Skip to main content

4thnation

सामूहिक कन्या विवाह समारोह, मुख्यमंत्री की उपस्थिति में 518 कन्याओं का हुआ विवाह

Alok 18 2

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उपस्थिति में मंगलवार को साईंस कॉलेज मैदान में नव दम्पत्तियों ने सात वचनों के साथ कुपोषण और कन्या भ्रूण हत्या रोकने की शपथ ली। मुख्यमंत्री ने सामूहिक कन्या विवाह समारोह में सभी नवदम्पत्तियों को आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर 518 कन्याओं का विवाह सम्पन्न हुआ। मुस्लिम और इसाई धर्म के तीन-तीन जोड़ों का भी मौलवी और पादरी ने अपने-अपने रीति-रिवाज से विवाह सम्पन्न कराया। इन जोड़ों के साथ चार दिव्यांग जोड़ों ने भी सामूहिक विवाह में सात फेरे लेकर जीवन भर साथ रहने का वचन दिया।

Untitled 1 copy 11

रायपुर (छत्तीसगढ़)। विवाह समारोह में नव दम्पत्तियों ने सात फेरों और सात वचनों के साथ ही भू्रण हत्या का विरोध, बेटी के प्रति भेद-भाव नहीं करने, बेटी का स्वाभिमान एवं गौरव बनाए रखने की भी शपथ ली। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने नवविवाहितों को बधाई और शुभकामनाएं दी और उनके सुखमय जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि सामूहिक विवाह एक पुनीत कार्य है। हर माता-पिता को अपने बच्चों की शादी की चिंता होती है। आज के समय में शादी में लाखों रूपए खर्च हो जाते हैं। माता-पिता को शादी के लिए उपयुक्त वर-वधु मिलने के साथ ही शादी के खर्च की चिंता रहती है। सामूहिक विवाह योजना के माध्यम से कम खर्चे में शादी की सामग्री, पण्डाल, भोजन के साथ ही विधिवत तरीके से विवाह संस्कार सम्पन्न हो जाता है। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेंडिय़ा, राज्यसभा सांसद छाया वर्मा, विधायकगण, महापौर ने भी नव दम्पत्तियों को बधाई और शुभकामनाएं दी।

PicsArt 01 31 10.32.26

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कभी भी दहेज प्रथा नहीं रही है। आशीर्वाद स्वरूप टिकावन के रूप में वधु के नये दाम्पत्य जीवन की शुरूआत के लिए जरूरी सामग्री दी जाती है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा 15 हजार रूपए को बढ़ाकर 25 हजार रूपए कर दिया गया है। इस राशि से 20 हजार की उपहार सामग्री तथा पांच हजार रूपए विवाह आयोजन व्यवस्था पर खर्च की जाती है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी जोड़ों को एक-एक पौधा, सुपोषण टोकरी, एक हजार रूपए का चेक सहित अनिवार्य विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र और दैनिक जीवन के उपयोगी की सामग्री भी प्रदान किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ी हाना घर बना के देख, बिहाव करके देख कहते हुए विवाह को एक जिम्मेदारी बताया। मुख्यमंत्री ने सामूहिक विवाह को लेकर नजरिया और भाव बदलने की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि सोच बदलो सितारे बदल जाते हैं, नजरे बदलो नजारे बदल जाते हैं। मुख्यमंत्री ने सामाजिक बुराईयों के खिलाफ जन चेतना लाने तथा पूरी रस्मों-रिवाज एवं वैदिक मंत्रों के साथ शादी सम्पन्न कराने पर गायत्री परिवार को बधाई और शुभकामनाएं दी।