रैंक हासिल कर क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया है। नायब तहसीलदार के पद पर चयन के बाद जब वे पहली बार अपने गृह ग्राम पहुंचे, तो ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने उनका गरमजोशी से स्वागत किया। पूरे गांव में उत्साह का माहौल देखने को मिला।


कमाल की छलांग: 114वीं रैंक से सीधे 32वीं रैंक

इस अवसर पर पहुंचे भाजपा प्रदेश मंत्री जितेन्द्र वर्मा ने योगेंद्र निर्मल और उनके परिवार को बधाई दी। उन्होंने कहा कि

“योगेंद्र का सफर उनकी अदम्य इच्छाशक्ति, अनुशासन और निरंतर परिश्रम का परिणाम है। 114वीं रैंक से 32वीं रैंक तक की यात्रा प्रेरणादायक है।”

उन्होंने यह भी कहा कि योगेंद्र का परिवार धार्मिक, संस्कारी और समाजसेवा में सक्रिय रहा है, जिसका प्रभाव उनके व्यक्तित्व में साफ दिखता है।


“मेरी नजर में वे शुरू से ही प्रतिभाशाली थे” — योगेश निक्की भाले

नगर पंचायत अध्यक्ष योगेश निक्की भाले ने भी योगेंद्र की सफलता पर खुशी जताई। उन्होंने बताया कि 12 जनवरी को आयोजित कैरियर गाइडेंस कार्यक्रम में उन्होंने पहली बार योगेंद्र की प्रतिभा और स्पष्ट दृष्टि को महसूस किया था।

उन्होंने कहा—

“आज उन्हें सम्मानित करते हुए यह महसूस हो रहा है कि हमारे क्षेत्र के युवा अपनी मेहनत और लगन से नई ऊँचाइयाँ छू रहे हैं।”

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गांव में उत्सव जैसा माहौल

योगेंद्र निर्मल के सम्मान कार्यक्रम में गांव के जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन और बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए।
मुख्य रूप से उपस्थित रहे—
रानी बंछोर (भाजपा पाटन मंडल अध्यक्ष), योगेश निक्की भाले (अध्यक्ष नगर पंचायत पाटन), निशा सोनी (उपाध्यक्ष), केवल देवांगन, देवेंद्र ठाकुर, योगेश सोनी, चंद्रप्रकाश देवांगन, केशव बंछोर, सरपंच भगवती साहू, उप सरपंच पद्ममन साहू, समाज अध्यक्ष महेंद्र हिरवानी, अजय निर्मल, गजाधर प्रसाद हिरवानी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण।

सभी ने योगेंद्र को उनकी सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं और भविष्य में और ऊँचाइयाँ प्राप्त करने की कामना की।


योगेंद्र निर्मल: क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा

योगेंद्र का सफर यह संदेश देता है कि लगन, समर्पण और निरंतरता से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उनकी सफलता ने न केवल परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है। ग्रामीणों का कहना है कि योगेंद्र आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनेंगे।