Durg Nagar Nigam ने मिशन क्लीन सिटी योजनांतर्गत शहर में स्वच्छता की एक मजबूत नींव रखी है। इस योजना के तहत शहर के सभी वार्डों से कचरा संग्रहण, उसकी छंटाई और निपटान की व्यापक व्यवस्था की गई है।
इस अभियान में स्वच्छता दीदियों की अहम भूमिका है, जो वार्डों से प्राप्त कचरे का मानवीय तरीके से निपटान करती हैं। कचरा पृथक्कीकरण — सूखा और गीला अलग — का कार्य लगातार जारी है।
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सभी SLRM सेंटर पूर्ण रूप से क्रियाशील
Solid Liquid Resource Management — आधुनिक कचरा प्रबंधन
SLRM (Solid Liquid Resource Management) सेंटर वे केंद्र हैं जहाँ वार्डों से लाए गए कचरे को वैज्ञानिक तरीके से संसाधित किया जाता है। Durg Nagar Nigam के सभी मौजूदा SLRM सेंटर पूरी तरह सक्रिय हैं।
निगम ने सभी सेंटरों में बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की है और तेजी से मशीनीकरण (तकनीकी उन्नयन) का काम किया जा रहा है, जिससे कचरा प्रबंधन और अधिक कुशल होगा।

8 नए SLRM सेंटर — Durg Nagar Nigam का बड़ा कदम
3 सेंटरों का निर्माण जारी, 5 के लिए भूमि चिन्हांकन
Durg Nagar Nigam को 8 नए SLRM सेंटरों के निर्माण की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। इनमें से 3 सेंटरों का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जबकि शेष 5 के लिए भूमि चिन्हांकन की प्रक्रिया जारी है।
यह कदम शहर की बढ़ती आबादी और कचरे की मात्रा को देखते हुए उठाया गया है। नए सेंटरों के बनने से स्वच्छता व्यवस्था और मजबूत होगी तथा दुर्ग स्वच्छ सर्वेक्षण रैंकिंग में ऊपर जा सकेगा।
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44 करोड़ का बजट — कहाँ-कहाँ होता है खर्च?
Durg Nagar Nigam का पारदर्शी बजट विवरण
Durg Nagar Nigam ने स्पष्ट किया है कि 44 करोड़ रुपये का बजट केवल कचरा फेंकने के लिए नहीं, बल्कि संपूर्ण सफाई व्यवस्था के लिए उपयोग किया जाता है। इसमें निम्नलिखित मदें शामिल हैं:
🧹 सफाई कर्मियों का वेतन — हजारों कर्मचारियों का मासिक वेतन
🚛 डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण — प्रतिदिन घर-घर से कचरा उठाना
🔧 मशीनों का रख-रखाव — सफाई वाहनों व यंत्रों की देखभाल
🌱 वेस्ट-टू-कम्पोस्ट प्लांट — भविष्य में स्थापना की योजना
यह बजट शहर की स्वच्छता अवसंरचना को मजबूत करने और दुर्ग को राष्ट्रीय स्वच्छ सर्वेक्षण में शीर्ष स्थान दिलाने के उद्देश्य से उपयोग किया जा रहा है।
Zero Waste नीति और डंपिंग यार्ड की समस्या
Durg Nagar Nigam की जीरो वेस्ट रणनीति
Durg Nagar Nigam की नीति ‘जीरो वेस्ट’ पर आधारित है। इसका अर्थ है कि शहर से निकलने वाले कचरे को कम से कम लैंडफिल में जाने देना और अधिकतम पुनर्चक्रण व उपयोग सुनिश्चित करना।
डंपिंग यार्ड में आग लगने की घटनाएं प्रायः ज्वलनशील कचरे या बाहरी शरारतों के कारण होती हैं। निगम ने इस समस्या से निपटने के लिए नए प्रोसेसिंग प्लांट की निविदा प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंचा दी है।
भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वेस्ट-टू-कम्पोस्ट तकनीक अपनाई जाएगी, जो कचरे को उपयोगी खाद में बदलेगी और पर्यावरण को भी सुरक्षित रखेगी।
शहरवासियों से अपील — अफवाहों से बचें, सहयोग करें
Durg Nagar Nigam प्रशासन ने शहरवासियों से विशेष अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें। सूखा एवं गीला कचरा अलग-अलग करके देने से स्वच्छता अभियान को बड़ी मदद मिलती है।
निगम का लक्ष्य है कि दुर्ग को स्वच्छ सर्वेक्षण में शीर्ष स्थान दिलाया जाए। इसके लिए नागरिकों की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।
Durg Nagar Nigam ने Mission Clean City के तहत 44 करोड़ के बजट, 8 नए SLRM सेंटरों की स्वीकृति, Zero Waste नीति और नए प्रोसेसिंग प्लांट की निविदा के साथ दुर्ग को एक स्वच्छ और स्मार्ट शहर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। शहरवासियों का सहयोग और जागरूकता इस अभियान की असली ताकत है।
