Bakrid Guidelines 2026 के तहत आज छत्तीसगढ़ में ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का त्योहार मनाया जा रहा है। त्योहार के दौरान कानून व्यवस्था, सामाजिक सौहार्द और स्वच्छता बनाए रखने के लिए राज्यभर में सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।
छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने साफ कहा है कि खुले स्थानों पर कुर्बानी, तेज आवाज में DJ और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीमें पूरे राज्य में निगरानी कर रही हैं।
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Bakrid Guidelines 2026 में खुले में कुर्बानी पर रोक
छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि सार्वजनिक स्थानों, सड़कों, मैदानों और खुले इलाकों में कुर्बानी की अनुमति नहीं होगी।
कुर्बानी केवल अधिकृत स्लॉटर हाउस या निजी परिसरों के अंदर ही की जा सकेगी।
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प्रशासन ने क्यों लिया फैसला
प्रशासन का कहना है कि यह फैसला स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने और अन्य समुदायों की भावनाओं का सम्मान करने के उद्देश्य से लिया गया है।
नगर निगम की टीमों को भी सफाई व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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DJ और तेज आवाज वाले कार्यक्रमों पर सख्ती
Bakrid Guidelines 2026 के तहत DJ और तेज आवाज में साउंड सिस्टम बजाने पर भी प्रशासन सख्त नजर आ रहा है।
Salim Raj ने कहा कि तय साउंड लिमिट से ज्यादा आवाज में DJ बजाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस और निगम की संयुक्त निगरानी
त्योहार के दौरान पुलिस और नगर निगम की टीमें लगातार मॉनिटरिंग करेंगी। नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
वक्फ बोर्ड के मुताबिक नियमों का उल्लंघन करने पर 50 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
Bakrid Guidelines 2026 के तहत शिफ्ट में होगी नमाज
ईद-उल-अजहा की नमाज को लेकर भी समय निर्धारित किया गया है। राज्यभर की मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज सुबह 6 बजे से 11 बजे के बीच अदा की जाएगी।
ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था पर फोकस
प्रशासन का कहना है कि अलग-अलग शिफ्ट में नमाज कराने से भीड़ नियंत्रण और ट्रैफिक व्यवस्था संभालने में आसानी होगी।
पिछले साल से भी इसी तरह शिफ्ट में नमाज की व्यवस्था लागू की जा रही है।
वक्फ बोर्ड ने पालन को लेकर क्या कहा
Chhattisgarh Waqf Board के अध्यक्ष सलीम राज ने कहा कि राज्यभर में जारी दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन हो रहा है।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में अब सड़कों पर नमाज पढ़ने जैसी स्थिति नहीं है और समाज के लोग प्रशासन के साथ सहयोग कर रहे हैं।
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रायगढ़ में 1.50 लाख तक के बकरों की खरीदारी
Bakrid Guidelines 2026 के बीच रायगढ़ में बकरीद को लेकर बाजारों में जबरदस्त रौनक देखने को मिली।
समाज के लोगों ने एक महीने पहले से ही बकरों की खरीदारी शुरू कर दी थी।
पंजाब और ओडिशा से मंगाए गए बकरे
रायगढ़ में पंजाब की बीटल नस्ल समेत ओडिशा और आसपास के जिलों से भी बकरे मंगाए गए हैं।
कई बकरों की कीमत 1 लाख से 1.50 लाख रुपए तक बताई जा रही है।
खास नस्ल के बकरों की बढ़ी मांग
बीड़पारा निवासी शानू खान ने बताया कि उन्होंने करीब 6 महीने पहले पंजाब से बीटल नस्ल का बकरा मंगवाया था।
इन बकरों को हरी सब्जियां, चना और पौष्टिक चारा दिया जा रहा है ताकि वे स्वस्थ रहें।
Bakrid Guidelines 2026 का सामाजिक असर
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे दिशा-निर्देश सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में मदद करते हैं।
खुले में कुर्बानी और तेज आवाज वाले आयोजनों पर नियंत्रण से स्वच्छता और कानून व्यवस्था बेहतर बनी रहती है।
इसके साथ ही प्रशासन और समाज के बीच समन्वय भी मजबूत होता है।
Bakrid Guidelines 2026 के जरिए छत्तीसगढ़ प्रशासन ने त्योहार को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने की तैयारी की है। खुले में कुर्बानी, DJ और भीड़ नियंत्रण को लेकर जारी दिशा-निर्देशों का असर राज्यभर में देखने को मिल रहा है।
रायगढ़ समेत कई जिलों में बकरीद को लेकर उत्साह भी दिखाई दे रहा है, जहां महंगे और खास नस्ल के बकरों की खरीदारी की गई है। अब प्रशासन की कोशिश है कि त्योहार पूरी तरह सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हो।
