Chinmay Sutar ने रणजी ट्रॉफी प्लेट ग्रुप मुकाबले में नाबाद 400 रन बनाकर भारतीय क्रिकेट में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। मिजोरम की ओर से खेलते हुए उन्होंने सोमवार को नागालैंड के सोविमा में नागालैंड के खिलाफ मैच के दूसरे दिन यह मुकाम हासिल किया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, वह प्रथम श्रेणी क्रिकेट में एक पारी में 400 रन बनाने वाले दूसरे भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं।
चिन्मय सुतार ने अपनी शानदार पारी में 517 गेंदों का सामना किया और 46 चौके तथा सात छक्के लगाए। उनकी बल्लेबाजी की बदौलत मिजोरम ने पहली पारी में नौ विकेट पर 581 रन बनाकर पारी घोषित कर दी।
Chinmay Sutar की 400 रन की ऐतिहासिक पारी
मिजोरम के बल्लेबाज Chinmay Sutar ने नागालैंड के खिलाफ लंबे समय तक क्रीज पर टिककर बल्लेबाजी की। उनकी 400 रन की नाबाद पारी धैर्य, निरंतरता और बड़े स्कोर बनाने की क्षमता का उदाहरण बनी।
उन्होंने 517 गेंदों में 46 चौके और सात छक्के लगाए। इस पारी में चौकों की संख्या बताती है कि सुतार ने रन बनाने के लिए लगातार आक्रामक शॉट भी खेले, जबकि लंबी पारी के लिए जरूरी एकाग्रता बनाए रखी।
सुतार इससे पहले विजय हजारे ट्रॉफी में मुंबई की ओर से खेल चुके हैं। बाद में वह मिजोरम की टीम से जुड़े। नागालैंड के खिलाफ यह प्रदर्शन उनके प्रथम श्रेणी करियर की सबसे उल्लेखनीय उपलब्धियों में शामिल हो गया है।
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दसवें विकेट के लिए Chinmay Sutar की 189 रन की साझेदारी
इस पारी का सबसे खास पहलू आखिरी विकेट के लिए बनी साझेदारी भी रही। जब अंतिम बल्लेबाज लालरेमपुइया छकछुआक क्रीज पर आए, तब सुतार 231 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे और मिजोरम का स्कोर 392 रन था।
इसके बाद दोनों बल्लेबाजों ने दसवें विकेट के लिए 189 रन जोड़े। इस साझेदारी में सुतार ने अकेले 169 रन बनाए, जबकि छकछुआक 14 रन बनाकर नाबाद रहे।
आखिरी विकेट के लिए इतनी बड़ी साझेदारी ने मिजोरम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सुतार ने इस दौरान अपना व्यक्तिगत स्कोर 231 से बढ़ाकर 400 रन तक पहुंचाया।
भारतीय क्रिकेट में इससे पहले किसने बनाए थे 400 रन?
प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 400 रन का आंकड़ा पार करने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज भाऊसाहेब बाबासाहेब निंबालकर थे। उन्होंने 1948 में महाराष्ट्र की ओर से काठियावाड़ के खिलाफ नाबाद 443 रन बनाए थे।
निंबालकर की पारी भारतीय प्रथम श्रेणी क्रिकेट के ऐतिहासिक प्रदर्शनों में गिनी जाती है। अब चिन्मय सुतार ने 400 रन बनाकर इस विशिष्ट उपलब्धि की सूची में अपना नाम दर्ज कराया है।
सुतार का 400 रन पर नाबाद रहना भी उल्लेखनीय है। उनकी पारी ने मिजोरम को पहली पारी में 581 रन तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई।
प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 400 रन बनाने वाले दिग्गज
विश्व क्रिकेट में कई महान बल्लेबाज एक पारी में 400 या उससे अधिक रन बना चुके हैं। इस सूची में वेस्टइंडीज के ब्रायन लारा, ऑस्ट्रेलिया के डॉन ब्रैडमैन और पाकिस्तान के हनीफ मोहम्मद जैसे दिग्गज शामिल हैं।
प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उल्लेखनीय 400-प्लस स्कोर इस प्रकार हैं:
- ब्रायन लारा: वार्विकशायर की ओर से डरहम के खिलाफ 1994 में नाबाद 501 रन। यह प्रथम श्रेणी क्रिकेट का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है।
- हनीफ मोहम्मद: कराची के लिए 1959 में 499 रन।
- डॉन ब्रैडमैन: न्यू साउथ वेल्स के लिए 1930 में नाबाद 452 रन।
- बिल पॉन्सफोर्ड: विक्टोरिया के लिए 1923 में 429 और 1927 में 437 रन।
- आफताब बलोच: सिंध के लिए 1974 में 428 रन।
- सैम नॉर्थईस्ट: ग्लैमरगन के लिए 2022 में नाबाद 410 रन।
- ग्रेम हिक: वॉर्सेस्टरशायर के लिए 1988 में नाबाद 405 रन।
- ब्रायन लारा: वेस्टइंडीज के लिए 2004 में नाबाद 400 रन।
यह सूची बताती है कि प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 400 रन बनाना कितना दुर्लभ है। अलग-अलग दौर और परिस्थितियों में ऐसे स्कोर बनाने वाले बल्लेबाज क्रिकेट इतिहास में खास पहचान रखते हैं।
मिजोरम की पारी 581/9 पर घोषित
Chinmay Sutar की नाबाद 400 रन की पारी के बाद मिजोरम ने अपनी पहली पारी नौ विकेट पर 581 रन बनाकर घोषित की। नागालैंड के खिलाफ प्लेट ग्रुप के इस मुकाबले में मिजोरम को बड़ा स्कोर खड़ा करने में सुतार की भूमिका निर्णायक रही।
Chinmay Sutar ने रणजी ट्रॉफी में 400 रन बनाकर भारतीय प्रथम श्रेणी क्रिकेट में एक दुर्लभ उपलब्धि हासिल की है। 517 गेंदों पर नाबाद 400 रन और दसवें विकेट के लिए 189 रन की साझेदारी उनकी पारी को और खास बनाती है। उनका यह प्रदर्शन मिजोरम क्रिकेट के लिए भी एक यादगार उपलब्धि है।
