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मनरेगा से पंचायतों की कच्ची सड़कों का हो रहा कायाकल्प

बीजापुर (छत्तीसगढ़)। जिले में ग्राम पंचायतों के भीतर कच्ची सड़के और ग्रामों को आपस में जोड़ने वाली मिट्टी की सड़कों के दूरुस्त करने की मांग ग्रामीणों द्वारा आती रहती हैं। सड़कों के खराब होने के चलते ग्रामीणों को आवागमन की समस्या हमेशा बनी रहती है। इन सड़कों के खराब होने के चलते रोजमर्रा के क्रियाकलाप, दैनिक उपयोगी सामग्री, कृषि उपकरण और खाद-बीज बाहर से लाने अथवा ले जाने में किसानों ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है साथ ही पशुधन को भी नुकसान होने का खतरा बराबर बना रहता है।

स्वास्थ्य सुविधाओं के लिहाज से जरूरतमंद, बुजुर्ग एवं आपातकालीन मरीजों को अस्पताल तक लाने-लेजाने एम्बुलेस सुविधा की घर पहुंच सेवा के लिए सड़कों की आवश्कता महमूस की जाती रही हैं। इन्हीं सभी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन की पहल से मनरेगा अंतर्गत जिले में कुल 54 द्वितीय श्रेणी सड़क निर्माण स्वीकृत किए गए हैं।

द्वितीय श्रेणी सड़क निर्माण कार्य में महात्मा गांधी नरेगा योजना से कुल 4 करोड़ 69 हजार रूपये स्वीकृत किये गए हैं। सामग्री की राशि जिला खनिज न्यास निधि से स्वीकृत किये गए हैं। इस कार्य में जिले में लगभग 2 लाख 30 हजार मानव दिवस सृजित होंगे। वर्तमान मनरेगा मजदूरी दर 204 रूपये प्राप्त कर ग्रामीण जाबकार्डधारी श्रमिक गांव में ही रोजगार पा सकते हैं।