ED Raid in Raipur Real Estate Scam: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ताज़ा कार्रवाई ने एक बार फिर देश के बड़े वित्तीय घोटालों पर ध्यान खींचा है।
रियल एस्टेट निवेश फंड के नाम पर निवेशकों से करोड़ों रुपये जुटाने और उसके दुरुपयोग के आरोपों को लेकर ED ने कई ठिकानों पर छापेमारी की है।
यह कार्रवाई सिर्फ कागजी जांच नहीं, बल्कि उन हजारों निवेशकों की उम्मीदों से जुड़ी है, जिन्होंने बेहतर भविष्य के सपने में अपनी गाढ़ी कमाई लगाई थी।
🔍 CBI जांच के बाद ED की एंट्री
इस पूरे मामले की शुरुआत CBI की पूर्व जांच से हुई थी।
CBI को जांच के दौरान संकेत मिले कि—
- निवेशकों को ऊंचे रिटर्न का लालच दिया गया
- रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स के नाम पर बड़े पैमाने पर फंड जुटाया गया
- लेकिन इन पैसों का उपयोग तय उद्देश्य के बजाय दूसरे कार्यों में किया गया
इन्हीं गंभीर तथ्यों के आधार पर ED ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर जांच शुरू की।
💰 ₹2,434 करोड़ की संदिग्ध हेराफेरी
ED के अनुसार, इस केस में करीब ₹2,434 करोड़ की राशि शामिल है।
आरोप है कि—
- निवेशकों से जुटाई गई रकम
- और बैंकों से लिए गए लोन
दोनों को योजनाबद्ध तरीके से डायवर्ट किया गया।
प्रारंभिक जांच में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ी सामने आई है, जिस कारण इसे हाई-वैल्यू फ्रॉड माना जा रहा है।
🌍 विदेशी कंपनियों को पैसा भेजने की आशंका
जांच एजेंसी को शक है कि—
- जुटाई गई राशि का एक बड़ा हिस्सा
- विदेशी कंपनियों और संस्थाओं को भेजा गया
ED इसे गंभीर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला मान रही है।
फिलहाल—
- बैंकिंग ट्रांजैक्शन
- विदेशी लेन-देन
- और डिजिटल सबूतों
की गहन जांच की जा रही है।
🏢 आनंद जयकुमार जैन पर जांच का फोकस
छापेमारी के दौरान ED की नजर उद्योगपति आनंद जयकुमार जैन पर भी टिकी है।
बताया जा रहा है कि वह Jai Corp Limited के निदेशक हैं।
ED ने—
- कंपनी से जुड़े दस्तावेज
- अन्य संबद्ध फर्मों की फाइलें
- और डिजिटल डेटा
जब्त किया है।
एजेंसी को उम्मीद है कि इन सबूतों से फंड डायवर्जन की पूरी साजिश सामने आएगी।
🍾 शराब घोटाले में भी ED का शिकंजा
इधर, छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले में भी ED की कार्रवाई तेज है।
पूर्व मुख्यमंत्री की डिप्टी सेक्रेटरी रह चुकीं सौम्या चौरसिया को 16 दिसंबर को गिरफ्तार किया गया था।
ED के अनुसार—
- कस्टडी में पूछताछ से कई अहम सुराग मिले
- कई और लोगों की भूमिका सामने आ सकती है
- न्यायिक हिरासत जरूरी है ताकि जांच प्रभावित न हो
यह मामला राज्य के सबसे बड़े आर्थिक घोटालों में गिना जा रहा है।
ED Raid in Raipur Real Estate Scam केवल एक छापेमारी नहीं, बल्कि उस सिस्टम पर सवाल है जहां निवेशकों का भरोसा बार-बार टूटता है।
अब निगाहें जांच एजेंसियों पर हैं—
क्या ₹2,434 करोड़ की हेराफेरी की पूरी सच्चाई सामने आएगी?
