Durg News में इस बार रेलवे स्टेशन से एक बड़ी खबर सामने आई है। दुर्ग रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ (Railway Protection Force) ने अवैध वेंडिंग के खिलाफ विशेष अभियान चलाया, जिसमें 15 अनाधिकृत वेंडरों के खिलाफ कार्रवाई की गई और 50,000 रुपए से अधिक की खाद्य सामग्री जब्त की गई।
इस कार्रवाई के दौरान एक और बड़ा खुलासा हुआ — कमर्शियल विभाग की गंभीर लापरवाही। विभाग ने 88 वेंडरों के पहचान पत्र समाप्त होने के बावजूद नए कार्ड जारी नहीं किए, जिससे अवैध वेंडर खुलेआम प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रहे।
यह Durg News न केवल रेलवे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा करती है।
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RPF के विशेष अभियान में क्या-क्या मिला? — Durg News का पूरा ब्यौरा
कल चलाया गया विशेष अभियान
दुर्ग आरपीएफ ने दुर्ग रेलवे स्टेशन में विशेष अभियान चलाकर सभी वेंडरों और स्टॉलों की जांच की।
जांच के दौरान प्लेटफॉर्म पर स्थित स्टॉलों के बाहर बड़ी मात्रा में अवैध रूप से खाद्य सामग्री रखी मिली।
यह सामग्री न केवल नियमों का उल्लंघन था, बल्कि इससे प्लेटफॉर्म पर आने-जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानी हो रही थी।
15 अनाधिकृत वेंडरों पर कार्रवाई
Durg News में यह अहम है कि इस अभियान में 15 अनाधिकृत (अवैध) वेंडरों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
इसके अलावा वाणिज्य विभाग (Commercial Department) ने भी अपने स्तर पर अभियान चलाकर 10 अवैध वेंडरों को पकड़ा और उन्हें RPF के सुपुर्द किया, जिसके बाद उन पर आगे की कार्रवाई की गई।
Durg News: जब्त सामान की पूरी लिस्ट — ₹50,000 से अधिक की खाद्य सामग्री
क्या-क्या जब्त किया गया?
Durg News के इस मामले में RPF द्वारा जब्त की गई सामग्री की सूची इस प्रकार है:
| सामग्री | मात्रा |
|---|---|
| पानी की बोतलें | 2,940 |
| फ्रूटी (Frooti) | 96 |
| चिप्स के पैकेट | 91 |
| केक के पैकेट | 11 |
| केला, अंगूर और खीरे के क्रेट | कई क्रेट |
| जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत | ₹50,000 से अधिक |
सामान पार्सल कार्यालय को सौंपा
जब्त की गई सभी सामग्री को RPF ने रेलवे के पार्सल कार्यालय को सौंप दिया है।
यह Durg News दिखाती है कि दुर्ग स्टेशन पर अवैध वेंडिंग किस बड़े पैमाने पर चल रही थी।
कमर्शियल विभाग की बड़ी लापरवाही — 88 वेंडरों के पहचान पत्र हुए थे समाप्त, नए कार्ड नहीं दिए
Durg News का सबसे चौंकाने वाला खुलासा
Durg News में इस कार्रवाई का सबसे गंभीर पहलू कमर्शियल विभाग की लापरवाही है।
आरपीएफ की जांच में सामने आया कि कमर्शियल विभाग द्वारा स्टॉल संचालन और आवंटन से जुड़े नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही थी।
88 वेंडरों के पहचान पत्र (Identity Cards) समाप्त हो चुके थे, लेकिन कमर्शियल विभाग ने उन्हें नए कार्ड जारी नहीं किए।
अवैध वेंडर खुलेआम सक्रिय रहे
पहचान पत्र न होने के बावजूद ये वेंडर प्लेटफॉर्म पर खुलेआम सक्रिय रहे — और कमर्शियल विभाग ने इसे नजरअंदाज किया।
यह सीधे-सीधे रेलवे के नियमों का उल्लंघन है और इसकी जिम्मेदारी सीधे कमर्शियल विभाग पर आती है।
🔗 Indian Railways Official Website
Durg News: RPF प्रभारी संजीव सिन्हा ने क्या कहा?
दुर्ग RPF प्रभारी का बयान
दुर्ग आरपीएफ प्रभारी संजीव सिन्हा ने इस Durg News पर मीडिया को जानकारी देते हुए बताया:
“रेलवे स्टेशन में विशेष रूप से वेंडरों के खिलाफ अभियान चलाकर जांच की गई। वेंडरों और स्टेशन के स्टॉलों की जांच में सामने आया कि कमर्शियल विभाग की अनदेखी के चलते पहचान पत्र समाप्त होने के बाद भी नए कार्ड जारी नहीं हुए, जिससे अवैध वेंडर प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रहे।”
RPF की आगे की रणनीति
संजीव सिन्हा के बयान से स्पष्ट है कि दुर्ग RPF आगे भी ऐसे अभियान जारी रखेगी।
यह Durg News बताती है कि रेलवे सुरक्षा बल अपने दायित्व के प्रति सजग है, लेकिन कमर्शियल विभाग की लापरवाही के कारण उसके प्रयासों पर पानी फिरता रहा।
यात्रियों को हो रही थी परेशानी — प्लेटफॉर्म पर अवैध कब्जा
आम यात्रियों पर पड़ रहा था सीधा असर
Durg News में यह पहलू भी महत्वपूर्ण है कि इस अवैध वेंडिंग का खामियाजा आम यात्रियों को भुगतना पड़ रहा था।
प्लेटफॉर्म पर स्टॉलों के बाहर बड़ी मात्रा में सामान रखे होने से:
- यात्रियों को आने-जाने में दिक्कत होती थी।
- सामान खरीदने की प्रक्रिया अव्यवस्थित थी।
- प्लेटफॉर्म पर भीड़ और अव्यवस्था बढ़ रही थी।
- आपात स्थिति में भागने का रास्ता भी बाधित हो सकता था।
नियमित यात्री परेशान
दुर्ग रेलवे स्टेशन एक महत्वपूर्ण जंक्शन है जहां रोज हजारों यात्री सफर करते हैं। ऐसे में अवैध वेंडिंग न केवल असुविधा बल्कि सुरक्षा के लिए भी खतरा बन रही थी।
जब्त सामान पार्सल कार्यालय को सौंपा — Durg News में आगे क्या होगी कार्रवाई?
RPF ने की जिम्मेदारी से कार्रवाई
RPF ने इस पूरे अभियान में न केवल अवैध वेंडरों को पकड़ा बल्कि जब्त सामान को विधिवत रेलवे के पार्सल कार्यालय को सौंप दिया।
यह प्रक्रिया रेलवे के नियमों के अनुसार सही तरीके से पूरी की गई।
कमर्शियल विभाग पर क्या होगी कार्रवाई?
Durg News में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि 88 वेंडरों के पहचान पत्र समाप्त होने के बावजूद नए कार्ड न जारी करने की कमर्शियल विभाग की लापरवाही पर क्या कार्रवाई होगी?
यह मामला रेलवे की आंतरिक जवाबदेही का सवाल भी खड़ा करता है।
🔗 Railway Protection Force — Official Website
Durg News की यह रिपोर्ट दुर्ग रेलवे स्टेशन पर व्याप्त अव्यवस्था और कमर्शियल विभाग की गंभीर लापरवाही को उजागर करती है। RPF की सक्रियता और संजीव सिन्हा के नेतृत्व में चलाए गए विशेष अभियान ने 15 अवैध वेंडरों को पकड़ा और ₹50,000 से अधिक की सामग्री जब्त की — यह निश्चित रूप से एक सराहनीय कदम है।
लेकिन असली जरूरत यह है कि कमर्शियल विभाग अपनी जिम्मेदारी निभाए, समय पर पहचान पत्र जारी करे और अवैध वेंडिंग को बढ़ावा देने वाली लापरवाही पर कठोर विभागीय कार्रवाई हो। तभी Durg News में दुर्ग रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को वास्तविक राहत मिल सकेगी। ऐसी हर ताजा Durg News के लिए हमारे साथ जुड़े रहें।
