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कलेक्टर पहुंचे तहसील कार्यालय, आवेदनों के निराकरण की लेटलतीफी पर जताई नाराजगी

दुर्ग (छत्तीसगढ़)। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे आज औचक निरीक्षण पर दुर्ग तहसील आफिस पहुंचे। यहां उन्होंने कार्यालय के सभी रीडरों से प्रकरणों की स्थिति की जानकारी ली। कलेक्टर ने टेबल पर मौजूद फाइलें और अल्मारी में रखी फाइलें दोनों देखीं। इस दौरान आवेदनों के निराकरण प्रक्रिया में लेटलतीफ किए जाने पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने संबंधित रीडर को नोटिस जारी करने तथा डिप्टी कलेक्टरों को रोटेशन में तहसील कार्यालय का औचक निरीक्षण किए जाने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने तहसील कार्यालय में लगभग एक घंटे का निरीक्षण किया। एक टेबल में कुछ फाइल ऐसी रखी थी, जिन्हें तीन दिन हो गए थे और जिन्हें पंजीकृत कर अग्रेषित नहीं किया गया था। रीडर पर सख्त नाराजगी जाहिर करते हुए कलेक्टर ने इन्हें नोटिस देने के निर्देश एसडीएम विनय पोयाम को दिये। उन्होंने कहा कि राजस्व आवेदनों के निराकरण में एक-एक दिन बेहद महत्वपूर्ण है और तहसीलदारों की जिम्मेदारी हैं कि यह देखें कि प्रक्रिया में एक दिन का विलंब भी नहीं हो। डिप्टी कलेक्टर्स इसकी नियमित मानिटरिंग करते रहें। निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना, संयुक्त कलेक्टर प्रवीण कुमार भी उपस्थित थे। कलेक्टर ने कहा कि डिप्टी कलेक्टर्स रोटेशन सिस्टम के आधार पर तहसील कार्यालयों का औचक निरीक्षण करेंगे। उन्होंने कहा कि निरीक्षण केवल प्रकरणों के निराकरण से संबंधित पूछताछ तक सीमित नहीं होना चाहिए। आप बस्ता निकालिये, अल्मारी देखिये। हर प्रकरण पर नजर डालिये। देखिये प्रकरणों के निराकरण की दिशा में किस तरह से कार्य हो रहा है। प्रकरणों में निर्णय लेने में कितना समय लग रहा है। यदि किसी तरह की दिक्कत हो तो इसका कारण दर्ज करें ताकि इसे दुरूस्त करने की प्रक्रिया शुरू की जा सके। उन्होंने परिसर में मौजूद सभी कोर्ट में प्रकरणों के निराकरण की स्थिति की समीक्षा जानी। इस पर एसडीएम श्री विनय पोयाम ने विस्तार से आवेदनों के निराकरण की प्रगति की समीक्षा की। बता दें कि दो दिन पूर्व हुई समीक्षा बैठक में भी कलेक्टर ने रोटेशन के आधार पर तहसील कार्यालयों के निरीक्षण के निर्देश अधिकारियों को दिये हैं जिसके बाद रोटेशन चार्ट बनाया गया है। कलेक्टर ने कहा कि निरीक्षण के पश्चात इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। जहां पर आवेदनों के निपटारे में लापरवाही दिखती है वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आवेदन निराकरण की समयसीमा करें निर्धारित
कलेक्टर ने उपस्थित तहसीलदारों से कहा कि जिस दिन भी आवेदन आए, उसे पंजीकृत कर तत्काल निराकरण की समयसीमा तय कर दें एवं इसकी मानिटरिंग की समीक्षा करते रहें। लगातार मानिटरिंग से आवेदनों का तीव्र निराकरण संभव हो पाएगा। रीडरों को उन्होंने कहा कि आपके पास जैसे ही आवेदन आते हैं उन्हें उसी दिन दर्ज करें और इस पर कार्रवाई आरंभ कराएं। लोग बहुत मुश्किल से अपना समय निकालकर आते हैं। जितनी तेजी से कार्य होगा, हम लोगों की संतुष्टि के पैमाने पर उतना ही अधिक खरे उतर पाएंगे।
सफाई की ड्राइव हो
कलेक्टर ने साफसफाई की नियमित मानिटरिंग के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि साफसफाई के लिए विशेष ड्राइव होती रहनी चाहिए। उन्होंने पुरानी फाइलों को बेहतर तरीके से मेंटेन करने के निर्देश दिये। साथ ही इनका बेहतर रिकार्ड रखने के लिए विधिवत फाइलिंग करने भी निर्देशित किया ताकि जरूरत के वक्त बिना समय खोये इन तक तुरंत पहुंचा जा सके।