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बीजापुर में माओवादी हमले में आईईडी ब्लास्ट, सीआरपीएफ के 5 जवान घायल

बीजापुर: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में रविवार सुबह एक माओवादी हमले में सीआरपीएफ के पांच जवान घायल हो गए। यह घटना तब हुई जब जवान सर्च ऑपरेशन पर निकले थे और माओवादियों द्वारा लगाए गए आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) को डिफ्यूज करने की कोशिश कर रहे थे। ब्लास्ट से घायल जवानों को तत्काल इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

यह घटना बीजापुर के थाना तर्रेम क्षेत्र के चिन्नागेलूर कैंप के पास हुई। सीआरपीएफ की 153वीं बटालियन के जवान कैंप से लगभग 350 मीटर की दूरी पर सर्च ऑपरेशन पर थे, जब यह विस्फोट हुआ। रविवार सुबह लगभग 7 बजे के आसपास यह हादसा हुआ, जब जवान डिमाइनिंग ड्यूटी पर थे और तार से जुड़े एक बम को डिफ्यूज करने का प्रयास कर रहे थे।

एक अधिकारी ने जानकारी दी कि जब जवान बम की खोज कर रहे थे, तभी आईईडी में विस्फोट हो गया, जिससे पांच सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। घायल जवानों को तुरंत प्राथमिक चिकित्सा दी गई और उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला मुख्यालय अस्पताल रेफर किया गया।

घटना की गंभीरता और माओवादियों की रणनीति

इस घटना से माओवादी गतिविधियों की बढ़ती गंभीरता सामने आती है। माओवादी गुट अक्सर सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के लिए आईईडी का इस्तेमाल करते हैं, खासकर उन इलाकों में जहाँ नक्सलियों की गतिविधियाँ ज्यादा होती हैं। आईईडी ब्लास्ट की यह घटना माओवादियों की रणनीति का हिस्सा है, जिसमें वे सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने के लिए विस्फोटक उपकरणों का उपयोग करते हैं।

सुरक्षाबलों की त्वरित प्रतिक्रिया

घायल जवानों को तुरंत प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया और उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि उनकी हालत अब स्थिर है और बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए उन्हें अस्पताल में रखा गया है। इस प्रकार की घटनाओं के बावजूद, सुरक्षा बलों ने माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में अपनी गतिविधियों को जारी रखने और नक्सलियों को जड़ से खत्म करने की प्रतिबद्धता जताई है।

सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका

छत्तीसगढ़ के बीजापुर और उसके आसपास के क्षेत्र लंबे समय से माओवादी गतिविधियों का गढ़ रहे हैं। सरकार और सुरक्षा बल लगातार इन इलाकों में माओवादियों के खिलाफ ऑपरेशन चला रहे हैं। हालांकि, माओवादी अक्सर घने जंगलों और पहाड़ी इलाकों का फायदा उठाकर आईईडी जैसे उपकरणों से सुरक्षा बलों को निशाना बनाते हैं।