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Durg Plantation: शताब्दी गार्डन में हुआ पौधरोपण

Durg Plantation अभियान के तहत दुर्ग कलेक्ट्रेट परिसर स्थित शताब्दी गार्डन में शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को पौधरोपण किया गया। छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव और दुर्ग जिले के प्रभारी सचिव सोनमणि बोरा ने अधिकारियों की बैठक से पहले मौलश्री का पौधा लगाया। इस पहल के जरिए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।

पौधरोपण के दौरान जिले और नगरीय निकायों के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। उन्होंने मौलश्री सहित अन्य प्रजातियों के फलदार पौधे लगाए। इस अवसर पर शताब्दी गार्डन के रखरखाव और उसे आम नागरिकों के लिए उपयोगी बनाने पर भी जोर दिया गया।

सोनमणि बोरा ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

दुर्ग जिले के प्रभारी सचिव सोनमणि बोरा ने कलेक्ट्रेट परिसर के शताब्दी गार्डन में मौलश्री का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। पौधरोपण को हरियाली बढ़ाने और प्राकृतिक वातावरण को बेहतर बनाने की दिशा में एक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

पौधों का संरक्षण और उनकी नियमित देखभाल पर्यावरण से जुड़े प्रयासों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पौधरोपण के साथ-साथ लगाए गए पौधों को सुरक्षित रखना भी जरूरी होता है, ताकि वे विकसित होकर लोगों और आसपास के वातावरण को लाभ पहुंचा सकें।

Durg Plantation: शताब्दी गार्डन को पब्लिक गार्डन बनाने के निर्देश

पौधरोपण के बाद प्रभारी सचिव सोनमणि बोरा ने नगर निगम आयुक्त को शताब्दी गार्डन का उचित संधारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने गार्डन को पब्लिक गार्डन के रूप में विकसित करने पर जोर दिया, ताकि आम लोगों को भी इसका लाभ मिल सके।

यदि गार्डन का नियमित रखरखाव किया जाता है और इसे नागरिकों के लिए बेहतर बनाया जाता है, तो यह लोगों के लिए हरियाली के बीच समय बिताने का एक उपयोगी सार्वजनिक स्थान बन सकता है। हालांकि, इसे पब्लिक गार्डन के रूप में विकसित करने के लिए आगे क्या कार्य किए जाएंगे और इसकी समयसीमा क्या होगी, इसकी जानकारी जारी समाचार में नहीं दी गई है।

शताब्दी गार्डन को बेहतर बनाने की पहल शहर में सार्वजनिक हरित स्थलों के महत्व को भी सामने लाती है। ऐसे स्थान पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ नागरिकों को खुले वातावरण में समय बिताने का अवसर दे सकते हैं।

अधिकारियों ने भी लगाए फलदार पौधे

इस कार्यक्रम में वन मंडलाधिकारी सी.पी. अग्रवाल, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अतिरिक्त संचालक पुलक भट्टाचार्य और दुर्ग के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल शामिल हुए।

इसके अलावा नगर निगम भिलाई की आयुक्त सुरूचि सिंह, नगर निगम दुर्ग की आयुक्त लीना कोसम, नगर निगम भिलाई-चरौदा के आयुक्त डी. राजपूत और दुर्ग के एसडीएम सोनल डेविड ने भी पौधरोपण किया। अधिकारियों ने मौलश्री और अन्य प्रजातियों के फलदार पौधे लगाए।

कार्यक्रम में विभिन्न विभागों और नगरीय निकायों के अधिकारियों की भागीदारी ने पौधरोपण तथा हरित क्षेत्र के रखरखाव के महत्व को रेखांकित किया। लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल से ही इस पहल का दीर्घकालिक लाभ मिल सकेगा।

Durg Plantation से शहरवासियों को क्या होगा लाभ?

शताब्दी गार्डन को पब्लिक गार्डन के रूप में विकसित करने के निर्देश का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को इसका लाभ उपलब्ध कराना है। सार्वजनिक उद्यान लोगों को हरियाली के बीच समय बिताने का अवसर देते हैं और शहर में प्राकृतिक स्थानों को बनाए रखने में मदद करते हैं।

मौलश्री और फलदार प्रजातियों के पौधों का रोपण पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक कदम है। हालांकि, पौधों के विकसित होने और गार्डन के नागरिकों के लिए उपयोगी बनने में नियमित रखरखाव, पानी की व्यवस्था और उचित देखभाल की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

फिलहाल, जिला जनसंपर्क कार्यालय की ओर से जारी जानकारी में गार्डन को पब्लिक गार्डन के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए जाने की पुष्टि की गई है। विकास कार्यों की विस्तृत योजना या पूरा होने की तारीख का उल्लेख नहीं किया गया है।

Durg Plantation के तहत दुर्ग कलेक्ट्रेट के शताब्दी गार्डन में प्रभारी सचिव सोनमणि बोरा और अन्य अधिकारियों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। साथ ही, गार्डन को पब्लिक गार्डन के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए गए, ताकि आम नागरिक भी इसका लाभ उठा सकें। अब पौधों की नियमित देखभाल और गार्डन के रखरखाव से इस पहल को प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।

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