समोदा अफीम कांड में 100+ अधिकारियों की बड़ी हड़ताल — एकता साहू निलंबन पर खुलासा

Durg News के इस चौंकाने वाले मामले ने पूरे छत्तीसगढ़ का ध्यान खींच लिया है। दुर्ग जिले के समोदा गांव में अवैध अफीम की खेती उजागर होने के बाद प्रशासन ने ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एकता साहू को निलंबित कर दिया।

इस निलंबन के विरोध में जिले भर के 100 से अधिक कृषि अधिकारी और कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर उतर आए हैं। यह हड़ताल तब तक जारी रहेगी जब तक एकता साहू को बहाल नहीं किया जाता।

यह मामला अब केवल एक प्रशासनिक कार्रवाई नहीं रहा — यह कृषि विभाग बनाम जिला प्रशासन का बड़ा टकराव बन चुका है।

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समोदा गांव में कैसे पकड़ी गई अवैध अफीम खेती?

6 मार्च की वह रात जिसने सब बदल दिया

6 मार्च 2025 को दुर्ग जिले के समोदा गांव में एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। भाजपा नेता विनायक ताम्रकार के खेत में मक्के की फसल की आड़ में बड़े पैमाने पर अवैध अफीम की खेती की जा रही थी।

पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर इस अवैध खेती को जब्त किया। अफीम जैसी प्रतिबंधित फसल का इस तरह खुलेआम उत्पादन होना प्रशासनिक विफलता की ओर इशारा करता था।

कैसे छुपी रही यह खेती?

मक्के की सामान्य फसल के बीच अफीम के पौधे छुपाए गए थे, जिससे यह जल्दी पकड़ में नहीं आई। सवाल यह उठा कि स्थानीय कृषि विस्तार अधिकारी को इसकी जानकारी क्यों नहीं थी — या थी, तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

https://narcoticsindia.nic.in — अवैध अफीम खेती से जुड़े NDPS कानून की जानकारी के लिए


एकता साहू का निलंबन — क्यों उठ रहे सवाल?

कलेक्टर अभिजीत सिंह का फैसला

अफीम खेती उजागर होने के बाद दुर्ग के कलेक्टर अभिजीत सिंह ने तत्काल कार्रवाई करते हुए समोदा क्षेत्र की ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एकता साहू को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया।

इसके साथ ही:

  • पटवारी अनिता साहू को कारण बताओ नोटिस
  • फसल सर्वेयर शशिकांत साहू को कारण बताओ नोटिस

क्या निलंबन उचित है?

प्रदर्शनकारी अधिकारियों का कहना है कि एकता साहू पर लगाए गए आरोप “पूरी तरह तर्कहीन और अनुचित” हैं। उनका तर्क है कि एक कृषि विस्तार अधिकारी की ड्यूटी फसल निरीक्षण की होती है, लेकिन अवैध फसल पकड़ने की जिम्मेदारी पुलिस और राजस्व विभाग की होती है।

यह Durg News का वह पहलू है जो अब प्रशासनिक जवाबदेही की बड़ी बहस छेड़ रहा है।


Durg News: 100 से अधिक अधिकारी हड़ताल पर क्यों बैठे?

एकजुटता का प्रदर्शन

जैसे ही एकता साहू के निलंबन की खबर फैली, दुर्ग जिले भर के कृषि अधिकारियों और कर्मचारियों में आक्रोश की लहर दौड़ गई। देखते ही देखते 100 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी हड़ताल पर बैठ गए।

यह अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल है — यानी जब तक मांग नहीं मानी जाती, काम बंद रहेगा।

हड़ताल से कौन से काम प्रभावित?

इस हड़ताल के कारण दुर्ग जिले में कृषि विभाग से जुड़ी सभी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • किसानों का फसल पंजीयन
  • खाद और बीज वितरण संबंधी कार्य
  • कृषि ऋण और अनुदान की प्रक्रिया
  • फसल नुकसान का सर्वे

किसानों पर इस हड़ताल का सीधा असर पड़ सकता है, खासकर खरीफ और रबी सीजन की तैयारी के समय।


कृषि संघ की मांगें और कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

छत्तीसगढ़ कृषि स्नातक शासकीय कृषि अधिकार संघ का रुख

छत्तीसगढ़ कृषि स्नातक शासकीय कृषि अधिकार संघ ने इस पूरे मामले में पहले ही कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन में मांग की गई थी:

  1. एकता साहू का निलंबन तत्काल रद्द किया जाए
  2. निलंबन को “पूरी तरह अनुचित और एकतरफा” बताया गया
  3. जिम्मेदारी का निर्धारण सही विभाग पर हो

जिला प्रशासन का मौन — आग में घी

संघ ने जब कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा, तब भी जिला प्रशासन की ओर से कोई जवाब नहीं आया। इस चुप्पी को प्रदर्शनकारियों ने अपनी अनदेखी माना और हड़ताल का एलान कर दिया।

यह Durg News प्रशासनिक संवेदनहीनता की एक बड़ी मिसाल बन गई है।


पटवारी और फसल सर्वेयर को भी नोटिस — क्या कहता है प्रशासन?

तीन अधिकारियों पर गिरी गाज

इस पूरे प्रकरण में केवल एकता साहू ही नहीं, बल्कि दो अन्य कर्मचारियों को भी नोटिस थमाया गया है:

नामपदकार्रवाई
एकता साहूग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारीनिलंबित
अनिता साहूपटवारीकारण बताओ नोटिस
शशिकांत साहूफसल सर्वेयरकारण बताओ नोटिस

विशेषज्ञों की राय

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण स्तर पर तैनात इन अधिकारियों के पास अवैध खेती की निगरानी के लिए न तो संसाधन हैं, न अधिकार। यह जिम्मेदारी मूलतः राजस्व और पुलिस विभाग की होती है।

ऐसे में इन अधिकारियों को बलि का बकरा बनाना न्यायसंगत नहीं है — यही तर्क हड़ताली कर्मचारी दे रहे हैं।


भाजपा नेता विनायक ताम्रकार का नाम — राजनीतिक कनेक्शन?

खेत किसका — सवाल गहरा है

इस पूरे Durg News प्रकरण में सबसे बड़ा सवाल यह है कि अवैध अफीम खेती भाजपा नेता विनायक ताम्रकार के खेत में पकड़ी गई।

लेकिन कार्रवाई की सुई घूमी कृषि विस्तार अधिकारी एकता साहू की ओर। नेता का नाम सामने आने के बाद भी उन पर प्रशासनिक कार्रवाई की कोई सूचना नहीं है।

विपक्ष ने उठाए सवाल

विपक्षी दलों ने इस मामले में सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि:

  • एक राजनेता के खेत में अवैध खेती होती है
  • और सजा भुगतते हैं छोटे कर्मचारी

यह मामला अब राजनीतिक रंग भी ले चुका है और छत्तीसगढ़ की सियासत में हलचल मचा रहा है।


Durg News में यह विवाद कहाँ जाएगा?

Durg News का यह मामला कई स्तरों पर गंभीर है। एक तरफ अवैध अफीम खेती एक संगीन आपराधिक मामला है — दूसरी तरफ एक महिला अधिकारी के निलंबन की न्यायसंगतता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।

100 से अधिक अधिकारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल यह बता रही है कि कृषि विभाग में गहरा असंतोष है। यदि जिला प्रशासन ने जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो यह हड़ताल और लंबी खिंच सकती है — और इसका सीधा नुकसान दुर्ग जिले के किसानों को होगा।

प्रशासन को चाहिए कि वह निष्पक्ष जांच के आधार पर निर्णय ले — न कि किसी दबाव में। एकता साहू की बहाली हो या न हो, यह फैसला तथ्यों पर आधारित होना चाहिए।

यह Durg News आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकती है — प्रशासन, संघ और राजनीति तीनों की नजर इस मामले पर है।

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