Guest Teacher Strike के तहत छत्तीसगढ़ के राज्य अतिथि शिक्षक (विद्यामितान) अपनी लंबित मांगों को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं। अनिश्चितकालीन हड़ताल के छठे दिन भी प्रदेशभर के शिक्षक धरना स्थल पर डटे रहे। बारिश के बावजूद उन्होंने प्रदर्शन जारी रखा और सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए एक पैर पर खड़े होकर अनोखा विरोध दर्ज कराया। शिक्षकों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक Guest Teacher Strike जारी रहेगी।
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Guest Teacher Strike के 6वें दिन भी नहीं थमा आंदोलन
राज्य अतिथि शिक्षक (विद्यामितान) कल्याण संघ छत्तीसगढ़ के आह्वान पर 1 जुलाई 2026 से प्रदेशभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल चल रही है। दुर्ग सहित कई जिलों में बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षक धरने पर बैठे हैं।
सोमवार को आंदोलन के छठे दिन शिक्षकों ने बारिश के बीच भी धरना स्थल नहीं छोड़ा। उन्होंने एक पैर पर खड़े होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की अपील की।
Guest Teacher Strike की प्रमुख मांगें क्या हैं?
अतिथि शिक्षकों का कहना है कि वे वर्षों से नियमित शिक्षकों की तरह सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे हैं, लेकिन उन्हें समान सुविधाएं और वेतन नहीं मिल रहा है।
उनकी प्रमुख मांगों में शामिल हैं—
- संविलियन या समायोजन।
- समान कार्य के लिए समान वेतन।
- सेवा सुरक्षा।
- ग्रीष्मकालीन अवकाश का मानदेय।
- मातृत्व एवं पितृत्व अवकाश।
- नियमित कर्मचारियों की तरह अन्य शासकीय सुविधाएं।
शिक्षकों का कहना है कि इन मांगों को लेकर कई बार सरकार के सामने अपनी बात रखी गई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला।
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शिक्षा मंत्री के निवास का किया था घेराव
रविवार को आंदोलन हुआ था और तेज
आंदोलन के दौरान रविवार को बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षक पैदल मार्च करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के निवास पहुंचे।
प्रदर्शनकारियों ने मंत्री के निवास का घेराव किया और अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए। उनका कहना है कि वर्षों से वे अपनी समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
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10 वर्षों से आदिवासी क्षेत्रों में दे रहे हैं सेवाएं
संघ के पदाधिकारियों के अनुसार राज्य के अतिथि शिक्षक पिछले लगभग 10 वर्षों से दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों सहित विभिन्न शासकीय स्कूलों में विद्यार्थियों को शिक्षा दे रहे हैं।
उनका कहना है कि उन्हें प्रतिमाह 20 हजार रुपये मानदेय मिलता है और वह भी केवल 10 महीने के लिए दिया जाता है।
इसके विपरीत नियमित शिक्षकों को अधिक वेतन, सेवा सुरक्षा और अन्य शासकीय लाभ प्राप्त होते हैं। अतिथि शिक्षकों का आरोप है कि प्रत्येक नए शैक्षणिक सत्र में उन्हें पुनर्नियुक्ति का इंतजार करना पड़ता है, जिससे भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी रहती है।
सरकार के आश्वासन पर भी जताई नाराजगी
शिक्षकों का कहना है कि चुनाव के दौरान संविलियन या समायोजन का आश्वासन दिया गया था, लेकिन सरकार बनने के बाद भी इस दिशा में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
उनका कहना है कि कम मानदेय में परिवार का पालन-पोषण करना कठिन हो गया है। साथ ही अवकाश और अन्य सुविधाओं के अभाव में आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
आंदोलन जारी रखने का ऐलान
धरने पर बैठे शिक्षकों ने स्पष्ट किया है कि जब तक सरकार उनकी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक Guest Teacher Strike समाप्त नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन मांगें पूरी होने तक धरना और प्रदर्शन जारी रहेगा।
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Guest Teacher Strike छत्तीसगढ़ में राज्य अतिथि शिक्षकों की लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर जारी आंदोलन का महत्वपूर्ण चरण बन गया है। समान वेतन, सेवा सुरक्षा, संविलियन और अन्य सुविधाओं की मांग को लेकर शिक्षक लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। अब सभी की नजर राज्य सरकार के अगले कदम पर है कि वह Guest Teacher Strike को लेकर क्या निर्णय लेती है और शिक्षकों की मांगों पर क्या समाधान निकलता है।
