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मां महामाया एयरपोर्ट का उन्नयन कार्य प्रगति पर, संभागायुक्त अलंग ने कलेक्टर साथ लिया जायजा

अंबिकापुर (छत्तीसगढ़)। सरगुजा कमिश्नर डॉ संजय कुमार अलंग ने कलेक्टर कुन्दन कुमार के साथ दरिमा सड़क नवीनीकरण कार्य, मां महामाया एयरपोर्ट, जल जीवन मिशन कार्य तथा धान उपार्जन केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने मां महामाया एयरपोर्ट में चल रहे उन्नयन कार्य का अवलोकन कर रन-वे का कार्य इसी दिसम्बर माह तक पूरा कराने के निर्देश लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को दिए। उन्होंने उपार्जन केन्द्रों में किसानों द्वारा बिक्री के लिये लाये जा रहे धान की नमी की जांच हेतु सभी उपार्जन केन्द्रों में सेंसरयुक्त आर्दतामापी यंत्र उपलब्ध कराते हुए नमी जांच  के निर्देश दिए।

कमिशनर ने एयरपोर्ट के उन्नयन कार्य की अब तक कि प्रगति, विस्तार तथा लागत इत्यादि की जानकारी अधिकारियो से ली। उन्होंने अधिकारियों को नियमियत निरीक्षण करने तथा कंसल्टेंट के तकनीकी सपोर्ट के साथ समय पर काम पूरा कराने के निर्देश दिए। टर्मिनल बिलिं्डग के कार्य मे प्रगति लाने के लिए भी उन्होंने जरूरी निर्देश दिए।

बताया गया कि अभी रन-वे में डामरीकरण अंतर्गत पहले लेयर का काम चल रहा है। डामरीकरण में सीआरएमबी बीजी-40 डामर का प्रयोग किया जा रहा है  जो तापमान के अनुसार सामंजस्य कर लेता है। टर्मिनल बिल्डिंग का उन्नयन कार्य करीब एक करोड़ 15 लाख रुपये की लागत से की जाएगी।

पर्यटन स्थल है लेकिन काम करना पड़ेगा
कमिशनर ने दरिमा के जूनापारा मे लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा किये जा  रहे जल जीवन मिशन अंतर्गत नल -जल के कार्य का निरीक्षण किया। नल में पानी सप्लाई की जांच की  और जंक्शन पाईप तथा टंकी निर्माण के बारे मे अधिकारियो से पूछताछ की। जल जीवन मिशन के तहत नल-जल कार्य की धीमी प्रगति पर विभाग के कार्यपालन अभियंता पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि सरगुज़ा बेशक पर्यटन स्थल है इसका मतलब यह नही की भ्रमण में ही व्यस्त रहें जो काम दिया जाता है उसे समय पर पूरा करना भी होता है। उन्होंने अब तक टेंडर लगाने में हुई देरी पर भी नाराजगी जाहिर करते हुए शीघ्र टेंडर लगाने के निर्देश दिए।
नोडल अधिकारी नहीं बता पाए धान की गुणवत्ता
कमिश्नर डॉ अलंग ने उपार्जन केंद्र करजी के निरीक्षण के दौरान किसानों से खरीदे गए धान की गुणवत्ता का अवलोकन किया। उन्होंने गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर उपार्जन केंद्र के नोडल अधिकारी को समक्ष बुलाकर गुणवत्ता जांच करने कहा जिस पर नोडल अधिकारी द्वारा धान की गुणवत्ता बात पाने में असमर्थता जताई गई। इस पर कमिश्नर ने कहा कि सबसे पहले नोडल अधिकारियो को धान को पहचाना  जरूरी है। जब तक  यह जानकारी नही होगी कि धान मिश्रित हैए फंगस युक्त है या मोटा. पतला  मिलावट है तब तक गुणवत्ता की ठीक से  जांच संभव नही है। उन्होंने समिति प्रबंधक को पारदर्शी व किसानों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए खरीदी करने के निर्देश  दिए। इस दौरान अपर कलेक्टर एएल ध्रुव, उपायुक्त विकास महावीर राम, एसडीएम प्रदीप साहु सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।