Chhattisgarh में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। प्रदेश के 6 जिलों में आज Orange Alert और 15 जिलों में Yellow Alert जारी किया गया है। मौसम विभाग ने कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। हालांकि, 2 सितंबर से बारिश की तीव्रता में कमी आने के आसार हैं।
पिछले 24 घंटों में सरगुजा और रायपुर संभाग के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। बलरामपुर जिले के चांदो में सबसे ज्यादा 290 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई।
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Chhattisgarh में 6 जिलों में Orange Alert
मौसम की स्थिति को देखते हुए Chhattisgarh के छह जिलों के लिए Orange Alert जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में भारी बारिश की स्थिति में स्थानीय स्तर पर जलभराव, नदी-नालों के जलस्तर बढ़ने और आवागमन प्रभावित होने जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं।
वहीं, प्रदेश के 15 अन्य जिलों में Yellow Alert है। मौसम विभाग की चेतावनी के बीच प्रशासन और लोगों को संवेदनशील इलाकों में सावधानी बरतने की जरूरत है।
बारिश की मौजूदा गतिविधि मुख्य रूप से सरगुजा और रायपुर संभाग के कुछ हिस्सों में ज्यादा प्रभावी रही है। आने वाले 24 घंटे भी कई क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे।
Chhattisgarh में कहां कितनी बारिश हुई?
पिछले 24 घंटे के आंकड़ों में बलरामपुर के चांदो में 290 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा MCB जिले के कोटाडोल में 168 मिमी और शंकरगढ़ में 120 मिमी बारिश हुई।
रायपुर शहर में भी 131 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। भारी बारिश के कारण कई इलाकों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है और निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।
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पुलिया टूटने से मुख्य मार्ग बंद
भारी बारिश का असर सड़क संपर्क पर भी पड़ा है। MCB जिले के कोटाडोल में लगातार बारिश के कारण खिरकी नाला की पुलिया टूट गई।
पुलिया टूटने से कोटाडोल को मध्यप्रदेश से जोड़ने वाला मुख्य मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। इससे स्थानीय लोगों और दूसरे क्षेत्रों से आने-जाने वाले वाहनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लगातार बारिश के बीच नदियों और नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी की संभावना बनी हुई है। ऐसे में प्रशासन की ओर से प्रभावित मार्गों पर निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था महत्वपूर्ण हो जाती है।
Chhattisgarh में मानसून का कोटा पूरा होने के करीब
प्रदेश में इस मानसून सीजन अब तक अच्छी बारिश हुई है। 1 जून से 31 अगस्त 2026 तक Chhattisgarh में 917.1 मिमी यानी करीब 36.1 इंच बारिश दर्ज की गई है।
इस अवधि में सामान्य बारिश का आंकड़ा 933.2 मिमी यानी 36.7 इंच माना जाता है। इस हिसाब से प्रदेश में अब तक सामान्य से सिर्फ 16.1 मिमी बारिश कम हुई है, जो लगभग 2 प्रतिशत कम है।
सितंबर में कितनी बारिश की जरूरत?
पूरे मानसून सीजन यानी जून से सितंबर तक Chhattisgarh में औसतन 1132.3 मिमी यानी 44.6 इंच बारिश होती है। 31 अगस्त तक दर्ज बारिश को देखते हुए इस सामान्य आंकड़े तक पहुंचने के लिए सितंबर में करीब 215.3 मिमी यानी 8.5 इंच बारिश की जरूरत होगी।
इसलिए सितंबर में होने वाली बारिश प्रदेश के कुल मानसूनी आंकड़े के लिए काफी महत्वपूर्ण रहेगी।
सितंबर में बारिश को लेकर IMD का अनुमान
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, सितंबर 2026 में देशभर में बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है। विभाग के अनुमान के मुताबिक, महीने की बारिश दीर्घकालिक औसत (LPA) के 91 प्रतिशत से कम रह सकती है।
सितंबर में देश में सामान्य बारिश का LPA 167.9 मिमी है। ऐसे में बारिश की गतिविधि में संभावित कमी का असर देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग हो सकता है।
मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों और स्थानीय पूर्वानुमान पर नजर रखना जरूरी होगा, खासकर उन क्षेत्रों में जहां पहले ही भारी बारिश हो चुकी है।
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Chhattisgarh में अगस्त में गर्मी का रिकॉर्ड असर
बारिश के बावजूद अगस्त 2026 में देश के तापमान ने नया रिकॉर्ड बनाया। IMD के अनुसार, अगस्त में देश का औसत तापमान 28.01 डिग्री सेल्सियस रहा, जो 1901 के बाद अगस्त महीने का सबसे अधिक औसत तापमान है।
अगस्त का सामान्य औसत तापमान 27.34 डिग्री सेल्सियस है। इसके अलावा रात का औसत तापमान भी 24.36 डिग्री सेल्सियस रहा, जो 1901 के बाद अगस्त में सबसे अधिक दर्ज किया गया।
इस तरह एक तरफ कई राज्यों में भारी बारिश का दौर देखने को मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर देश के औसत तापमान में असामान्य बढ़ोतरी मौसम के बदलते पैटर्न को रेखांकित करती है।
Chhattisgarh में फिलहाल भारी बारिश का दौर जारी है और 6 जिलों में Orange तथा 15 जिलों में Yellow Alert लोगों के लिए महत्वपूर्ण चेतावनी है। बलरामपुर में 290 मिमी बारिश और MCB में पुलिया टूटने की घटना बारिश की तीव्रता को दर्शाती है। हालांकि, प्रदेश की कुल मानसूनी बारिश सामान्य आंकड़े से केवल 2 प्रतिशत कम है और सितंबर में करीब 215.3 मिमी बारिश होने पर सीजन का सामान्य कोटा पूरा होने के करीब पहुंच सकता है। 2 सितंबर से बारिश की तीव्रता घटने की संभावना के बीच लोगों को मौसम विभाग के स्थानीय अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।
