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पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव का 75 साल की उम्र में निधन

पटना (बिहार)। पूर्व केंद्रीय मंत्री और बिहार के दिग्गज समाजवादी नेता शरद यादव का लंबी बीमारी के बाद गुरुवार देर शाम 75 साल की उम्र में निधन हो गया। उनकी बेटी सुभाषिनी यादव ने सोशल मीडिया पर इस खबर की पुष्टि की। उन्होंने फेसबुक पर लिखा, “पापा अब नहीं रहे।” शरद यादव लंबे समय से बीमार थे और गुरुग्राम के फोर्टिस अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था।

शरद यादव को बिहार के सबसे सम्मानित समाजवादी नेताओं में से एक माना जाता था। उनमें गजब की राजनीतिक समझ है। उन्हें राज्य की राजनीति में एक महान क्यूरेटर भी माना जाता था। उन्होंने लालू प्रसाद यादव को बाद के मुख्यमंत्री कार्यकाल के साथ-साथ जब केंद्रीय मंत्री थे, तब कई राजनीतिक सुझाव दिए थे।

उनका राज्यसभा का कार्यकाल जून 2022 में समाप्त हुआ था। इसके बाद वे अपना 7 तुगलक रोड बंगला खाली कर दक्षिणी दिल्ली के छतरपुर इलाके में अपनी बेटी के घर चले गए। शरद यादव अभी राजद से जुड़े हुए थे और उन्होंने कहा था कि तेजस्वी यादव पार्टी और बिहार के भावी नेता हैं। उन्होंने 1999 से 2004 के बीच अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में महत्वपूर्ण केंद्रीय मंत्रालय विभागों सहित अपने राजनीतिक जीवन में कई प्रमुख पदों पर कार्य किया। वह जद-यू में भी शामिल हुए और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने।

शरद यादव अपने राजनीतिक जीवन में सात बार लोकसभा सांसद चुने गए, जिसमें चार बार बिहार के मधेपुरा जिले से और दो बार मध्य प्रदेश के जबलपुर से चुने गए। वह उत्तर प्रदेश के बदायूं से एक बार लोकसभा सांसद भी चुने गए थे। वह पहले सांसद थे जो तीन राज्यों से चुने गए थे। शरद यादव की राजनीति जय प्रकाश नारायण और राम मनोहर लोहिया से प्रेरित थी। देश में आपातकाल के दौरान वे जेल भी गए थे।