Skip to main content

4thnation

Chhattisgarh Rural Tourism: गांवों की बदलेगी तस्वीर

Today 11-10-2026 | रायपुर। Chhattisgarh Rural Tourism यानी छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने नई पहल की है। इसका उद्देश्य प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति, लोककला और ग्रामीण जीवनशैली को देश-दुनिया के पर्यटकों तक पहुंचाने के साथ गांवों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना है।

छत्तीसगढ़ में घने जंगल, पहाड़, नदियां, जलप्रपात और समृद्ध आदिवासी परंपराएं पर्यटन की बड़ी ताकत हैं। विशेष रूप से बस्तर अपनी प्राकृतिक खूबसूरती, विशिष्ट संस्कृति और अतिथि सत्कार के लिए जाना जाता है। सरकार इन खूबियों को ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़कर स्थानीय लोगों की आय बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है। इसके साथ जनजातीय क्षेत्रों में होमस्टे को प्रोत्साहित करने और ग्रामीण पर्यटन में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित करने के लिए योजनाएं बनाई गई हैं।

देश-दुनिया और अपराध जगत की ताजा खबरों के लिए 4thnation WhatsApp Channel से जुड़ें

चेन्दरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार से मिलेगी पहचान

ग्रामीण पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार ने चेन्दरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार शुरू किया है। यह पुरस्कार बस्तर के प्रसिद्ध ‘टाइगर बॉय’ चेन्दरू मंडावी की स्मृति में शुरू किया गया है। चेन्दरू अपनी बाघ ‘टेंबू’ के साथ दोस्ती और स्वीडिश फिल्म ‘जंगल सागा’ से अंतरराष्ट्रीय पहचान हासिल कर चुके थे।

इस पुरस्कार का उद्देश्य उन व्यक्तियों और संस्थाओं को पहचान देना है, जो ग्रामीण पर्यटन, लोककला, हस्तशिल्प और प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं।

पुरस्कार के तहत चयनित विजेता को एक लाख रुपये की नकद राशि और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक की अध्यक्षता वाली छह सदस्यीय ज्यूरी विजेताओं का चयन करेगी। सम्मान राज्योत्सव के मंच पर दिया जाएगा और विजेता के कार्यों पर सचित्र स्मारिका जारी करने का भी प्रावधान बताया गया है।

यह भी पढ़ें: सारंगढ़ की Atal Arogya Lab में चार महीने में 86,975 मुफ्त जांचें

Screenshot 2026 10 11 105815 scaled

होमस्टे नीति से Chhattisgarh Rural Tourism को बढ़ावा

छत्तीसगढ़ की होमस्टे नीति 2025-30 ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसके तहत परिवार अपने घरों को पर्यटकों के ठहरने की सुविधा में बदलकर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकेंगे।

होमस्टे में पर्यटक स्थानीय परिवारों के साथ रहकर पारंपरिक भोजन, लोककला, हस्तशिल्प और ग्रामीण जीवनशैली को करीब से समझ सकेंगे। खेत-खलिहान, पारंपरिक घर और स्थानीय रीति-रिवाज उनके लिए अलग अनुभव बन सकते हैं।

नीति के तहत नए होमस्टे स्थापित करने और मौजूदा घरों को बेहतर बनाने के लिए वित्तीय सहायता का प्रावधान है। संचालकों को आतिथ्य, स्वच्छता और व्यवसाय संचालन का प्रशिक्षण देने पर भी ध्यान दिया जाएगा।

इस व्यवस्था से ग्रामीण परिवारों, महिला स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय कारीगरों को आर्थिक लाभ पहुंचने की संभावना है। बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों के साथ मैदानी गांवों में भी पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।

Join 4thnation channel: https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j

पर्यटन को उद्योग का दर्जा, निवेश को प्रोत्साहन

राज्य की औद्योगिक नीति 2024-2030 में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है। इससे पर्यटन परियोजनाओं को निर्धारित शर्तों के अनुसार पूंजी निवेश पर प्रोत्साहन और अन्य सुविधाएं मिल सकती हैं।

सरकार पर्यटन से जुड़ी आधारभूत संरचना, सड़क संपर्क, ठहरने की व्यवस्था और पर्यटक सेवाओं को मजबूत करने पर भी ध्यान दे रही है। इको-टूरिज्म, होमस्टे और ग्रामीण पर्यटन सुविधाओं के विकास से कम प्रसिद्ध स्थानों को नई पहचान मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के अनुसार, इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड ने छत्तीसगढ़ में निवेश की इच्छा जताई है। ऐसे निवेश से पर्यटन अधोसंरचना मजबूत करने और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

बस्तर दशहरा से बढ़ेगा पर्यटन आकर्षण

बस्तर का दशहरा अपनी विशिष्ट परंपराओं और लगभग 75 दिनों तक चलने वाले आयोजन के लिए प्रसिद्ध है। यह पर्व स्थानीय संस्कृति को समझने और जनजातीय परंपराओं से परिचित होने का अवसर देता है।

बारिश के बाद बस्तर के हरे-भरे जंगल, पहाड़ और प्राकृतिक स्थल पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। दशहरा और दीपावली जैसे अवसरों पर पर्यटकों की आवाजाही से स्थानीय कारोबार को फायदा मिल सकता है।

ग्रामीण पर्यटन के विस्तार से पर्यटकों को केवल प्रमुख पर्यटन स्थलों तक सीमित रहने के बजाय आसपास के गांवों, स्थानीय व्यंजनों, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक गतिविधियों का अनुभव भी मिल सकता है।

देश-दुनिया और अपराध जगत की ताजा खबरों के लिए 4thnation WhatsApp Channel से जुड़ें

Screenshot 2026 10 11 105823 scaled

युवाओं और महिला समूहों के लिए रोजगार के अवसर

Chhattisgarh Rural Tourism के जरिए गांवों के युवाओं को अपने क्षेत्र में ही पर्यटन उद्यम शुरू करने का अवसर मिल सकता है। होमस्टे, टूर गाइड, स्थानीय परिवहन, पारंपरिक भोजन और हस्तशिल्प से जुड़े काम आय के नए स्रोत बन सकते हैं।

राज्य की नीति में पर्यटन संबंधी बुनियादी सुविधाएं विकसित करने वाले युवाओं और स्वयं सहायता समूहों के लिए पूंजी सब्सिडी, ब्याज अनुदान और सिंगल-विंडो क्लीयरेंस जैसी सुविधाओं का प्रावधान बताया गया है। आतिथ्य, टूर गाइडिंग और डिजिटल मार्केटिंग का प्रशिक्षण भी युवाओं के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।

हालांकि, योजनाओं का वास्तविक लाभ पात्रता, लागू नियमों और उपलब्ध सहायता पर निर्भर करेगा। स्थानीय समुदायों की भागीदारी और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण ग्रामीण पर्यटन के दीर्घकालिक विकास के लिए जरूरी होगा।

पर्यटन से गांवों को मिलेगी नई पहचान

Chhattisgarh Rural Tourism राज्य की प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध संस्कृति को स्थानीय आर्थिक विकास से जोड़ने का अवसर है। चेन्दरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार, होमस्टे नीति और पर्यटन को उद्योग का दर्जा देने जैसे कदम गांवों में रोजगार, स्वरोजगार और सांस्कृतिक संरक्षण को प्रोत्साहित कर सकते हैं। प्रभावी क्रियान्वयन, बेहतर सुविधाओं और स्थानीय लोगों की भागीदारी से छत्तीसगढ़ ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *